आजकल सोशल मीडिया पर यह बात फैलायी जा रही है कि अगर आप iPhone को एंड्रॉयड वाली Type-C केबल से चार्ज करेंगे तो फोन खराब हो जाएगा. दावा किया जा रहा है कि एंड्रॉयड केबल में मौजूद पिन्स iPhone को नुकसान पहुंचाती हैं. लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है.
Type-C पोर्ट की असली कहानी
सबसे पहले समझिए कि Type-C पोर्ट किसी एक कंपनी की तकनीक नहीं है. इसे USB Implementers Forum (USB-IF) नामक संगठन ने विकसित किया है, जिसमें Apple, Microsoft, Samsung, Intel और Dell जैसी 700 से ज्यादा कंपनियां शामिल हैं. यानी Type-C एक यूनिवर्सल स्टैंडर्ड है, जिसे हर डिवाइस में इस्तेमाल किया जा सकता है.
Apple ने भी सबसे पहले 2015 में अपने MacBook में Type-C पोर्ट दिया था. iPhone में इसे लाने में बस देर कर दी.
पिन्स का झूठा डर
यह कहना कि एंड्रॉयड केबल में पिन्स होती हैं और iPhone वाली में नहीं, गलत है. iPhone की केबल में भी पिन्स होती हैं, बस कम दिखाई देती हैं. फर्क यह है कि Apple की केबल USB 2.0 तक सीमित है, जो सिर्फ चार्जिंग और बेसिक डेटा ट्रांसफर (48Mb/s) करती है.
वहीं एंड्रॉयड वाली केबल USB 3.2 और USB 4 तक सपोर्ट करती है. इससे डेटा ट्रांसफर स्पीड 480Mb/s तक जाती है और आप iPhone को मॉनिटर या SSD से कनेक्ट करके हाई-क्वाॅलिटी ProRes वीडियो शूट कर सकते हैं.
चार्जिंग पर कोई खतरा नहीं
अगर आप सिर्फ चार्जिंग करना चाहते हैं तो iPhone की अपनी केबल भी ठीक है. लेकिन अगर आपको तेज डेटा ट्रांसफर या एडवांस फीचर्स चाहिए तो एंड्रॉयड वाली Type-C केबल इस्तेमाल कर सकते हैं. Apple खुद कहता है कि आप थर्ड-पार्टी केबल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. बस ध्यान रखें कि केबल अच्छी क्वाॅलिटी की हो.
Type-C एक यूनिवर्सल तकनीक
iPhone को एंड्रॉयड वाली Type-C केबल से चार्ज करने पर फोन खराब नहीं होता. यह सिर्फ एक सोशल मीडिया मिथ है. असलियत यह है कि Type-C एक यूनिवर्सल तकनीक है और दोनों डिवाइस में सुरक्षित रूप से इस्तेमाल की जा सकती है.
यह भी पढ़ें: क्यों अब नए स्मार्टफोन्स में हेडफोन जैक नहीं मिलता? जानें कारण
