'आपके खिलाफ 17 FIR हैं' कहकर लाखों की हो रही ठगी, बचिए साइबर ठगी के नये तरीके से

Cyber Safety Tips: एक नये तरह के साइबर स्कैम में लोगों को यह कहकर डराया जा रहा है कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हैं, और इसी बहाने उनसे ठगी कर ली जा रही है. यह मामला न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि यह बताता है कि कैसे डर और भ्रम के मारे लोग साइबर अपराधियों के जाल में फंस जाते हैं.

Cyber Safety Tips: मार्केट में एक नया और खतरनाक साइबर स्कैम सामने आया है. इसमें ठग अपने शिकार को फोन कर उनपर एफआईआर दर्ज होने की झूठी बात कहकर चूना लगा देते हैं. देश के कई हिस्सों से ऐसे मामले सामने आ चुके हैं. इस चौंकाने वाले मामले से सीख लेकर यह जानना बेहद जरूरी है कि ऐसे ऑनलाइन फ्रॉड से कैसे बचा जाए और कौन-कौन सी सावधानियां बरती जानी चाहिए. हम आपको साइबर क्राइम के नये तरीकों, आम जालसाजियों और सुरक्षा उपायों की पूरी जानकारी देंगे.

पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ित को कॉल करेंगे

साइबर स्कैम के इस नये मामले में ठग अपने शिकार को यह कहकर डराते हैं कि उनके खिलाफ 17 एफआईआर दर्ज हैं और उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. साइबर ठग खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ित को कॉल करते हैं और गिरफ्तारी से बचने के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने को मजबूर करते हैं. यह घटना यह दर्शाती है कि कैसे डर और भ्रम फैलाकर साइबर अपराधी लोगों को जाल में फंसा सकते हैं.

बिना पुष्टि किये कोई पेमेंट कतई न करें

अगर आपको भी ऐसा कोई कॉल मिले, जिसमें दावा किया जाए कि आपके खिलाफ कोई मामला दर्ज है, तो घबराएं नहीं. बिना पुष्टि किये किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और कोई पेमेंट कतई न करें. ध्यान रखें कि कोई भी सरकारी एजेंसी या पुलिस कभी फोन पर पैसे नहीं मांगती.

बचाव के लिए सबसे पहले कॉल की पुष्टि करें

आप नजदीकी पुलिस स्टेशन या संबंधित विभाग से संपर्क करें. अगर आपको ठगी का संदेह हो, तो साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज करें. साथ ही अपने बैंक अकाउंट और डिजिटल वॉलेट की सुरक्षा बढ़ाएं और सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से परहेज करें.

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क्या आप भी हो सकते हैं शिकार?

अगर आपको कोई कॉल आए जिसमें कहा जाए कि आपके खिलाफ केस है, तो पैनिक न करें.

किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और कोई भी पेमेंट न करें.

पुलिस या सरकारी एजेंसियां कभी भी फोन पर पैसे नहीं मांगतीं.

बचाव के क्या हैं उपाय?

हमेशा कॉल की पुष्टि करें- पुलिस स्टेशन या संबंधित विभाग से संपर्क करें

साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें

अपने बैंक और डिजिटल वॉलेट की सुरक्षा बढ़ाएं

सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचें.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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