ALERT: नया आईफोन आते ही स्कैमर्स सक्रिय, फर्जी वेबसाइट्स से बचने के तरीके जानिए

ऐपल के नए आईफोन लॉन्च के साथ ऑनलाइन ठगी तेज हो गई है. फर्जी साइट्स और सस्ते ऑफर्स के जाल से बचने के आसान तरीके जानें और सुरक्षित खरीदारी करें.

ऐपल के नए आईफोन मॉडल लॉन्च होते ही ऑनलाइन ठगी का सिलसिला तेज हो गया है. लोग नए फोन की उम्मीद में फर्जी वेबसाइट्स और भारी छूट वाले ऑफर्स के जाल में फंस रहे हैं. स्कैमर्स नकली शॉपिंग पेज बनाकर पैसे और व्यक्तिगत जानकारी हथियाने की कोशिश कर रहे हैं. थोड़ी सी सावधानी बरतकर आप इन धोखाधड़ी से बच सकते हैं.

फर्जी वेबसाइट्स कैसे बनाई जा रही हैं

लॉन्च के तुरंत बाद सैकड़ों डोमेन रजिस्टर किए जा रहे हैं जिनमें आईफोन और ऐपल जैसे शब्द शामिल होते हैं. ये साइट्स असली रिटेलर्स जैसी दिखती हैं. प्रोडक्ट की तस्वीरें, स्पेसिफिकेशन और नकली रिव्यू डालकर भरोसा जगाया जाता है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से कंटेंट और डिजाइन को और भी असली जैसा बना दिया जाता है.

सस्ते दाम और जल्दबाजी का जाल

स्कैमर्स सबसे ज्यादा कम कीमत का लालच देते हैं. आधिकारिक कीमत से सैकड़ों पाउंड सस्ता आईफोन दिखाकर लोग जल्दी खरीदने को मजबूर होते हैं. काउंटडाउन टाइमर और सीमित स्टॉक का मैसेज लगाकर जल्दबाजी कराई जाती है. कई पेज आधिकारिक प्री-ऑर्डर शुरू होने से पहले ही बुकिंग लेने लगते हैं, जो साफ खतरे की घंटी है.

भुगतान के तरीकों से पहचानें ठगी

फर्जी साइट्स अक्सर बैंक ट्रांसफर या क्रिप्टोकरेंसी से भुगतान मांगती हैं. इन तरीकों में पैसे वापस मिलने की संभावना बहुत कम होती है. असली रिटेलर्स कार्ड पेमेंट और सुरक्षित गेटवे का इस्तेमाल करते हैं. वेबसाइट पर स्पष्ट पता, कस्टमर केयर नंबर और मान्यता प्राप्त भुगतान विकल्प न हों तो सावधान हो जाएं.

अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें, रहें सुरक्षित

ऐपल की आधिकारिक वेबसाइट या ज्ञात अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदारी करें. अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें. प्रोडक्ट की कीमत, रिलीज डेट और उपलब्धता को ऐपल के आधिकारिक पेज से मिलाकर जांच लें. अगर किसी संदिग्ध साइट पर बैंक डिटेल्स डाल चुके हैं तो तुरंत बैंक से संपर्क करें और पासवर्ड बदल लें.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल 1: फर्जी आईफोन वेबसाइट कैसे पहचानें? जवाब: बहुत सस्ती कीमत, जल्दबाजी वाले ऑफर, बैंक ट्रांसफर या क्रिप्टो पेमेंट और अनजान डोमेन नाम से सावधान रहें.

सवाल 2: प्री-ऑर्डर कब से शुरू हो रहे हैं? जवाब: आईफोन डुओ के प्री-ऑर्डर 16 अक्टूबर से शुरू होने वाले हैं. उससे पहले बुकिंग लेने वाली साइट्स पर भरोसा न करें.

सवाल 3: ठगी हो जाए तो क्या करें? जवाब: तुरंत अपने बैंक को सूचित करें, साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें और प्रभावित पासवर्ड बदल दें.


ये भी पढ़ें: iPhone 18 Pro की बिक्री शुरू: $100 महंगा हुआ Pro मॉडल, लेकिन Siri AI में आए ये बड़े बदलाव

ये भी पढ़ें: iPhone 18 Pro सेल शुरू होते ही सोशल मीडिया पर लगा मीम्स का मेला, '3 इडियट्स' से 'बागबान' तक के डायलॉग्स हुए वायरल

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >