हाथ पर 10 सेकंड में छाप दी परफेक्ट मेहंदी, हर्ष गोयनका ने शेयर किया रोबोटिक नोजल का चौंकाने वाला वीडियो

आरपीजी प्रमुख हर्ष गोयनका ने हाथ पर 10 सेकंड में मेहंदी छापने वाली मशीन का वीडियो शेयर कर नौकरियों पर सवाल उठाए. जानिए क्या यह वाकई असली तकनीक है या फिर एआई का कमाल.

तकनीक और ऑटोमेशन के इस दौर में अब ऐसे-ऐसे नए प्रयोग देखने को मिल रहे हैं, जिनकी कल्पना पहले केवल फिल्मों में की जाती थी. हाल ही में मशहूर उद्योगपति हर्ष गोयनका ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक ऐसा हैरान कर देने वाला वीडियो साझा किया है, जिसने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है. वायरल वीडियो में एक ऑटोमैटिक प्रिंटिंग नोजल वाली मशीन किसी इंसान की हथेली के ठीक ऊपर घूमती नजर आ रही है. बिना त्वचा को छुए यह नोजल कुछ ही सेकंड के अंदर बेहद सटीक और बारीक मेहंदी का डिजाइन हाथ पर उकेर देती है. गोयनका ने इस वीडियो को पोस्ट करते हुए चुटकी ली कि तकनीक के इस प्रसार से अब पारंपरिक कारीगरों के काम पर संकट मंडराने लगा है.

"कुछ और नौकरियां गईं" - गोयनका के पोस्ट ने बढ़ाई चिंता

अपने सोशल मीडिया हैंडल पर हमेशा दिलचस्प और ट्रेंडिंग मुद्दों पर विचार रखने वाले आरपीजी ग्रुप के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने इस 10 सेकंड की क्लिप के साथ कैप्शन लिखा- "Some more jobs gone" यानी "कुछ और नौकरियां चली गईं." वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे एक महिला अपना हाथ मशीन के नीचे रखती है और रोबोटिक नोजल हवा में ही तेज रफ्तार से घूमते हुए एक जटिल और खूबसूरत मेहंदी पैटर्न बना देता है. भारतीय शादियों और त्योहारों में मेहंदी कलाकारों की भारी मांग रहती है, जहां एक डिजाइन बनाने में घंटों का समय लगता है. ऐसे में इस तरह के तेज रफ्तार ऑटोमेशन ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या भविष्य में आर्ट और क्राफ्ट से जुड़े पारंपरिक रोजगार भी मशीनों के कब्जे में आ जाएंगे.

यहां देखें वायरल पोस्ट

असली रोबोट या AI का जादू? इंटरनेट पर छिड़ी बड़ी बहस

वीडियो के वायरल होते ही कमेंट सेक्शन में नेटिजन्स और टेक लवर्स दो गुटों में बंट गए हैं. बड़ी संख्या में यूजर्स का दावा है कि यह वीडियो किसी असली मैन्युफैक्चर्ड मशीन का नहीं, बल्कि एडवांस्ड आर्टिफिशियली इंटेलिजेंट (AI) विजुअल जनरेटर द्वारा बनाया गया एक एनीमेशन है. कई लोगों का तर्क है कि जिस तरह से नोजल बिना किसी सहारे और बिना स्किन कांटेक्ट के मेहंदी फैला रही है, वह भौतिक विज्ञान के नियमों से ज्यादा AI जनरेटेड ग्राफिक्स का हिस्सा लगता है. वहीं दूसरी तरफ, कुछ यूजर्स ने सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए कि शादी-ब्याह के माहौल में कोई भी महिला सुई जैसी नुकीली नोजल के नीचे अपना हाथ रखने का जोखिम नहीं उठाएगी.

इंसानी कारीगरी बनाम मशीनी सटीकता का भविष्य

इस वीडियो ने तकनीक और मानव श्रम के बीच के संतुलन पर एक गहरा विचार विमर्श शुरू कर दिया है. एक्सपर्ट्स और सोशल मीडिया यूजर्स का मानना है कि चाहे मशीन कितनी भी सटीक और तेज क्यों न हो, वह पारंपरिक मेहंदी आर्टिस्ट्स के मानवीय स्पर्श, व्यक्तिगत बातचीत और हस्तकला की मौलिकता की जगह नहीं ले सकती. हालाकि, अगर यह तकनीक वाकई व्यावसायिक रूप से बाजार में आती है, तो बड़े इवेंट्स और कम समय में ज्यादा लोगों को सर्विस देने वाले स्थानों पर इसका इस्तेमाल बढ़ सकता है. फिलहाल, इस वायरल वीडियो ने यह साबित कर दिया है कि AI और ऑटोमेशन की दस्तक से अब हर क्षेत्र के कारीगर खुद को अपडेट करने पर मजबूर हो रहे हैं.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: हर्ष गोयनका ने कौन सा वीडियो शेयर किया है?

उत्तर: उद्योगपति हर्ष गोयनका ने एक ऑटोमैटिक मेहंदी प्रिंटिंग मशीन का वीडियो शेयर किया है, जिसमें एक नोजल महज कुछ सेकंड में हथेली पर बेहद सटीक मेहंदी डिजाइन बनाती दिख रही है.

Q2: वीडियो को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स में क्या बहस चल रही है?

उत्तर: यूजर्स के बीच बहस इस बात को लेकर है कि क्या यह असली रोबोटिक मशीन है या फिर एआई (AI) की मदद से बनाया गया एक फर्जी एनीमेशन वीडियो है. साथ ही, इससे मेहंदी आर्टिस्ट्स की नौकरियों पर पड़ने वाले असर पर भी चर्चा हो रही है.

Q3: क्या इस मशीन से सच में मेहंदी आर्टिस्ट्स का काम खतरे में है?

उत्तर: अधिकांश लोगों और विशेषज्ञों का मानना है कि हाथ से की जाने वाली कारीगरी, व्यक्तिगत डिजाइनिंग और मानवीय स्पर्श का मुकाबला मशीनें नहीं कर सकतीं, इसलिए पारंपरिक कलाकारों का काम पूरी तरह खत्म होना मुमकिन नहीं है.


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By राजीव कुमार

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