धनतेरस पर ऑनलाइन गोल्ड-सिल्वर खरीदने से पहले गांठ बांध लें ये 5 जरूरी बातें, वरना मिनटों में हो जाएंगे ठगी के शिकार

Dhanteras 2025: धनतेरस और दिवाली अब काफी नजदीक है. इस मौके पर सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है. कई लोग अब ऑनलाइन गोल्ड खरीदना ज्यादा पसंद करने लगे हैं. लेकिन ऑनलाइन गोल्ड खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है वरना आप ठगी के शिकार भी हो सकते हैं. तो आइए जानते हैं उन बातों को…

Dhanteras 2025: धनतेरस और दिवाली अब काफी नजदीक है. इस साल धनतेरस 18 तारीख को मनाया जाएगा. इन त्योहारों पर सोना-चांदी खरीदना एक शुभ काम माना जाता है. धनतेरस वाले दिन सोना-चांदी खरीदने के लिए बाजारों में काफी भीड़ उमड़ पड़ती है. इस भीड़ से बचने बचने के लिए कई लोग अब ऑनलाइन सोना-चांदी खरीदना ज्यादा पसंद करने लगे हैं.

त्योहारों वाले सीजन में ऑनलाइन साइट्स भी ग्राहकों को लुभाने के लिए डिस्काउंट और ऑफर्स चलाते हैं. आपको दिखने में भले ही ऑनलाइन सोना-चांदी खरीदना आसान लगे, लेकिन इसमें ठगी का खतरा भी कहीं ज्यादा रहता है. अगर आप भी इस धनतेरस ऑनलाइन सोना-चांदी खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं इन बातों को… 

भरोसेमंद साइट से ही खरीदें 

ऑनलाइन सोना-चांदी खरीदने समय सबसे पहले चेक कर लें कि वो ऐप और साइट भरोसेमंद हो. कोशिश करें कि आप कैश ऑन डिलीवरी (COD) वाला ही ऑप्शन चुनें. 

सरकारी प्रमाणिकता चेक कर लें

ऑनलाइन सोना-चांदी आर्डर करते समय सबसे पहले उसकी सरकारी प्रमाणिकता चेक कर लें. गोल्ड पर BIS Hallmark और सिल्वर पर 925 Mark जरूर देख लें. ये मार्क इस बात की गारंटी देते हैं कि धातु असली है और उसमें मिलावट नहीं की गई है. बिना इन मार्किंग को देख कर खरीदारी न करें.

फर्जी ऑफर्स से बचें

ऑनलाइन सोना-चांदी खरीदने जाएंगे तब आपको कई जगह ‘70% डिस्काउंट ऑन गोल्ड’ या ‘धनतेरस स्पेशल फ्री गोल्ड’ जैसे बैनर्स दिखाई देंगे. इस तुरंत देख कर इनपर भरोसा न करें. सबसे पहले इन्हें वेरीफाई कर लें क्यूंकि हो सकता है लिंक या ऐप फर्जी हो और क्लिक करते ही आपका डेटा चोरी हो जाए. 

पेमेंट करते समय सतर्क रहें

स्कैमर्स कस्टमर को जाल में फसाने के लिए नकली साइट्स और लिंक बनाते हैं. इसलिए ऑनलाइन पेमेंट करते समय हमेशा ध्यान रखें कि वेबसाइट का लिंक ‘https://’ से शुरू हो, ताकि आपका ट्रांजैक्शन सेफ रहे. अपने कार्ड, UPI या बैंक डिटेल किसी के साथ शेयर न करें और पेमेंट के बाद कन्फर्मेशन जरूर चेक करें. अपने कार्ड, UPI या बैंक डिटेल फील करते समय एक बार जरूर चेक कर लें. 

इनवॉइस लेना न भूलें

ऑनलाइन सोना-चांदी खरीदने के बाद हमेशा उसका बिल या इनवॉइस जरूर लें. यह खरीदारी का आधिकारिक सबूत होता है, जिससे प्रोडक्ट की कीमत, शुद्धता और टैक्स डिटेल पता चलती है. बाद में अगर आप सोना बेचना चाहें, तो यही बिल आपके बहुत काम आएगा. इसका एक और फायदा ये भी है कि भविष्य में कोई दिक्कत या शिकायत करना हो, तो यही इनवॉइस आपकी मदद करेगा.

यह भी पढ़ें: धनतेरस में Gold खरीदने की कर रहे प्लानिंग? इस तरीके से पता करें सोना असली है या नकली, मिनटों में खुल जाएगी सारी पोल

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लेखक के बारे में

By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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