Jio के 10 साल पूरे, मिस्ड कॉल से 26GB डेटा तक ऐसे बदली भारतीयों की मोबाइल जिंदगी

रिलायंस जियो के 10 साल पूरे होने के साथ भारत में मोबाइल डेटा इस्तेमाल की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है. 10 साल में डेटा की कीमत करीब 29 गुना घटी, इंटरनेट स्पीड 27 गुना बढ़ी और मासिक डेटा खपत 128 गुना से ज्यादा बढ़ी.

एक दौर था जब मोबाइल खर्च बचाने के लिए मिस्ड कॉल किया जाता था. घर पहुंच गए तो मिस्ड कॉल, बात करनी है तो मिस्ड कॉल. इंटरनेट पर भी हर MB का हिसाब रखा जाता था. दस साल बाद उसी मोबाइल पर वीडियो कॉल, डिजिटल पेमेंट, OTT, ऑनलाइन पढ़ाई, वर्क फ्रॉम होम और खरीदारी रोजमर्रा की बात हो गई है.

5 सितंबर को रिलायंस जियो के लॉन्च के दस साल पूरे हो रहे हैं. इस एक दशक में भारतीय मोबाइल बाजार ने महंगे और नाप-नापकर इस्तेमाल किए जाने वाले डेटा से सस्ते और भरपूर डेटा तक का सफर तय किया है. स्पीड कई गुना बढ़ी और प्रति कस्टमर मासिक खपत अब दर्जनों GB में पहुंच चुकी है.

स्पीड बढ़ी, डेटा सस्ता हुआ और इस्तेमाल कई गुना बढ़ा

दस साल में डेटा की रफ्तार, कीमत और खपत, तीनों की तस्वीर बदल गई. 2016 में भारत में औसत मोबाइल डाउनलोड स्पीड करीब 2.5 Mbps थी, जो दिसंबर 2025 तक 27 गुना से ज्यादा बढ़कर 68 Mbps के पार पहुंच गई. इसी दौरान एक GB डेटा की औसत कीमत 228 रुपये से घटकर 7.9 रुपये रह गई, यानी डेटा करीब 29 गुना सस्ता हो गया.

असर खपत पर भी साफ दिखा. प्रति वायरलेस डेटा कस्टमर मासिक इस्तेमाल 0.2GB से भी कम था, जो बढ़कर 25.7GB पहुंच गया, यानी 128 गुना से भी ज्यादा. ये आंकड़े जियो IPO के DRHP में शामिल एनालिसिस मेसन रिपोर्ट के भारत के टेलीकॉम बाजार से जुड़े आकलन के हैं.

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हर महीने 26.7GB डेटा कर रहा भारतीय यूजर इस्तेमाल

TRAI के ताजा आंकड़े बताते हैं कि डेटा की यह भूख और बढ़ी है. मार्च 2026 तिमाही में देश में एक वायरलेस डेटा कस्टमर औसतन 26.7GB डेटा हर महीने इस्तेमाल कर रहा था. प्रति GB वायरलेस डेटा से औसत राजस्व प्राप्ति घटकर 7.51 रुपये रह गई. मार्च के अंत तक भारत में इंटरनेट कस्टमर्स की संख्या करीब 109.3 करोड़ और ब्रॉडबैंड कस्टमर्स की संख्या 106.6 करोड़ हो चुकी थी. 

Jio यूजर्स जमकर चला रहे इंटरनेट, 5G ने बढ़ाई रफ्तार

डेटा खपत का बढ़ता स्तर जियो नेटवर्क पर और साफ दिखता है. अप्रैल-जून 2026 तिमाही में जियो का एक कस्टमर औसतन 43.7GB डेटा प्रति माह इस्तेमाल कर रहा था. इस दौरान जियो के नेटवर्क पर कुल 69.4 बिलियन GB डेटा इस्तेमाल हुआ, जो पिछले साल के मुकाबले 26.9% ज्यादा है.

जून के अंत तक जियो के साथ कुल 53.33 करोड़ कस्टमर्स जुड़े हुए थे. मोबाइल डेटा की अगली छलांग अब 5G से आती दिख रही है. जून 2026 तक जियो के 5G कस्टमर्स की संख्या करीब 28.5 करोड़ पहुंच चुकी थी. कंपनी के नेटवर्क पर 5G डेटा ट्रैफिक अब 4G के मुकाबले करीब डेढ़ गुना है. 

भारत बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल डेटा खपत करने वाला देश

डेटा के बढ़ते इस्तेमाल ने भारत की वैश्विक स्थिति भी बदली है. एनालिसिस मेसन रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2026 तक भारत मोबाइल डेटा ट्रैफिक खपत करने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश था. चीन को छोड़ दें तो वित्त वर्ष 2025-26 में जियो के डिजिटल कनेक्टिविटी नेटवर्क ने दुनिया में सबसे अधिक मोबाइल डेटा ट्रैफिक संभाला.

दस साल के इस बदलाव को आंकड़ों से अलग रखकर देखें तो तस्वीर और आसान है. कभी जिस मोबाइल पर खर्च बचाने के लिए मिस्ड कॉल दी जाती थी, उसी पर अब वीडियो कॉल से लेकर भुगतान, पढ़ाई, खरीदारी और मनोरंजन तक सब कुछ हो रहा है. MB बचाकर खर्च करने वाला भारत अब हर महीने औसतन 26GB से ज्यादा मोबाइल डेटा इस्तेमाल कर रहा है.

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By अंकित आनंद

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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