Deepfake Explained: क्या होता है डीपफेक, कैसे बचें इससे और फेक वीडियो की कहां करें शिकायत?

What is Deepfake Know How To Avoid, Detect and Complain – डीपफेक सुर्खियों में है. सोशल मीडिया पर डीपफेक वीडियो की पहचान आप भी कर सकते हैं. डीपफेक वीडियो और फोटो को पहचानने में दिक्कत आ रही है, तो एआई टूल का सहारा ले सकते हैं. कई एआई टूल ऐसे हैं, जो आसानी से एआई जेनरेटेड वीडियो की पहचान कर सकते हैं.

  • रियल वीडियो के चेहरे को दूसरे चेहरे पर लगाकर किया जा रहा वायरल

  • पुलिस और प्रशासन के लिए बन चुका है नया सिर दर्द

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जता चुके हैं चिंता

What is DeepFake : डीपफेक के मामले बढ़ते जा रहे हैं और इसीलिए डीपफेक शब्द आज कल काफी सुर्खियों में है. आये दिन सेलिब्रिटी से लेकर राजनीति के क्षेत्र से जुड़े लोगों के रियल वीडियो के चेहरे को दूसरे चेहरे में लगाकर सोशल मीडिया में वायरल किया जा रहा है. सरकार इस पर शिकंजा कसने के लिए भरपूर कोशिश कर रही है. यह पुलिस और प्रशासन के लिए नया सिर दर्द बन चुका है. हाल के दिनों में डीपफेक तकनीक का शिकार होनेवाली मशहूर हस्तियों में रश्मिका मंदाना, कैटरीना कैफ, काजोल, आलिया भट्ट तक इसके शिकार हो चुके हैं.

पीएम मोदी भी जता चुके हैं चिंता

डीपफेक के बढ़ते गलत इस्तेमाल को लेकर हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस पर चिंता जता चुके हैं. पिछले दिनों प्रधानमंत्री ने कहा था कि डीपफेक देश के सामने मौजूद सबसे बड़े खतरों में से एक है. इससे अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. उन्होंने मीडिया से अपील की है कि डीपफेक को लेकर लोगों को जागरूक किया जाए. प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि हाल ही में उन्होंने एक वीडियो देखा, जिसमें उन्हें गरबा पर परफॉर्म करते हुए दिखाया गया था. मुझे खुद लगा कि यह क्या बना दिया, यह चिंता का विषय है. हालांकि यह वीडियो पूरी तरह से फेक ��ा.

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डीपफेक का ये सेलेब्स हो चुके हैं शिकार

आलिया भट्ट

अभिनेत्री आलिया भट्ट के एक वायरल वीडियो में एक लड़की को नीले रंग का फ्लोरल को-ऑर्ड सेट पहने हुए और कैमरे की ओर अश्लील इशारे करते हुए दिखाया गया है. ध्यान से देखने पर कोई भी बता सकता है कि वीडियो में दिख रही लड़की आलिया भट्ट नहीं है. अभिनेत्री के चेहरे को किसी और के शरीर के ऊपर एडिट किया गया था.

रश्मिका मंदाना

अभिनेत्री रश्मिका मंदाना के वायरल डीपफेक वीडियो में एक लड़की रिवीलिंग कपड़े पहनकर लिफ्ट में प्रवेश करती दिखाई जा रही है.

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काजोल

एक वीडियो में एक महिला अपने शरीर पर काजोल का चेहरा लगाकर कैमरे पर कपड़े बदलती नजर आयी थी.

डीपफेक क्या होता है?

किसी रियल वीडियो में दूसरे के चेहरे को फिट कर देने को डीपफेक नाम दिया गया है. डीपफेक से वीडियो और फोटो को बनाया जाता है. इसमें मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का सहारा लिया जाता है. कोडर और डिकोडर टेक्नोलॉजी की मदद ली जाती है. डिकोडर सबसे पहले किसी इंसान के चेहरे को हाव-भाव और बनावट की गहन जांच करता है. इसके बाद किसी फर्जी फेस पर इसे लगाया जाता है, जिससे हुबहू फर्जी वीडियो और फोटो को बनाया जा सकता है. हालांकि आम लोग डीपफेक वीडियो नहीं बना सकते हैं. लेकिन इन दिनों डीपफेक बनाने से जुड़े ऐप मौजूद हैं, जिनकी मदद से आसानी से डीफफेक वीडियो बनाये जा सकते हैं.

ऐसे पहचाने जा सकते हैं डीपफेक वीडियो

सोशल मीडिया पर डीपफेक वीडियो की पहचान आप स्वयं भी कर सकते हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसके लिए वीडियो पर दिखने वाले शख्स के चेहरे के एक्सप्रेशन, आंखों की बनावट और बॉडी स्टाइल पर ध्यान से देखें. आमतौर पर ऐसे वीडियो में बॉडी और चेहरे का कलर मैच नहीं करता है, जिससे इसे पहचान सकते हैं. साथ ही, लिप सिंकिंग से भी डीपफेक वीडियो को आसानी से पहचाना जा सकता है. इसके अलावा, डीपफेक वीडियो और फोटो को पहचानने में दिक्कत आ रही है, तो एआई टूल का सहारा ले सकते हैं. कई एआई टूल ऐसे हैं, जो आसानी से एआई जेनरेटेड वीडियो की पहचान कर सकते हैं.

