भारतीय युवा वैज्ञानिक देवेंद्र सिंह चपलोट ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है. IIT-बॉम्बे से पढ़ाई करने वाले चपलोट को एलन मस्क ने अपनी दो बड़ी कंपनियों- SpaceX और xAI, में शामिल किया है. खुद मस्क ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म X पर उनका स्वागत किया और कहा कि वे उनकी टीम के साथ “सुपरइंटेलिजेंस बनाने” के मिशन में जुड़ रहे हैं.
IIT-बॉम्बे से लेकर Carnegie Mellon तक का सफर
देवेंद्र चपलोट ने 2014 में IIT-बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में B.Tech पूरा किया. इसके बाद उन्होंने Carnegie Mellon University के मशीन लर्निंग डिपार्टमेंट से PhD की, जहां उनका रिसर्च “इंटेलिजेंट ऑटोनॉमस नेविगेशन एजेंट्स” पर केंद्रित था.
प्रोफेशनल करियर और रिसर्च
चपलोट ने साउथ कोरिया में Samsung Electronics में काम किया और बाद में Facebook AI Research से जुड़े. यहां उन्होंने कंप्यूटर विजन और रोबोटिक्स के इंटरसेक्शन पर रिसर्च की. 2020 में वे Mistral AI से जुड़े और Multimodal रिसर्च टीम को लीड किया. उन्होंने Pixtral Large, Pixtral 12B और Mixtral 8x7B जैसे मॉडल्स को ट्रेन करने में अहम भूमिका निभाई.
अवॉर्ड्स और उपलब्धियां
देवेंद्र चपलोट को कई अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड्स मिले हैं. इनमें Facebook Fellowship (2020), CVPR 2020 AI Habitat Object Navigation Challenge और CVPR 2018 DeepLearning for Visual SLAM Workshop में Best Paper Award शामिल हैं.
SpaceX और xAI में नयी भूमिका
चपलोट अब xAI में टेक्निकल स्टाफ के रूप में जुड़ेहैं. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि वे सालों से रोबोटिक्स और AI रिसर्च के प्रति जुनूनी रहे हैं और अब एलन मस्क की टीम के साथ सुपरइंटेलिजेंस बनाने की दिशा में काम करेंगे.
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