भारत ने अपने बजट 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बड़ा ऐलान किया है. सरकार ने इस बार ₹1,000 करोड़ की राशि “IndiaAI मिशन” के लिए तय की है. यह निवेश शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में AI को अपनाने के लिए किया जाएगा. लेकिन जब हम अमेरिका, चीन, रूस और पाकिस्तान से तुलना करते हैं तो तस्वीर बिल्कुल अलग दिखती है.
अमेरिका: रक्षा क्षेत्र में सबसे बड़ा दांव
अमेरिका ने 2026 में $13.4 बिलियन का बजट सिर्फ AI और ऑटोनॉमी प्रोजेक्ट्स के लिए रखा है. इसमें ड्रोन, रोबोटिक वाहन और स्मार्ट सॉफ्टवेयर शामिल हैं. यह पहली बार है जब अमेरिकी रक्षा विभाग ने AI को अलग लाइन आइटम के रूप में पेश किया है. साफ है कि अमेरिका AI को युद्ध और सुरक्षा के भविष्य का आधार मान रहा है.
चीन: हर सेक्टर में AI का समावेश
चीन ने 2026 से शुरू होने वाली अपनी 15वीं पंचवर्षीय योजना में AI को केंद्र में रखा है. वहां निवेश किसी एक बजट लाइन में नहीं बल्कि शिक्षा, उद्योग, रोबोटिक्स, चिप निर्माण और गवर्नेंस तक फैला हुआ है. चीन का मकसद है कि आने वाले दशक में वह अमेरिका को AI रेस में टक्कर दे सके.
रूस और पाकिस्तान: अलग प्राथमिकताएं
रूस का बजट 2026 मुख्य रूप से युद्ध और रक्षा पर केंद्रित है. लगभग 40% खर्च सैन्य जरूरतों पर जा रहा है, लेकिन AI को अलग से कोई बड़ा फंड नहीं मिला. वहीं पाकिस्तान ने नेशनल AI पॉलिसी 2025 के तहत एक मिलियन युवाओं को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा है. हालांकि बजट के लिहाज से कोई बड़ा निवेश अभी तक सामने नहीं आया है.
2026 में AI निवेश तुलना
सरकारी बजट
| देश | निवेश राशि | मुख्य फोकस |
| भारत | ₹1,000 करोड़ (~$120M) | शिक्षा, कृषि, डेटा सेंटर |
| अमेरिका | $13.4B | रक्षा, ड्रोन, ऑटोनॉमी |
| चीन | मल्टी-बिलियन (पंचवर्षीय योजना) | रोबोटिक्स, चिप्स, गवर्नेंस |
| रूस | कोई स्पष्ट AI लाइन नहीं | रक्षा-प्रधान खर्च |
| पाकिस्तान | नीति-आधारित, ट्रेनिंग 1M लोग | स्किलिंग, कृषि AI |
प्राइवेट कंपनियां का अरबों में निवेश
| कंपनी | निवेश/स्थिति | उद्देश्य |
| OpenAI (ChatGPT) | $14B घाटा | मॉडल ट्रेनिंग, रिसर्च |
| xAI (Grok) | $20B फंडिंग | चैटबॉट, ऑटोनॉमी |
| Google Gemini | $1B Apple डील | Siri और Apple Intelligence |
| Perplexity AI | $750M Microsoft क्लाउड डील | AI सर्च इंजन स्केलिंग |
प्राइवेट कंपनियां सरकारी बजट से कहीं आगे
सरकारी निवेश के मुकाबले निजी कंपनियां कहीं ज्यादा पैसा लगा रही हैं
- OpenAI (ChatGPT): 2026 में $14 बिलियन का घाटा, लेकिन रिसर्च जारी
- xAI (Grok): एलन मस्क की कंपनी ने $20 बिलियन की फंडिंग जुटाई
- Google Gemini: Apple के साथ $1 बिलियन का सालाना लाइसेंस डील
- Perplexity AI: Microsoft के साथ $750 मिलियन का क्लाउड समझौता.
ये आंकड़े दिखाते हैं कि टेक कंपनियां AI को भविष्य की सबसे बड़ी दौड़ मान रही हैं.
AI की दौड़ में कहां खड़ा होगा भारत?
भारत ने AI पर कदम जरूर बढ़ाया है, लेकिन अमेरिका और चीन की तुलना में यह निवेश बहुत छोटा है. फिर भी, भारत का फोकस शिक्षा और कृषि जैसे सामाजिक क्षेत्रों पर है, जो इसे अलग पहचान देता है. आने वाले वर्षों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकारी योजनाएं और निजी निवेश मिलकर भारत को AI की वैश्विक दौड़ में कहां खड़ा करते हैं.
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