स्पीकर खराब नहीं है फिर भी आवाज क्यों कमजोर? ये छोटी सी गलती होती है वजह, जानें कैसे करें ठीक

How To Fix Weak Phone Speaker: फोन का स्पीकर कमजोर लग रहा है, तो जरूरी नहीं कि वो खराब हो गया हो. अक्सर इसकी वजह धूल, जेब का कचरा या नमी होती है जो ग्रिल में फंस जाती है. थोड़ी सी सफाई और सही तरीके से ब्रश या टेप का इस्तेमाल करके इसे घर पर ही ठीक किया जा सकता है.

अगर आपके स्मार्टफोन का स्पीकर अचानक धीमा, दबा-दबा या आवाज बहुत कम आने लगे, तो जरूरी नहीं कि फोन खराब हो गया हो. कई बार असली वजह सिर्फ धूल और जेब या बैग में जमा होने वाला बारीक कचरा होता है. ये चीजें जो स्पीकर ग्रिल में फंस जाती हैं. आजकल ज्यादातर लोग फोन को जेब, बैग या धूल वाली जगहों पर रखते हैं, इसलिए यह समस्या बहुत नॉर्मल है. अच्छी बात यह है कि हर बार आपको सर्विस सेंटर दौड़ने की जरूरत नहीं है. कई मामलों में यह दिक्कत घर पर ही कुछ मिनट में आसानी से ठीक की जा सकती है. आइए आपको बताते हैं कैसे.

आपके फोन का स्पीकर धीमा क्यों सुनाई देता है?

मोबाइल रिपेयर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, समय के साथ स्पीकर की जाली में जेब की रुई, धूल, मिट्टी, त्वचा का तेल और छोटे-छोटे कण जमा हो जाते हैं. यही गंदगी आवाज को साफ बाहर आने से रोकती है, जिसकी वजह से गाने, कॉल या वॉइस नोट्स पहले जितने तेज और क्लियर नहीं सुनाई देते.

दिलचस्प बात यह है कि वॉटर-रेजिस्टेंट फोन भी इस परेशानी से पूरी तरह नहीं बचते. पसीना, हवा में नमी, बाथरूम की भाप या हल्की बारिश की बूंदें भी स्पीकर की जाली में नमी फंसा सकती हैं. ऐसे में कुछ समय के लिए आवाज मद्धम या खराब क्वालिटी की लगने लगती है, जबकि फोन के स्पीकर में कोई बड़ी खराबी नहीं होती.

स्पीकर को कैसे साफ करें?

अगर आपके फोन के स्पीकर में धूल भर गई है और आवाज कम आने लगी है, तो उसे साफ करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए. सबसे पहले, फोन को हमेशा बंद कर दें. इसके बाद किसी नरम और सूखे ब्रश जैसे कि पुराना टूथब्रश, पेंट ब्रश या माइक्रोफाइबर ब्रश से धीरे-धीरे स्पीकर के छेदों की धूल साफ करें. ध्यान रहे, बहुत हल्के हाथ से काम करें ताकि अंदर का मेश खराब न हो.

कई लोग गलती से स्पीकर में सीधे मुंह से फूंक मार देते हैं, लेकिन ऐसा करना सही नहीं है. इससे धूल हटने की बजाय अंदर नमी चली जाती है. इससे समस्या दूर होने के बजाए और बढ़ जाती है. अगर धूल अंदर तक फंसी हो, तो लो-प्रेशर कंप्रेस्ड एयर का यूज करें. इसके अलावा एक आसान तरीका ये भी है कि स्टिकी टेप या रीयूजेबल एडहेसिव पुट्टी से हल्के से धूल को खींचकर बाहर निकाला जाए.

पैसे खर्च करने से पहले ये सेटिंग्स जरूर चेक कर लें

कई बार असली दिक्कत स्पीकर में नहीं होती. ऑडियो की समस्या Bluetooth कनेक्शन, किसी ऐप की गड़बड़ी, इक्वलाइजर सेटिंग्स या फिर ‘Do Not Disturb’ मोड की वजह से भी हो सकती है. बस एक बार फोन रीस्टार्ट करके और साउंड सेटिंग्स चेक करके देखें.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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