क्या आपके भी स्मार्टफोन की कॉलिंग स्क्रीन बदल गई? जानिए क्यों हुआ ऐसा और कैसे पाएं पुराना वाला वापस

Google Phone App Update: एंड्रॉयड स्मार्टफ़ोन की कॉलिंग स्क्रीन में अचानक बदलाव क्यों आया? जानिए Google के नए अपडेट ‘Material 3D Expressive’ के बारे में और कैसे वापस लाएं पुराना इंटरफेस

Google Phone App Update: अगर आप एंड्रॉयड स्मार्टफोन का उपयोग कर रहे हैं, तो आपने हाल ही में अपने फोन की कॉलिंग स्क्रीन में एक अजीब सा बदलाव जरूर देखा होगा. कॉल करते समय या रिसीव करते वक्त स्क्रीन का डिजाइन पहले जैसा नहीं रहा. सोशल मीडिया पर लोग इस बदलाव को लेकर सवाल उठा रहे हैं- क्या यह हैकिंग है? क्या सरकार निगरानी कर रही है? या फिर यह सिर्फ एक सॉफ्टवेयर अपडेट है?

हम आपको बताएंगे कि यह बदलाव क्यों हुआ, इसके पीछे कौन सी तकनीक है, और अगर आपको पुराना इंटरफेस पसंद है तो आप क्या कर सकते हैं.

अचानक क्यों बदली कॉलिंग स्क्रीन?

कई एंड्रॉयड यूजर्स ने देखा कि उनके फोन की कॉलिंग स्क्रीन बिना किसी चेतावनी के बदल गई. कॉल ऐप खोलते ही नया इंटरफेस सामने आता है जिसमें ‘रीसेंट कॉल्स’ और ‘फेवरेट्स’ जैसे विकल्प गायब हैं. अब सिर्फ ‘होम’ और ‘कीपैड’ विकल्प ही दिखते हैं.

इस बदलाव ने कई यूजर्स को हैरान कर दिया क्योंकि उन्होंने न तो कोई सेटिंग बदली थी और न ही कोई नया ऐप इंस्टॉल किया था.

क्या यह हैकिंग है या सिर्फ एक अपडेट?

कुछ लोग इस बदलाव को हैकिंग से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ इसे सरकारी निगरानी का तरीका मान रहे हैं. लेकिन तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ एक सॉफ्टवेयर अपडेट है, जो गूगल ने जारी किया है.

गूगल ने मई 2025 में घोषणा की थी कि वह ‘मैटेरियल 3डी एक्सप्रेसिव’ नाम का एक नया डिजाइन अपडेट लॉन्च करेगा. इस अपडेट का उद्देश्य एंड्रॉयड के कॉलिंग ऐप को और भी तेज, आसान और यूजर-फ्रेंडली बनाना है.

Google Phone App Update: नये अपडेट में क्या बदला है?

  • नया इंटरफेस: कॉल ऐप में अब ‘रीसेंट कॉल्स’ और ‘फेवरेट्स’ को हटाकर ‘होम’ में मिला दिया गया है.
  • कॉल हिस्ट्री का नया तरीका: अब एक ही नंबर से आने वाले कॉल्स समय के अनुसार दिखेंगे, जिससे बार-बार कांटेक्ट ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
  • इनकमिंग कॉल डिजाइन: जेब से फोन निकालते समय गलती से कॉल रिसीव या डिस्कनेक्ट न हो, इसके लिए डिजाइन को बदला गया है.
  • कलर थीम और विजुअल एलिमेंट्स: नोटिफिकेशन, जीमेल, फोटो और वॉच ऐप्स में भी विजुअल बदलाव किए गए हैं.

सेटिंग्स बिना इजाजत क्यों बदली?

गूगल ने बताया कि यह अपडेट अलग-अलग फेज में जून 2025 से लागू किया गया है. जिन यूजर्स ने गूगल प्ले स्टोर में “ऑटो-अपडेट” विकल्प ऑन किया हुआ है, उनके फोन में यह अपडेट अपने आप इंस्टॉल हो गया.

पुरानी कॉल स्क्रीन वापस कैसे लाएं?

अगर आपको नया डिजाइन पसंद नहीं आया, तो आप नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करके पुराना इंटरफेस वापस ला सकते हैं:

  1. गूगल प्ले स्टोर खोलें
  2. ‘फोन’ ऐप सर्च करें
  3. ऐप पेज पर जाकर ‘अनइंस्टॉल अपडेट्स’ विकल्प चुनें
  4. ऑटो-अपडेट को बंद कर दें ताकि भविष्य में ऐप अपने आप अपडेट न हो.

वनप्लस जैसी कंपनियों ने भी पुष्टि की है कि यह बदलाव गूगल के फोन ऐप के कारण हुआ है, न कि उनके खुद के सिस्टम से.

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई यूजर्स ने इस बदलाव को लेकर नाराजगी जताई है. कुछ लोग इसे निजता पर हमला मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे एक तकनीकी सुधार कह रहे हैं. गूगल ने यूजर्स की प्रतिक्रिया के बाद डिजाइन में कुछ और सुधार किए हैं ताकि सभी को बेहतर अनुभव मिल सके.

क्या आपको चिंता करने की जरूरत है?

नहीं. यह बदलाव एक नियमित सॉफ्टवेयर अपडेट का हिस्सा है. यह न तो हैकिंग है और न ही आपकी निजी जानकारी को खतरा है. गूगल का उद्देश्य सिर्फ यूजर अनुभव को बेहतर बनाना है.

गूगल का डिजाइन अपडेट फोन को बनाएगा और भी स्मार्ट और यूजर-फ्रेंडली

अगर आपके एंड्रॉयड स्मार्टफोन की कॉलिंग स्क्रीन अचानक बदल गई है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. यह गूगल द्वारा जारी किया गया एक डिजाइन अपडेट है जो आपके फोन को और भी स्मार्ट और यूजर-फ्रेंडली बनाने के लिए है. अगर आपको पुराना इंटरफेस पसंद है, तो आप अपडेट को अनइंस्टॉल करके उसे वापस ला सकते हैं.

नेटवर्क आउटेज में भी नहीं रुकेगी बात, Wi-Fi Calling फीचर आएगा काम

बारिश में भीग गया स्मार्टफोन? ये तरीका अपनाया तो वारंटी भी नहीं आएगी काम

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >