AI को लेकर Google DeepMind के CEO डेमिस हसाबिस ने बड़ा दावा किया है. स्टैनफोर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि 2030 तक, AGI (Artificial General Intelligence) हकीकत बन सकती है.
आसान भाषा में समझें तो AGI ऐसी AI होगी, जो सिर्फ एक काम नहीं बल्कि इंसानों की तरह अलग-अलग काम कर सकेगी, नई चीजें सीख सकेगी और खुद फैसले भी ले पाएगी.
क्या AI इंसानों की नौकरी ले लेगी?
AI के बढ़ते इस्तेमाल के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भविष्य में इंसानों की नौकरियां खत्म हो जाएंगी. इस पर डेमिस हसाबिस का जवाब थोड़ा अलग है.
उनका कहना है कि AI को सिर्फ खतरे की तरह नहीं देखना चाहिए. इंसानों ने हजारों साल में अपनी सोच और मेहनत से पूरी दुनिया बदल दी है. इसलिए AI आने के बाद भी इंसान नई चीजें बनाते रहेंगे और नए मौके भी पैदा होंगे.
उन्होंने कहा कि इंसान किसी भी नई स्थिति में खुद को ढालने की क्षमता रखते हैं और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है.
भविष्य में कौन-सी स्किल सबसे ज्यादा काम आएगी?
हसाबिस का मानना है कि आने वाले समय में सिर्फ डिग्री या टेक्निकल स्किल काफी नहीं होगी. जिन लोगों के पास नई सोच होगी, वही सबसे आगे रहेंगे.
उनके मुताबिक इन स्किल्स की सबसे ज्यादा डिमांड होगी.
- क्रिएटिव थिंकिंग
- नए और यूनिक आइडिया
- डिजाइन सेंस
- मुश्किलों का नया हल निकालने की क्षमता
यानी AI कितनी भी एडवांस हो जाए, लेकिन इंसानों की नई सोच और नए आइडिया की जरूरत हमेशा रहेगी.
AGI को लेकर एक्सपर्ट्स की राय अलग-अलग है
हालांकि AGI कब आएगी, इस पर सभी की राय एक जैसी नहीं है. कुछ AI एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले कुछ सालों में इंसानों जैसी AI तैयार हो सकती है. वहीं कुछ एक्सपर्ट का कहना है कि मौजूदा AI तकनीक अभी उस स्तर से काफी दूर है. यानी 2030 तक AGI आने की बात फिलहाल एक अनुमान है, कोई तय तारीख नहीं.
AI के लिए नियम बनाने की भी दी सलाह
डेमिस हसाबिस का मानना है कि जैसे-जैसे AI ज्यादा ताकतवर होती जाएगी, वैसे-वैसे उसके लिए सख्त नियम भी जरूरी होंगे.
उन्होंने सुझाव दिया है कि एडवांस AI मॉडल्स को लोगों तक पहुंचाने से पहले उनकी सेफ्टी और आने वाले खतरों की जांच होनी चाहिए. इससे AI का इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ किया जा सकेगा.
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