कहीं आपके फोन में भी तो नहीं छिपा कोई जासूसी ऐप, ऐसे लगाएं पता

Hidden Spy Apps: आजकल कई सारे ऐप्स ऐसे आ गए हैं, जो आपके नजर में आए बिना आपके फोन में छिप कर आप पर नजर रख सकते हैं. साथ ही आपके फोन के डेटा को कहीं और शेयर कर सकते हैं. ऐसे में जरूरी है कि आप इसे लेकर अलर्ट रहे. यहां दिए गए तरीके से पता लगाएं कि कहीं आपके फोन में भी तो कोई जासूसी ऐप नहीं है.

Hidden Spy Apps: क्या आपने कभी सोचा है कि आपके स्मार्टफोन के जरिए कोई आप पर नजर रख सकता है? आपके फोन के व्हाट्सऐप चैट्स से लेकर कॉल वगेरह सारी जानकारी हासिल कर सकता है. अगर हां, तो आपको बता दें ऐसा मुमकिन है. जी हां, आजकल कई सारे ऐप्स ऐसे आ गए हैं, जो आपके फोन में छुपकर आप पर नजर रख सकते हैं. इन जासूसी ऐप्स के बारे में हमें पता भी नहीं चल पाता और ये आसानी से अपना काम करते रहते हैं.

हाल ही में, मध्य प्रदेश में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी से तलाक लेने के लिए प्रूफ के तौर पर पत्नी के व्हाट्सऐप चैट्स को रखा था. जिसे उसने एक जासूसी ऐप के जरिए हासिल किया था. ऐसे में अगर आप नहीं चाहते आपके व्हाट्सऐप या फोन पर कोई नजर रखे तो फिर जरूरी है कि आप को इस बारे में जानकारी हो. ऐसे में आज हमको कुछ ऐसे टिप्स बताने वाले हैं, जिससे आप जान सकते हैं कि क्या आपके फोन में भी कोई जासूसी ऐप है या नहीं. अगर है तो उसे कैसे डिलीट कर सकते हैं.

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ऐसे लगाएं पता

  • बैटरी का जल्दी खत्म होना: अगर अचानक से बिना इस्तेमाल के आपके फोन की बैटरी खत्म होने लगे, तो हो सकता है कि कोई जासूसी ऐप आपके फोन के बैकग्राउंड में चल रहा है.
  • डेटा यूज की जांच करें: अगर आपके बिना इस्तेमाल के ही मोबाइल डेटा ज्यादा खर्च हो रहा है, तो यह भी संकेत हो सकता है कि कोई ऐप आपकी जानकारी को कहीं और शेयर कर रहा है.
  • फोन का ओवरहीट होना: अगर आपका फोन अचानक से ओवरहीट होने लगे तो समझ लें आपके फोन में जासूसी ऐप है.
  • फोन का स्लो होना: अचानक से आपका फोन अगर स्लो काम करने लगे तो ये भी जासूसी ऐप के होने के संकेत हो सकते हैं.

अनजान ऐप की करें जांच

अगर आपको लगता है आपके फोन में किसी तरह का जासूसी ऐप है, तो फिर अपने फोन के Settings में जाकर App list चेक करें. ऐसे में अगर आपको कोई अनजान ऐप या फिर Device Health,Generic terms या फिर अलग से System Settings या Settings नाम का कोई ऐप दिख रहा है, तो फिर ते जासूसी ऐप हो सकता है. ये ऐप आपके लिए खतरनाक हो सकते हैं. ऐसे में चेक करें कि कहीं इस ऐप्स को कैमरा से लेकर लोकेशन या अन्य किसी तरह का परमिशन तो नहीं मिला हुआ है. अगर हां, तो इसे तुरंत ऑफ कर इसके स्टोरेज और डेटा को डिलीट कर ऐप को Uninstall करें. अगर आप उसे डिलीट नहीं कर पा रहे हैं तो फिर फोन को फैक्ट्री रीसेट कर दें. या फिर किसी साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट की मदद लें.

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Author: Shivani Shah

शिवानी कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर टेक-ऑटो कंटेंट राइटर हैं और डिजिटल मीडिया में वह 3 सालों से सक्रिय हैं. वह टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं. वह आसान भाषा और साफ तरीके से खबर लिखती हैं. टेक कैटेगरी में वह स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), गैजेट्स, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स पर खबर लिखती हैं. ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी शिवानी नई कार-बाइक लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ऑटो अपडेट्स, कार और बाइक से जुड़े टिप्स व नई तकनीक पर खबरें लिखती हैं. वह टेक और ऑटो की खबरों को आसान तरीके से पेश करती हैं, ताकि हर रीडर उसे आसानी से समझ सके. उनकी लेखन शैली आसान, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है. शिवानी ने करीम सिटी कॉलेज जमशेदपुर से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. इसके बाद उन्होंने अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से पत्रकारिता में अपनी मास्टर्स की डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे कंटेन्ट राइटिंग की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिवानी ने Lagatar.Com और The News Post जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है. यहां उन्होंने टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और अन्य न्यूज बीट पर कंटेंट तैयार किया. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में उनकी खास रुचि है और वह लगातार नए विषयों पर बेहतर और भरोसेमंद कंटेंट तैयार कर रही हैं. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शिवानी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि रीडर्स तक सही, काम की खबरें और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

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