AI MOM करेगा भूख का इलाज, पेट की ‘गुड़गुड़’ सुनते ही Zomato से कर देगा खाना ऑर्डर, जानें कैसे करता है काम

मंगलुरु के टेक उद्यमी सोहन एम. राय ने एक AI डिवाइस बनाया है जिसका नाम उन्होंने MOM रखा है. यह डिवाइस पेट में गुर्राहट होते ही अपने-आप खाने का ऑर्डर दे देता है. सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे दिलचस्प और मजेदार बताते हुए रिएक्ट किया है.

AI Device MOM: स्टार्टअप फाउंडर और कंटेंट क्रिएटर सोहन एम. राय ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है. वीडियो में वह अपने बनाए एक AI डिवाइस को दिखाते हैं. उनका दावा है कि यह डिवाइस पेट की आवाज सुनकर अपने-आप खाना ऑर्डर कर देता है. वीडियो में वह कहते हैं कि उन्होनें ऐसा डिवाइस बनाया है जो समझ जाता है कि मुझे कब भूख लगी है और Zomato पर ऑटोमैटिक खाना ऑर्डर कर देता है. इसके बाद वह बताते हैं कि उन्होंने यह डिवाइस कैसे तैयार किया, जिसे वह अपनी बेल्ट में भी लगा सकते हैं. आइए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं.

कैसे काम करता है यह AI डिवाइस?  

राय ने अपने इस इन्वेंशन का नाम MOM (Meal Ordering Module) रखा है. उनका कहना है कि जैसे ही यह डिवाइस पेट में होने वाली ‘गुड़गुड़’ की आवाज सुनत है, वैसे ही तुरंत खाने का ऑर्डर प्लेस कर देता है. इस गैजेट को बनाने के लिए उन्होंने कई हार्डवेयर पार्ट्स इस्तेमाल किए, जिनमें से एक स्टेथोस्कोप भी था जो उन्होंने अपनी बहन से उधार लिया था. यह डिवाइस उनकी भूख के स्तर का अंदाजा लगाने के लिए Claude AI का इस्तेमाल करता है.

zikiguy पर शेयर करते हैं टेक से जुड़े कंटेंट

मंगलुरु के रहने वाले सोहन एम राय एक इंस्टाग्राम पेज ‘zikiguy’ चलाते हैं, जहां वह टेक्नोलॉजी से जुड़े तरह-तरह के वीडियो शेयर करते हैं. उनकी LinkedIn बायो के मुताबिक, उन्होंने Sahyadri College of Engineering & Management से बैचलर की पढ़ाई की है. अलग-अलग टेक कंपनियों में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने अपना खुद का स्टार्टअप शुरू किया. इसके साथ ही वह सोशल मीडिया पर लगातार कंटेंट भी बनाते रहते हैं.

बना चुके हैं Drizzle App

पिछले साल उन्होंने Drizzle नाम का एक ऐप बनाया था, जो असल में एक छाता रेंटल प्लेटफॉर्म है. उन्होंने देखा कि अचानक होने वाली बारिश या तेज धूप की वजह से लोगों को अक्सर छाते की जरूरत पड़ती है. इसी समस्या को देखते हुए उन्होंने ऐसा सिस्टम बनाया था, जहां लोग एक जगह से छाता ले सकते हैं और जरूरत खत्म होने पर किसी दूसरी लोकेशन पर वापस कर सकते हैं.

पहले भी हो चुके हैं वायरल

2023 की शुरुआत में भी वो काफी वायरल हुए थे. उस समय उन्होंने Zomato में डिलीवरी बॉय के तौर पर काम करते हुए अपने खुद के बनाए हुए ड्रोन से खाना डिलीवर किया था. वो कहते हैं- मैं चाहता था कि अपनी स्किल्स का सही इस्तेमाल करूं और ऐसा ऑटोनॉमस ड्रोन बनाऊं जो बिना पायलट के सीधे घर तक पिज्जा पहुंचा सके. अभी ये ड्रोन काफी जुगाड़ से बनाया है, लेकिन जब इसे कमर्शियल किया जाएगा तो ये और बेहतर होगा. ये बस एक एक्सपेरिमेंट था, जिसे पूरी सेफ्टी और प्रिकॉशन के साथ किया गया है.

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By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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