पानी गर्म करने के लिए करते हैं Immersion Rod का इस्तेमाल? तो खरीदने से पहले जरूर चेक कर लें ये 5 चीजें

Immersion Rod Buying Guide: कई घरों में गीजर के मुकाबले इमर्शन रॉड ज्यादा देखने को मिलता है क्यूंकि ये सस्ता पड़ता है और इसमें इंस्टॉलेशन का झंझट न���ीं रहता. अगर आप भी इस सर्दियां एक इमर्शन रॉड खरीदने वाले हैं तो उसे लेते समय कुछ चीजें चेक करना बहुत जरूरी है. आइए जानते हैं.

Immersion Rod Buying Guide: अक्टूबर का महीना कुछ ही दिनों में खत्म हो जाएगा लेकिन अभी से ही हल्की-हल्की ठंड लगना शुरू हो चुकी है. सर्दियों में ज्यादातर लोग नहाने के लिए गर्म पानी का ही इस्तेमाल करते हैं. आज भी कई घरों में इमर्शन रॉड यानी पानी गर्म करने वाली रॉड का ही यूज करते हैं क्यूंकि यह गीजर के मुकाबले काफी सस्ती होती है और इसमें किसी भी तरह का इंस्टॉलेशन का झंझट नहीं होता. तो ऐसे में अगर आप इस सर्दी एक इमर्शन रॉड (Immersion Rod) खरीदने वाले हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. आइए आपको बताते हैं.

पावर कैपेसिटी

मार्केट में कई तरह के इमर्शन रॉड आते हैं, तो सबसे पहले उसकी पावर रेटिंग या कैपेसिटी जरूर चेक कर लें. आम तौर पर 1000W, 1500W या 2000W के रॉड आते हैं. जितनी ज्यादा वॉट वाली रॉड होगी, वो उतनी जल्दी पानी गर्म कर देगी. तो ऐसे में अगर आपको पानी जल्दी गर्म करना है तो 1500W या 2000W वाला रॉड बेस्ट रहेगा.

ISI मार्क चेक करें

इमर्शन रॉड खरीदते समय यह जरूर देखें कि उस पर ISI मार्क हो. यह मार्क ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) द्वारा दिया जाता है. यह मार्क आपको इस बात की गारंटी देता है कि प्रोडक्ट ने सेफ्टी और क्वालिटी के सभी मानक पूरे किए हैं.

बिल्ड क्वालिटी और मटेरियल

इमर्शन रॉड खरीदते समय उसके बिल्ड क्वालिटी और मटेरियल से कोई समझौता न करें. स्टेनलेस स्टील या कॉपर से बनी रॉड सबसे बढ़िया होती हैं, क्योंकि इसपर जल्दी जंग नहीं लगती, टिकाऊ होती हैं और जल्दी खराब नहीं होती.

वायर की क्वालिटी और लंबाई

रॉड (Immersion Rod) खरीदते समय मोटी वायर और हीट-रेसिस्टेंट वाली ही लें ताकि ज्यादा गर्म होने पर भी ये खराब न हो. वायर की लंबाई भी ध्यान रखें ताकि ये आसानी से सॉकेट तक पहुंच जाएं.

कस्टमर रिव्यू चेक करें 

अगर आप ऑनलाइन रॉड (Immersion Rod) खरीदने जा रहे हैं तो पहले उसके कस्टमर रिव्यू जरूर देख लें, इससे आपको पता चल जाएगा कि प्रोडक्ट की क्वालिटी कैसी है ताकि आप सही इमर्शन रॉड चुन सके.

FAQ

कौन सा इमर्शन रॉड अच्छा होता है, 1000W या 1500W?

1000W और 1500W इमर्शन रॉड में फर्क उनकी स्पीड और बिजली खपत का होता है. 1500W वाला रॉड पानी को जल्दी गर्म कर देता है, लेकिन इससे बिजली ज्यादा खर्च होती है.

इमर्शन रॉड किस लिए इस्तेमाल किया जाता है?

इमर्शन वॉटर हीटिंग रॉड एक ऐसा डिवाइस है जिसका इस्तेमाल पानी गर्म करने के लिए किया जाता है.

क्या इमर्शन रॉड से पानी गर्म करना सेफ है?

हां, अगर आप इमर्शन रॉड को सही तरीके से इस्तेमाल करते हैं और सेफ्टी के नियमों का ध्यान रखते हैं, तो यह बिल्कुल सेफ है.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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