देश में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी और नियमों को लेकर सरकार अब और एक्टिव नजर आ रही है. न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने 3 अगस्त को एक अहम बैठक बुलाई है. इस बैठक में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नियमों और निगरानी को लेकर चर्चा होगी. बैठक में गूगल, मेटा (फेसबुक), एक्स (X) और स्नैपचैट कंपनियों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया है. वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय (MeitY) और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी समिति के सामने अपनी बात रखेंगे.
मेटा की गलती के बाद सरकार ने उठाया ये कदम
यह कदम 28 जुलाई को हुई एक घटना के बाद सामने आया है. उस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का परीक्षा पेपर लीक पर कार्रवाई से जुड़ा फेसबुक वीडियो कुछ समय के लिए प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया था. हालांकि, थोड़ी देर बाद वीडियो दोबारा बहाल कर दिया गया. इस मामले पर Meta के प्रवक्ता ने कहा कि वीडियो तकनीकी गड़बड़ी की वजह से गलती से हट गया था, जिसे बाद में तुरंत वापस रिस्टोर कर दिया गया.
वीडियो में पेपर लीक पर था PM मोदी का संदेश
23 जुलाई को जारी किए गए इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार सीधे जेनरेशन Z से बात की थी. यह संदेश NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोपों को लेकर 36 दिनों तक चले Cockroach Janta Party (CJP) के आंदोलन के बीच आया था. प्रधानमंत्री ने छात्रों से कहा कि सरकार पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई करेगी. इसके लिए स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, ताकि मामलों का जल्दी फैसला हो सके. साथ ही, नया कानून लाकर पेपर लीक करने वालों को पहले से ज्यादा कड़ी सजा दी जाएगी.
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