Apple के नए CEO जॉन टर्नस की महीने की सैलरी कितनी? सुंदर पिचाई से कितनी ज्यादा या कम

Apple के नए CEO जॉन टर्नस को हर महीने करीब 2.5 लाख डॉलर की बेस सैलरी मिलेगी, जो सुंदर पिचाई की 1.67 लाख डॉलर की मासिक सैलरी से करीब 83 हजार डॉलर ज्यादा है. हालांकि, CEO की कुल कमाई में सैलरी के अलावा शेयर और दूसरे भुगतान भी शामिल होते हैं.

Apple में लंबे समय बाद बड़ा बदलाव हुआ है. जॉन टर्नस (John Ternus) ने 1 सितंबर 2026 से कंपनी के नए CEO का पद संभाल लिया है. यानी अब Apple की कमान जॉन टर्नस के हाथ में होगी. उन्होंने टिम कुक (Tim Cook) की जगह ली है. वहीं, टिम कुक अब Apple के बोर्ड की जिम्मेदारी संभालेंगे. जॉन टर्नस के CEO बनते ही उनकी सैलरी भी चर्चा में आ गई है.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि Apple के नए CEO को हर महीने कितनी सैलरी मिलेगी? और उनकी कमाई Google के CEO सुंदर पिचाई से कितनी अलग है? आइए, दोनों दिग्गज टेक कंपनियों के CEO की सैलरी का सीधा हिसाब समझते हैं.

हर महीने कितनी सैलरी पाएंगे जॉन टर्नस?

सबसे पहले बात करते हैं जॉन टर्नस की सैलरी की. Apple ने अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) को दी जानकारी में बताया है कि जॉन टर्नस को हर साल 30 लाख डॉलर की बेस सैलरी मिलेगी. यानी महीने के हिसाब से उनकी सैलरी करीब 2.5 लाख डॉलर होगी.

लेकिन उनकी कमाई सिर्फ सैलरी तक सीमित नहीं है. साल 2027 में उन्हें करीब 5.5 करोड़ डॉलर के Apple शेयर भी मिलेंगे. अगर सैलरी और शेयरों को मिलाकर देखें तो 2027 में जॉन टर्नस को कुल करीब 5.8 करोड़ डॉलर मिल सकते हैं. हालांकि, शेयरों की कीमत ऊपर-नीचे होने की वजह से इस रकम में बदलाव हो सकता है.

सुंदर पिचाई की महीने की सैलरी कितनी है?

अब बात करते हैं Google और Alphabet के CEO सुंदर पिचाई की. Alphabet ने मार्च 2026 में SEC को दी जानकारी में बताया कि सुंदर पिचाई की सालाना बेस सैलरी 20 लाख डॉलर यानी 2 मिलियन डॉलर है. यह सैलरी 2020 से नहीं बदली है. इस हिसाब से सुंदर पिचाई को हर महीने करीब 1.67 लाख डॉलर की बेस सैलरी मिलती है.

इस तरह सिर्फ बेस सैलरी की तुलना करें तो जॉन टर्नस को हर महीने सुंदर पिचाई से करीब 83 हजार डॉलर ज्यादा मिलेंगे. यानी जॉन टर्नस की मासिक बेस सैलरी पिचाई की तुलना में करीब 50 प्रतिशत ज्यादा है.

CEO की कमाई में सैलरी के अलावा क्या-क्या शामिल?

दोनों की कुल कमाई को केवल मासिक सैलरी से समझना सही नहीं होगा. बड़ी टेक कंपनियों के CEO को सैलरी के अलावा कंपनी के शेयर और दूसरी सुविधाएं भी मिलती हैं. उदाहरण के लिए, Alphabet की 2025 की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार सुंदर पिचाई का कुल भुगतान करीब 1.09 करोड़ डॉलर था. इसमें 20.08 लाख डॉलर की सैलरी और करीब 88.98 लाख डॉलर की दूसरी राशि शामिल थीं.

यानी सीधी बात यह है कि बेस सैलरी के मामले में जॉन टर्नस सुंदर पिचाई से आगे हैं, लेकिन कुल कमाई की तुलना करने के लिए सैलरी के साथ शेयर और दूसरे भुगतान को भी देखना जरूरी है.

इन 5 दिग्गज टेक कंपनियों के CEO की महीने की सैलरी कितनी?

रैंकCEOकंपनीसालाना बेस सैलरीमहीने की बेस सैलरी
1जॉन टर्नसApple$30 लाख$2.50 लाख
2सत्या नडेलाMicrosoft$25 लाख$2.08 लाख
3सुंदर पिचाईAlphabet/Google$20 लाख$1.67 लाख
4मार्क बेनिऑफSalesforce$15.5 लाख$1.29 लाख
5जेनसन हुआंगNVIDIA$15 लाख$1.25 लाख

सोर्स- अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC)

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By अंकित आनंद

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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