क्या आपने भी कभी सुना है कि स्मार्टफोन के पास मैग्नेट रखने से उसका डेटा डिलीट हो सकता है या फोन हमेशा के लिए खराब हो सकता है? यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है, खासकर तब जब मैग्नेटिक चार्जर, मैग्नेटिक फोन होल्डर और मैग्नेटिक कवर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. अच्छी बात यह है कि आधुनिक स्मार्टफोन पहले की तुलना में काफी एडवांस हो चुके हैं और सामान्य मैग्नेट से इन्हें नुकसान होने की संभावना बेहद कम होती है. हालांकि कुछ स्थितियों में मैग्नेट का असर फोन के कुछ फीचर्स पर अस्थायी रूप से जरूर पड़ सकता है.
आधुनिक स्मार्टफोन पर मैग्नेट का असर क्यों नहीं पड़ता?
कई साल पहले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में मैग्नेटिक स्टोरेज तकनीक और मूविंग पार्ट्स का इस्तेमाल होता था. ऐसे उपकरणों पर तेज मैग्नेट का असर पड़ सकता था और डेटा भी प्रभावित हो सकता था.
लेकिन आज के स्मार्टफोन में फ्लैश स्टोरेज का इस्तेमाल होता है, जिसमें कोई मैग्नेटिक डिस्क या घूमने वाला हिस्सा नहीं होता. यही वजह है कि सामान्य मैग्नेट से फोन का डेटा डिलीट होने या स्टोरेज खराब होने का खतरा नहीं रहता.
फोन के अंदर भी मौजूद होते हैं कई मैग्नेट
दिलचस्प बात यह है कि स्मार्टफोन के भीतर भी कई छोटे मैग्नेट पहले से लगे होते हैं. स्पीकर, वाइब्रेशन मोटर, कैमरा मॉड्यूल और कुछ अन्य कॉम्पोनेंट्स में मैग्नेट का उपयोग किया जाता है.
यही कारण है कि कंपनियां मैग्नेटिक एक्सेसरीज और कुछ मॉडल्स में मैग्नेटिक चार्जिंग सिस्टम भी देती हैं. इसलिए रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले सामान्य मैग्नेट से फोन को स्थायी नुकसान पहुंचने की आशंका नहीं होती.
डिस्प्ले और डेटा पर नहीं, लेकिन इन फीचर्स पर पड़ सकता है असर
पुराने CRT टीवी और मॉनिटर पर मैग्नेट का असर साफ दिखाई देता था और स्क्रीन के रंग तक बदल जाते थे. लेकिन आज के OLED और LCD डिस्प्ले इस तरह के प्रभाव से काफी हद तक सुरक्षित हैं.
हालांकि अगर बहुत ताकतवर मैग्नेट फोन के बेहद करीब लाया जाए तो फोन का कंपास कुछ समय के लिए गलत दिशा दिखा सकता है. इसका असर GPS नेविगेशन की सटीकता पर भी अस्थायी रूप से पड़ सकता है.
कैमरा और स्लीप मोड में हो सकता है अस्थायी बदलाव
आज के स्मार्टफोन कैमरों में ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन (OIS) जैसे एडवांस सिस्टम लगे होते हैं. बहुत शक्तिशाली मैग्नेट कैमरे के आसपास लाने पर कैमरा कुछ समय के लिए फोकस करने में दिक्कत महसूस कर सकता है या तस्वीर हल्की धुंधली दिखाई दे सकती है. आमतौर पर मैग्नेट हटाने के बाद यह स्थिति सामान्य हो जाती है.
इसके अलावा कई स्मार्टफोन मैग्नेटिक फ्लिप कवर को पहचानने के लिए सेंसर का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में सही जगह पर मैग्नेट आने पर फोन अपने आप स्लीप मोड में जा सकता है. यह कोई खराबी नहीं बल्कि एक सामान्य फीचर है.
क्या मैग्नेटिक एक्सेसरीज इस्तेमाल करना सुरक्षित है?
अगर आप मैग्नेटिक फोन होल्डर, मैग्नेटिक कवर या मैग्नेटिक चार्जिंग एक्सेसरी का इस्तेमाल करते हैं तो सामान्य तौर पर चिंता की जरूरत नहीं है. ये एक्सेसरीज स्मार्टफोन को ध्यान में रखकर डिजाइन की जाती हैं.
फिर भी बहुत ज्यादा शक्तिशाली औद्योगिक मैग्नेट या बड़े चुंबकों को लंबे समय तक फोन के कैमरे या सेंसर के बेहद करीब रखने से बचना बेहतर माना जाता है. इससे कुछ फीचर्स पर अस्थायी असर पड़ सकता है, लेकिन सामान्य उपयोग में आधुनिक स्मार्टफोन मैग्नेट के साथ सुरक्षित रहते हैं.
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