महंगी हो सकती है गैस, सस्ता होगा इंडक्शन चूल्हा! सरकार कर रही बड़ा बदलाव

सरकार इंडक्शन चूल्हे को सस्ता बनाने के लिए GST 18% से घटाकर 5% करने और कस्टम ड्यूटी कम करने पर विचार कर रही है. गैस संकट के बीच यह बड़ा राहत कदम हो सकता है.

रसोई गैस की बढ़ती कीमतों और सप्लाई को लेकर चिंता के बीच अब सरकार इलेक्ट्रिक विकल्प को सस्ता बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा सकती है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण तेल-गैस सप्लाई प्रभावित होने लगी है, जिसका असर आम लोगों की रसोई तक पहुंच सकता है. ऐसे में इंडक्शन चूल्हे को ज्यादा किफायती और आसानी से उपलब्ध बनाने की तैयारी तेज हो गई है.

क्यों बढ़ रही है इंडक्शन चूल्हे की डिमांड?

पश्चिम एशिया संकट के चलते हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल और गैस के जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है.

इसका असर एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई और कीमतों पर पड़ सकता है. ऐसे में लोग तेजी से इंडक्शन चूल्हे और उससे जुड़े बर्तन खरीदने की ओर बढ़ रहे हैं, क्योंकि यह गैस का सीधा विकल्प बनकर उभर रहा है.

सरकार का बड़ा प्लान: टैक्स में राहत

सरकार इंडक्शन चूल्हों के जरूरी कंपोनेंट्स पर कस्टम ड्यूटी घटाने पर विचार कर रही है.

साथ ही, Ministry of Commerce and Industry की ओर से इस पर GST को 18% से घटाकर 5% करने की सिफारिश की गई है. अगर यह लागू होता है, तो इंडक्शन कुकटॉप की कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है.

घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का फोकस सिर्फ कीमत कम करना नहीं, बल्कि देश में इंडक्शन चूल्हों के निर्माण को भी बढ़ावा देना है.

इसके लिए Department for Promotion of Industry and Internal Trade (DPIIT) ने उद्योग और बिजली मंत्रालय के साथ मिलकर कई बैठकों में सप्लाई और डिमांड को संतुलित करने पर चर्चा की है.

नियमों में ढील और समय सीमा बढ़ाई गई

इंडक्शन से जुड़े उपकरणों पर लागू होने वाले क्वाॅलिटी कंट्रोल ऑर्डर (QCO) की समय सीमा को बढ़ाकर अक्टूबर 2026 तक कर दिया गया है.

इसके अलावा, ऊर्जा दक्षता से जुड़े नियमों की डेडलाइन भी आगे बढ़ाई गई है, ताकि कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने का समय मिल सके.

गैस सप्लाई के लिए भी उठाए जा रहे कदम

सरकार गैस और ईंधन की उपलब्धता बनाये रखने के लिए भी काम कर रही है.

Petroleum and Explosives Safety Organisation (PESO) ने सुरक्षा और सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं. साथ ही CNG और बायोगैस स्टेशनों के लंबित आवेदनों को तेजी से मंजूरी दी जा रही है.

क्या बदल सकता है आने वाला समय?

अगर इंडक्शन चूल्हे सस्ते होते हैं और गैस महंगी रहती है, तो आने वाले समय में किचन का ट्रेंड तेजी से बदल सकता है.

इलेक्ट्रिक कुकिंग न सिर्फ किफायती विकल्प बनेगा, बल्कि यह ऊर्जा के नये स्रोतों की ओर भी बदलाव का संकेत देगा.

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By Rajeev Kumar

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