Apple iPhone Duo को मिला ठंडा रिस्पॉन्स, भारी कीमत और फीचर्स को लेकर सोशल मीडिया पर भड़के यूजर्स

ऐपल के पहले फोल्डेबल iPhone Duo को सोशल मीडिया पर आम जनता का भारी विरोध मिल रहा है. ₹3 लाख की कीमत और स्पॉन्सर्ड मार्केटिंग को लेकर यूजर्स ने टेक इन्फ्लुएंसर्स को घेरा.

ऐपल (Apple) के बहुप्रतीक्षित 'Surprise and Shine' इवेंट में कंपनी ने अपने पहले फोल्डेबल स्मार्टफोन iPhone Duo को पेश तो कर दिया, लेकिन टेक लवर्स और आम यूजर्स को यह नया डिवाइस कुछ खास रास नहीं आ रहा है. टेक इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर गौरव चौधरी (Technical Guruji) द्वारा इंस्टाग्राम पर "#iPhoneDuo is here..." जैसी पोस्ट शेयर करने के बाद कमेंट सेक्शन में आम जनता का गुस्सा और नाराजगी साफ देखने को मिल रही है.

पब्लिक कमेंट्स और सोशल मीडिया रिएक्शंस के आधार पर लोग इस फोन को एक "ओवरप्राइज्ड" और "कॉपी-पेस्ट" प्रोडक्ट मान रहे हैं. आइए जानते हैं आखिर क्यों आम जनता इस फोल्डेबल आईफोन को पूरी तरह नकार रही है:

यहां देखें पोस्ट

1. ₹3 लाख की भारी कीमत: "किडनी बेचना भी काफी नहीं होगा"

भारतीय बाजार में iPhone Duo के 256GB बेस मॉडल की शुरुआती कीमत ₹2,99,900 रखी गई है, जो टॉप-एंड मॉडल के लिए ₹4,49,900 तक जाती है.

  • जनता का रिएक्शन: पब्लिक कमेंट्स में यूजर्स का कहना है कि 3 लाख रुपये में कार या कई सालों का घर का राशन आ सकता है. आम यूजर्स इसे "पैसे की सरासर बर्बादी" बता रहे हैं.
  • लोगों का आरोप है कि ऐपल अब इनोवेशन के नाम पर केवल लोगों की जेब खाली करने का काम कर रहा है.

2. "सिर्फ पेड प्रमोशन्स वाले तारीफ कर रहे हैं"

सोशल मीडिया पर टेक इन्फ्लुएंसर्स और क्रिएटर्स की पोस्ट्स के नीचे कमेंट्स की बाढ़ आ गई है. आम जनता का कहना है कि जो भी टेक यूट्यूबर या क्रिएटर इस फोन की बड़ाई कर रहा है, वह सिर्फ ऐपल से स्पॉन्सरशिप या पैसे लेकर मार्केटिंग (Paid Promotion) कर रहा है.

  • कमेंट्स में तीखे तंज: यूजर्स लिख रहे हैं- "आपको तो कंपनी से मुफ्त में यूनिट और पैसे मिल जाते हैं, इसलिए तारीफ कर रहे हो. अपनी जेब से 3 लाख खर्च करने पड़े तो पता चले."
  • जनता का मानना है कि टेक कम्युनिटी में अब असली रिव्यू (Authentic Reviews) खत्म हो चुके हैं और केवल हाइप बनाई जा रही है.

3. वही पुराना डिजाइन और भारी-भरकम बॉडी

यूजर्स का कहना है कि सैमसंग पिछले 7-8 सालों से फोल्डेबल फोन बना रहा है और ऐपल इतने सालों बाद भी कुछ नया या अलग नहीं ला पाया.

  • डिजाइन पर सवाल: बंद होने पर 5.4-इंच और खुलने पर 7.6-इंच का यह फोन जेब में रखने पर किसी भारी ईंट (Brick) जैसा महसूस होता है.
  • कई कमेंट्स में यूजर्स ने चुटकी लेते हुए लिखा कि ऐपल ने सैमसंग के फोल्ड का डिजाइन कॉपी करके पीछे बस अपना लोगो (Logo) चिपका दिया है.

4. प्रो मॉडल्स वाले फीचर्स भी गायब

₹3 लाख की भारी-भरकम कीमत चुकाने के बाद भी यूजर्स को इसमें कई प्रमुख फीचर्स नहीं मिल रहे हैं:

  • वेरिएबल अपर्चर कैमरा न होना: जहां कम कीमत वाले iPhone 18 Pro में नया 48MP वेरिएबल अपर्चर कैमरा दिया गया है, वहीं महंगे iPhone Duo में यह एडवांस्ड कैमरा सेटअप गायब है.
  • Face ID की जगह Touch ID: यूजर्स का कहना है कि इतने महंगे फोन में फेस आईडी हटाकर साइड बटन में टच आईडी देना पीछे की ओर कदम बढ़ाना (Downgrade) है.

5. ड्यूरेबिलिटी और मेंटेनेंस का खौफ

सैमसंग और अन्य ब्रांड्स के फोल्डेबल फोन्स में स्क्रीन क्रैकिंग और हिंज खराब होने की समस्याओं को जनता देख चुकी है.

  • यूजर कंसर्न: भले ही ऐपल "क्रीज-फ्री" लिक्विड मेटल हिंज का दावा कर रहा हो, लेकिन आम पब्लिक का कहना है कि अगर 3 लाख के फोन की स्क्रीन गलती से गिरकर टूट गई, तो उसकी रिपेयरिंग में ही नया आईफोन आ जाएगा.

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By राजीव कुमार

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जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

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