बिजली बचाने के चक्कर में बार-बार बंद कर रहे फ्रिज? हो जाइए सावधान वरना झेलना पड़ेगा हजारों का नुकसान

Fridge Tips: अक्सर कई लोग बिजली बचाने के चक्कर में बार-बार फ्रिज को बंद कर देते हैं. लेकिन ऐसा करना आपके फ्रिज को नुकसान पंहुचा सकता है. आज हम आपको बताएंगे कि ऐसा करने से क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं. साथ ही जानेंगे कि फ्रिज को बार-बार बंद करना क्यों जरूरी नहीं होता और इससे आपके फ्रिज पर क्या असर पड़ता है.

Fridge Tips: जब भी हम नया फ्रिज खरीदते हैं तो एक भरोसेमंद ब्रांड और अच्छे फीचर्स वाला मॉडल ही चुनते हैं. नए-नए में तो फ्रिज काफी अच्छे से काम करता है लेकिन समय के साथ उसमें कुछ खराबियां आ जाती हैं. कभी-कभी इन खराबियों की वजह हमारी आदतें और लापरवाही होती हैं. उदाहरण के तौर पर, कुछ लोग जब फ्रिज का इस्तेमाल कम करते हैं या उन्हें लगता है कि ठंडक ज्यादा हो रही है, तो वे फ्रिज को बंद कर ���ेते हैं. कई बार बिजली का बिल बचाने के लिए भी लोग ऐसा करते हैं. लेकिन यह आदत भविष्य में बड़ी सिर दर्द बन सकती है.

दरअसल, फ्रिज (Fridge) को बार-बार बंद और चालू करने से इसके परफॉर्मेंस और लाइफ पर असर पड़ता है. आज हम आपको बताएंगे कि फ्रिज को बार-बार बंद करने से कौन-कौन से नुकसान हो सकते हैं. आइए जानते हैं विस्तार से.

Fridge बंद करने की क्या है वजह?

कई लोग जब फ्रिज (Fridge) जरूरत से ज्यादा ठंडा करने लगता है तब वे फ्रिज को बंद कर देते हैं. कुछ लोगों का मानना है कि सप्ताह में एक या दो बार फ्रिज को बंद करना चाहिए. वहीं, जब फ्रिज में कम सामान होता है तो कई लोग सोचते हैं कि इसे चलाए रखने की क्या जरूरत है, बिजली बचाने के लिए इसे बंद कर देना  सही है. इसके अलावा, जब फ्रीजर में ज्यादा बर्फ जम जाती है या सब्जियों और फलों पर बर्फ की परत चढ़ जाती है, तो लोग डीफ्रॉस्ट करने के बजाय डायरेक्ट फ्रिज को बंद कर देते हैं. लेकिन ऐसा करने से आप अपने ही फ्रिज को नुकसान पहुंचाते हैं.

बार-बार Fridge बंद करना पड़ेगा महंगा

बार-बार फ्रिज को बंद करने की आदत आपका जेब ढीली कर सकता है. एक्सपर्ट्स की माने तो, ऐसा करने से फ्रिज के कंप्रेसर और कूलिंग सिस्टम पर एक्स्ट्रा  दबाव पड़ता है, जिससे उसकी कार्यक्षमता पर असर होता है और वह जल्दी खराब भी हो सकता है. इसके अलावा, लगातार बंद करने से फ्रिज के अंदर रखा खाना भी जल्दी खराब होने लगता है और उसमें से बदबू आने लगती है. इतना ही नहीं, जब फ्रिज को कुछ समय के लिए बंद रखने के बाद दोबारा चालू किया जाता है, तो उसका दरवाजा सही तरीके से बंद नहीं होता, जिससे अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं.

Fridge को कब बंद करना सही है

आजकल ज्यादातर नए मॉडलों में ऑटोमैटिक कट-ऑन फीचर दिया जाता है. यह फीचर जरूरत के हिसाब से खुद ही फ्रिज को चालू या बंद करता रहता है. इससे यूजर्स को बार-बार फ्रिज को मैनुअली बंद करने की जरूरत नहीं पड़ती. अगर आप फ्रिज डीप क्लीन करने जा रहे हैं, तो सबसे पहले उसे बंद करके कुछ समय के लिए खुला छोड़ देना सही है. वहीं, अगर आप कई दिनों के लिए घर से बाहर जा रहे हैं और फ्रिज खाली है, तब भी उसे बंद करना एक समझदारी भरा फैसला है. हालांकि, इन परिस्थितियों को छोड़कर सामान्य हालात में फ्रिज को बंद करना सही नहीं है.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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