बम-मिसाइल भी नहीं करते असर! इतनी खास हैं पुतिन और जिनपिंग की प्रेसिडेंशियल कारें

BRICS Summit : BRICS शिखर सम्मेलन में पहुंचे रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की खास प्रेसिडेंशियल कारें चर्चा में हैं. जानें कैसे ये लग्जरी लिमोजिन सुरक्षा का अभेद्य किला बनाती हैं.

BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने नई दिल्ली पहुंचे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सिक्योरिटी पर हर किसी की नजर है. वजह सिर्फ दोनों नेताओं की सुरक्षा नहीं, बल्कि उनकी खास प्रेसिडेंशियल कारें भी हैं.

पुतिन रूस की औरस सेनाट (Aurus Senat) में सफर कर रहे हैं, जबकि शी जिनपिंग की पसंद चीन की होंगछी एन701(Hongqi N701) है. दोनों कारें दिखने में जितनी लग्जरी लिमोजिन हैं, उनती ही बेहद खास सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.

कितना सुरक्षित है पुतिन की औरस सेनाट ?

  • व्लादिमीर पुतिन ने 2018 में औरस सेनाट को अपनी आधिकारिक कार के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू किया था. इससे पहले रूसी राष्ट्रपति मर्सिडीज-बेंज एस 600 गार्ड पुलमैन में सफर करते थे.
  • औरस सेनाट ( Aurus Senat Price Features Safety) को रूस के कोर्टेज प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया था. जिसका मकसद देश के शीर्ष अधिकारियों के लिए घरेलू स्तर पर लग्जरी और सुरक्षित वाहन तैयार करना था.
  • आम औरस सेनाट के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इसमें 4.4 लीटर ट्विन-टर्बो वी8 हाइब्रिड पावरट्रेन मिलता है. यह करीब 598 हॉर्स पावर और 880 एनएम टॉर्क पैदा करता है. इसमें नौ-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स और ऑल-व्हील ड्राइव की सुविधा दिया गया है.
  • पुतिन के इस्तेमाल वाली बख्तरबंद कार में सुरक्षा से जुड़े कई दूसरे बदलाव किए गए हैं. जिसको लेकर अलग-अलग दावा किया जाता है. हालांकि, इसकी वास्तविक बैलिस्टिक सुरक्षा और दूसरे संवेदनशील सुरक्षा सिस्टम की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं है.

शी जिनपिंग की होंगछी एन701 क्यों है इतनी खास?

  • चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की प्रेसिडेंशियल कार होंगछी एन701 और भी ज्यादा रहस्यमयी है. होंगछी का मतलब ‘रेड फ्लैग’ है और यह चीन का प्रतिष्ठित सरकारी कार ब्रांड रहा है.
  • एन701 को लेकर चीन ने आधिकारिक तौर पर बेहद सीमित तकनीकी जानकारी जारी की है. इसकी लंबाई, इंजन, पावर और सुरक्षा कवच को लेकर कई रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े मिलते हैं.
  • N701 की लंबाई 18 फीट से ज्यादा और वजन तीन टन से अधिक होने का अनुमान है.माना जाता है कि इसमें भारी कवच, बुलेट-रेजिस्टेंट ग्लास और मजबूत बॉडी वर्क के अलावा अलग लाइफ-सपोर्ट और सुरक्षित कम्युनिकेशन सिस्टम भी दिए गए हैं.
  • हालांकि, औरस की तुलना में N701 की तकनीकी खूबियों के बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है. चीन ने अब तक इसके इंजन, पावर आउटपुट या बैलिस्टिक प्रोटेक्शन के सटीक स्तर का खुलासा नहीं किया है.इस लिमोजिन को बेहद सीमित संख्या में बनाया जाता है और यह आम निजी खरीदारों के लिए उपलब्ध नहीं है.
  • माना जाता है कि यह एक भारी और बेहद सीमित इस्तेमाल वाली बख्तरबंद लिमोजिन है. इसमें मजबूत बॉडी, बुलेट-रेजिस्टेंट ग्लास और राष्ट्रपति की सुरक्षित आवाजाही के लिए विशेष सिस्टम होने की रिपोर्ट हैं.

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दोनों कारों में क्या है कॉमन?

  • औरस सेनाट और होंगछी एन701 की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ उनकी ताकत या लग्जरी नहीं है. दोनों को इस तरह तैयार किया गया है कि देश के सर्वोच्च नेता यात्रा के दौरान भी सुरक्षित तरीके से काम और संचार कर सकें.
  • इन कारों में आराम के साथ-साथ सुरक्षा और गोपनीयता को प्राथमिकता दी जाती है. यही कारण है कि इनके कई तकनीकी जानकारी सार्वजनिक नहीं किए जाते.
  • दिलचस्प बात यह है कि दोनों कारों का भारत से पहले भी कनेक्शन बन चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान होंगछी एल5 और औरस सेनाट में सफर करते देखा जा चुका है.
  • इस बार दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान जहां दुनिया की नजर पुतिन और शी जिनपिंग की मुलाकात पर है, वहीं उनके काफिले की ये हाई-सिक्योरिटी लिमोजिन भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं.

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By गौतम कुमार

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