एक छोटी सी चेन कैसे रोक देती है पूरी ट्रेन? जानिए पीछे की टेक्नोलॉजी

अक्सर आपने देखा होगा कि ट्रेन में एक लाल रंग की चेन लटकते रहती है. जिसके नीचे लिखा होता है किसी तरह की आपातकाल स्थिति में इसे खींचें. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिरी एक चेन से इतनी बड़ी ट्रेन कैसे रुक जाती है? अगर नहीं, तो इस खबर को जरूर पढ़िएगा.

Train Chain Pulling System: आपने ट्रेन से तो सफर किया ही होगा. ऐसे में आपने ट्रेन के हर कोच में लगी लाल रंग की आपातकालीन चेन तो जरूर देखी होगी. इस चेन का इस्तेमाल ट्रेन को रोकने के लिए किया जाता है. किसी तरह की इमरजेंसी में इस इस चेन को खींच देने से ट्रेन रुक जाती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर बस एक चेन को खींचते ही इतनी बड़ी ट्रेन कैसे रुक जाती है. आखिर इसके पीछे किस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है और यह काम कैसे करता है. अगर आप भी इसके बारे में नहीं जानते तो इस खबर को जरूर पढ़िएगा. क्योंकि, आज हम आपको बताने वाले हैं ट्रेन के इस लाल रंग के चेन की पहेली के बारे में.

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ट्रेन में क्यों लगी होती है आपातकालीन चेन

ट्रेन में आपने देखा होगा कि हर कोच में एक साइड आपातकालीन चेन लाल रंग की लगी होती है. जिस पर लिखा होता है ट्रेन रोकने के लिए इस चेन को खींचिए. फिल्मों में भी आपने देखा होगा कि कैसे कोई भी ट्रेन रोकने के लिए इस चेन को खींच देता है और ट्रेन रुक जाती है. लेकिन ये गलती आप मत करिएगा. क्योंकि, बिना किसी कारण के इस चेन को खींचने से आप पर जुर्माना लगाया जा सकता है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ये चेन होती क्यों है. बता दें कि, ट्रेन में इस तरह की चेन इमरजेंसी स्थिति के लिए होती है. यानी कि अगर ट्रेन में किसी तरह की गड़बड़ी या फिर किसी तरह की घटना होने की स्थिति होती है, तो इस चेन को खींचा जाता है. जिससे ट्रेन तुरंत रुक जाए और किसी तरह की भी दुर्घटना से यात्रियों को बचाया जा सके.

कैसे काम करता है आपातकालीन चेन

आपने ट्रेन में चेन लगने के कारण को जान लिया. अब जानते हैं कि आखिर यह काम कैसे करती है. आपको बता दें कि, ट्रेन में लगी ये इमरजेंसी ट्रेन मैकेनिकल सिस्टम यानी अलार्म चेन पुलिंग (ACP) सिस्टम पर काम करती है. जैसे ही कोई ट्रेन में चेन खींचता है, वैसे ही ये ट्रेन के ब्रेक सिस्टम से जुड़े एक वाल्व खास कर ब्रेक पाइप को एक्टिवेट कर देता है. भारतीय ट्रेनें एयर ब्रेक सिस्टम पर चलती हैं. जिससे पूरी ट्रेन के साथ-साथ एक पाइप में कंप्रेस्ड हवा चलती है. हवा का प्रेसर ब्रेक्स को खुला रखने में मदद करता है. ऐसे में जब प्रेसर कम पड़ता है तो अपने आप ब्रेक्स लग जाते हैं.

आसान भाषा में कहा जाए तो, जैसे ही आप ट्रेन में इस चेन को खींचते हैं, वैसे ही ब्रेक पाइप से कंप्रेस्ड हवा को बाहर निकालने के लिए एक छोटा वॉल्व खुल जाता है. वॉल्व के खुलते ही पाइप में हवा का प्रेसर कम हो जाता है. वहीं, हवा का प्रेसर कम होने से सिस्टम को कुछ गड़बड़ी होने का सिग्नल मिल जाता है. इसके बाद सभी कोचों के ब्रेक्स अपने आप लग जाते हैं और ट्रेन रुक जाती है. वहीं, ट्रेन के सिग्नल लोको पायलट को कंट्रोल पैनल पर चेन खींचने का अलर्ट एक अलार्म या लाइट के जरिए मिलता है. जिससे लोको पायलट को पता चलता है कि ट्रेन के किस कोच में चेन खींची गई है.

मजाक में चेन खींचने पर हो सकती है जेल

इस चेन की टेक्नोलॉजी के बारे में जानने के बाद आप इतना तो समझ ही गए होंगे कि ये सिर्फ एक चेन नहीं जिसे आप जब चाहे तब अपनी मर्जी के हिसाब से खींच सकते हैं. ये चेन सिर्फ इमरजेंसी के लिए ही इस्तेमाल किया जाता है. ये नॉर्मल सी चेन किसी तरह की आपात स्थिति से बचने के लिए बनाई गई है. ऐसे में अगर आप मजाक या बिना वजह इस चेन को खींचते हैं, तो आप पर जुर्माना तो लगेगा ही लेकिन इसके लिए आपको जेल भी हो सकती है.

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By Shivani shah

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टेक्नोलॉजी सेक्टर में शिवानी शाह की मजबूत पकड़ स्मार्टफोन लॉन्च/रिव्यूज, गैजेट रिव्यूज, टिप्स एंड ट्रिक्स, बायर्स गाइड, टेलीकॉम अपडेट्स, AI टूल्स/फीचर्स और ट्रेंडिंग टेक टॉपिक्स से जुड़े विषयों में है. ऑटोमोबाइल सेक्टर में वह नई कार/बाइक/स्कूटर्स की लॉन्चिंग, गाड़ियों के फीचर्स, बायर्स गाइड, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), ट्रेंडिंग ऑटो टॉपिक्स और अपडेट्स पर रिसर्च-बेस्ड कंटेंट लिखती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर सिर्फ लॉन्च और फीचर्स की जानकारी तक सीमित न रहे, बल्कि पाठकों को यह भी समझ आए कि वह उनके लिए कितनी काम की है.

शिवानी शाह ने साल 2020 में करीम सिटी कॉलेज, जमशेदपुर से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन और साल 2024 में अपेक्स यूनिवर्सिटी, जयपुर से मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया.

अपने करियर की शुरुआत शिवानी शाह ने झारखंड के डिजिटल न्यूज पोर्टल Lagatar.com से की, जहां करीब एक साल तक उन्होंने काम किया. इसके बाद जयपुर में पढ़ाई के दौरान Hamara Samachar यूट्यूब चैनल में वह न्यूज एंकर रहीं. मास्टर्स पूरी करने के बाद उन्होंने झारखंड डिजिटल न्यूज पोर्टल The News Post में करीब एक साल तक काम किया. इन संस्थानों में काम करने के दौरान उन्होंने लोगों तक सही, भरोसेमंद और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाने का अनुभव हासिल किया.

शिवानी का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और खरीदारी के फैसलों को प्रभावित करती हैं. इसलिए वह हर खबर को अच्छी तरह रिसर्च करके, आसान भाषा में और सही जानकारी के साथ लिखती हैं, ताकि हर उम्र के पाठक उसे आसानी से समझ सकें.

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