जैसे-जैसे AI टूल्स हमारी डेली लाइफ का हिस्सा बनते जा रहे हैं, वैसे-वैसे उनकी सेफ्टी से जुड़ी चिंताएं भी बढ़ने लगी हैं. आज लोग और कंपनियां दोनों ही ChatGPT जैसे टूल्स में प्राइवेट डिटेल्स डाल रहे हैं, इसलिए अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि AI क्या कर सकता है, बल्कि यह भी है कि वह कितना सेफ है. इसी जरूरत को देखते हुए OpenAI ने ChatGPT के लिए एक नया फीचर ‘Lockdown Mode’ लॉन्च किया है. यह खासतौर पर उन यूजर्स के लिए है जो अपनी पर्सनल डिटेल्स को और ज्यादा सेफ रखना चाहते हैं. अच्छी बात यह है कि यह फीचर सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध है. आइए इसके बारे में जानते हैं.
OpenAI ने क्यों बनाया Lockdown Mode?
यह नया मोड एक बढ़ते हुए साइबर सिक्योरिटी खतरे से निपटने के लिए बनाया गया है, जिसे ‘prompt injection attacks’ कहा जाता है. ये नॉर्मल हैकिंग की तरह सिस्टम को तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश नहीं करते, बल्कि चालाकी से काम लेते हैं. इसमें अटैकर्स वेबपेज, फाइल्स या किसी भी कंटेंट के अंदर ऐसे छिपे हुए इंस्ट्रक्शन डाल देते हैं, जिन्हें AI पढ़ सकता है.
अगर AI उन इंस्ट्रक्शन को समझकर फॉलो कर ले, तो उसका बिहेवियर बदल सकता है. इतना ही नहीं, यूजर की वो डिटेल्स भी सामने आ सकती है जो शेयर करने का इरादा नहीं था. OpenAI के मुताबिक, Lockdown Mode एक एक्स्ट्रा सेफ्टी लेयर है, जो ChatGPT की मौजूदा सेफ्टी के ऊपर और सेफ्टी जोड़ता है. आसान शब्दों में समझें तो ये ऐसा है जैसे आपने पहले ही दरवाजा लॉक कर दिया हो, और अब उसके ऊपर एक और ताला लगा दिया हो.
इसे ऑन करने पर क्या होता है?
जैसे ही Lockdown Mode ऑन किया जाता है, ChatGPT थोड़ा ज्यादा अलर्ट हो जाता है. यूजर फिर भी फाइल्स अपलोड कर सकते हैं, इमेज शेयर कर सकते हैं और AI से इमेज भी बनवा सकते हैं. लेकिन कुछ ऐसी सुविधाएं जो इंटरनेट या बाहरी कंटेंट से जुड़ी होती हैं, वे सीमित हो जाती हैं. उदाहरण के लिए, ChatGPT कई बार वेब से इमेज लाना या सीधे दिखाना बंद कर सकता है. इसके अलावा, कुछ एडवांस फीचर्स जैसे Deep Research और Agent Mode भी काम नहीं करते, क्योंकि ये इंटरनेट और बाहरी सेवाओं के साथ ज्यादा गहराई से जुड़े होते हैं.
हर किसी के लिए जरूरी नहीं है फीचर
OpenAI ने साफ तौर पर बताया है कि यह फीचर हर नॉर्मल यूजर के लिए नहीं है. जो लोग रोजमर्रा में नॉर्मल काम करते हैं, उन्हें शायद इसका ज्यादा फायदा न दिखे. लेकिन जिनके लिए डेटा और जानकारी बहुत सेंसेटिव होती है जैसे पत्रकार, रिसर्चर, प्रोफेशनल्स या बड़ी संस्थाओं में काम करने वाले लोग, उनके लिए यह काफी काम का हो सकता है.
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