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डीपफेक वीडियो बनाने और शेयर करने पर हो सकती है कार्रवाई

डीपफेक वीडियो या फोटो बनाने और शेयर करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है. इसमें वीडियो बनाने वाले और शेयर करने वाले के खिलाफ आइपीसी की धारा के तहत लीगल एक्शन लिया जा सकता है. साथ ही, जुर्माना भी लगाया जा सकता है. इसके अलावा, वीडियो और फोटो से किसी की छवि खराब होती है, तो मानहानि का मामला भी दर्ज हो सकता है.

डीपफेक वीडियो को लेकर ऐसे कर सकते हैं शिकायत

यदि किसी का वीडियो या फोटो डीपफेक किया गया हो, तो साइबर क्राइम की वेबसाइट पर जाकर शिकायत दर्ज करायी जा सकती है. इसके लिए www.cybercrime.gov.in पर मामला दर्ज करा सकते हैं. इसके साथ ही, साइबर थाना या नजदीकी थाना में जाकर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

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डीपफेक से कैसे बचें?

प्राइवेट रखें प्रोफाइल

फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप या अन्य सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर अपनी तस्वीर और वीडियो शेयर करते समय आप कुछ बातों का ध्यान रखें. अपनी तस्वीर प्राइवेट रखें. इसके अलावा, फोटो या वीडियो आप उन्हीं लोगों के साथ शेयर करें, जिन्हें आप जानते हैं. इसके लिए आप प्राइवेट सेटिंग के टूल्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

पासवर्ड स्ट्रॉन्ग बनायें

सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं, तो ऑनलाइन अकाउंट के लिए मजबूत पासवर्ड बनाना जरूरी है. इसे हैकर्स और एआई के लिए क्रैक करना मुश्किल होगा. इससे आपकी तस्वीरें सुरक्षित रहेंगी. समय-समय पर अपना पासवर्ड भी अपडेट करते रहें.

डिजिटल फिंगरप्रिंट या वाटरमार्क रखें सुरक्षित

फिंगरप्रिंट लॉक फीचर से कंटेंट को सुरक्षित रखा जा सकता है. वाटरमार्क की मदद से भी अपनी तस्वीरों को सुरक्षित रख सकते हैं. इससे डीपफेक का खतरा नहीं होगा.

एंटीवायरस सॉफ्टवेयर

कई बार डीपफेक वीडियो बनाने के लिए भी मालवेयर अटैक किया जा सकता है. इससे बचने के लिए आप एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे आपकी तस्वीरें सुरक्षित रहेंगी. साथ ही पर्सनल डेटा की भी चोरी नहीं हो पायेगी.

मेटाडेटा

डीपफेक से बचने के लिए आप मेटाडेटा का भी उपयोग कर सकते हैं. इससे फोटोज को कॉपीराइट या लोकेशन की जानकारी आदि मिल सकती है.

फोटो में शील्ड गार्ड लगाएं, अकाउंट पब्लिक न रखें

सोशल मीडिया पर कई लोग एक्टिव रहते हैं. फॉलोअर्स और लाइक्स के चक्कर में अपना वीडियो औरव फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड कर देते हैं. ऐसे में लोगों का फोटो सहित अन्य जरूरी चीजों का डेटा अनजान लोगों तक पहुंच जाता है. इसका गलत इस्तेमाल कर डीपफेक तकनीक के माध्यम से वीडियो और फोटो अपलोड किये जा रहे हैं. ऐसे में अपने डेटा को सुरक्षित रखें. सोशल मीडिया के हेल्प सेक्शन को पढ़ें और अपने अकाउंट को सुरक्षित रखने की जानकारी प्राप्त करते रहें.

कंटेंट को देखकर, पढ़कर और समझकर ही शेयर करें

जब भी कोई कंटेंट आता है, तो सबसे पहले उसे समझें. पहले इनफाॅर्मेशन को पढ़ें. इसके बाद ही शेयर करें. डीपफेक का मामला भी ऐसा ही है. अब डीपफेक पर सरकार भी सख्ती बरत रही है. इसके लिए सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म के साथ बैठक हो चुकी है. लोगों को भी सोशल मीडिया के टूल्स को जानने के लिए थोड़ा जागरूक रहना होगा, तभी डीपफेक वीडियो को समझ पायेंगे. ऐसे में सोशल मीडिया पर आनेवाले कंटेंट को देखकर और पढ़कर ही शेयर करें. थोड़ा रिसर्च जरूर करें. कई एडवांस लेवल के टूल्स हैं, जिसके बारे में जानकारी रखना सही होगा.

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By Rajeev kumar

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राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

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