Electric Heater Safety Tips: हीटर चलाते समय जरूर रखें इन 5 बातों का ध्यान, नहीं तो बढ़ सकता है खतरा

Electric Heater Safety Tips: रूम हीटर्स सर्दियों को आसान और आरामदायक जरूर बना देते हैं, लेकिन इनके साथ कुछ अनजाने खतरे भी जुड़े होते हैं. इसे ऑन करने से पहले इनके सेफ्टी टिप्स जान लेना बेहद जरूरी है, ताकि कोई एक्सीडेंट न हो.

Electric Heater Safety Tips: ठंडी सुबहें और जमाने वाली रातें हममें से कई लोगों को कमरे में हीटर चलाने पर मजबूर कर देती हैं. कई जगहों पर पारा लगातार कम हो रहा है, ऐसे में हीटर फिर से रोजमर्रा की जरूरत बन गए हैं. लेकिन जितनी राहत ये देते हैं, उतनी ही जरा-सी लापरवाही इन्हें आपके लिए खतरा भी बना सकती है. आपको हमेशा याद रखना चाहिए कि हीटर तभी सेफ होते हैं जब इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए. इसलिए हम आपको कुछ जरूरी बातें बताने जा रहे हैं, जिनका ध्यान आपको हीटर चलाते समय रखना चाहिए. आइए जानते हैं.

सेफ्टी जोन बनाएं

अपने हीटर के चारों तरफ कम से कम तीन फीट का खाली स्पेस जरूर रखें. उसके पास ऐसे किसी भी चीज को न रखें जो आसानी से जल सकती हो, जैसे कपड़े, कंबल, परदे, कागज, खिलौने या फर्नीचर. हीटर को कभी भी लटकते हुए कपड़ों या गंदगी वाले जगह पर न रखें, क्योंकि हल्का सा भी संपर्क आग का खतरा पैदा कर सकता है.

इसे स्टेबल सतह पर रखें

हीटर हमेशा फर्श पर रखें, और कोशिश करें कि यह स्थिर और सपाट सतह पर हो. इसे बिस्तर, सोफे, मेज या कालीन पर न रखें, क्योंकि इन जगहों पर हीटर गिरने या ज्यादा गर्म होने का खतरा बढ़ जाता है. एक मजबूत सतह हीटर को स्थिर रखती है और अचानक जलने या गिरने से बचाती है.

नमी वाले जगहों पर न यूज करें

हीटर का इस्तेमाल कभी भी किचन या किसी भी नमी वाले जगह पर न करें. नमी हीटर के अंदर की वायरिंग को नुकसान पहुंचा सकती है और शॉर्ट-सर्किट या इलेक्ट्रिक शॉक का खतरा बढ़ा सकती है. ऐसी जगहों में गैस और गर्मी भी फंस जाती है, इसलिए फ्यूल वाले हीटर के लिए ये जगहें सेफ नहीं हैं.

सोते समय हीटर बंद कर दें

हीटर को सोते समय ऑन रखना आरामदायक लग सकता है, लेकिन इससे हेल्थ और सेफ्टी दोनों पर खतरा बढ़ जाता है. हवा बहुत सूखी हो सकती है, वेंटिलेशन कम हो सकता है और इलेक्ट्रिकल पार्ट्स गरम हो सकते हैं. इसलिए सोने या कमरे से बाहर जाने से पहले हीटर हमेशा बंद करें और प्लग निकाल दें.

सही प्लग का यूज करें

हीटर को सीधे वॉल सॉकेट में लगाएं, एक्सटेंशन कॉर्ड या मल्टी‑प्लग का यूज न करें. ये एड‑ऑन हाई पावर खपत के लिए नहीं बने होते और गरम होकर पिघल सकते हैं या चिंगारी निकाल सकते हैं. साथ ही, कॉर्ड को समय-समय पर फ्रेइंग, नुकसान या रंग बदलने के लिए चेक करते रहें.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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