CEO की भी जगह लेगा AI, Mark Zuckerberg बना रहे AI CEO एजेंट, जानें पूरी डिटेल

Meta के सीईओ मार्क जकरबर्ग एक AI CEO एजेंट पर काम कर रहे हैं, जो फैसले लेने और जानकारी तक पहुंच को तेज करेगा. कंपनी AI टूल्स जैसे My Claw और Second Brain से वर्कफ्लो सुधार रही है. भारी निवेश के चलते Meta 15,000 मैनपावर की छंटनी कर सकती है और VR प्रोजेक्ट्स से दूरी बना रही है.

Meta के सीईओ मार्क जकरबर्ग अब एक ऐसे प्रयोग पर काम कर रहे हैं जो कॉर्पोरेट दुनिया की तस्वीर बदल सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जकरबर्ग एक AI CEO एजेंट बना रहे हैं, जो कंपनी के टॉप लेवल पर फैसले लेने में मदद करेगा. यह एजेंट जानकारी तक तेजी से पहुंचने और डिसीजन मेकिंग को ट्रेडिशनल स्टाफ लेयर्स से कहीं अधिक तेज बनाने के लिए तैयार किया जा रहा है.

AI से बदलता वर्कप्लेस स्ट्रक्चर

Meta पहले ही AI को अपने वर्कफ्लो में गहराई से शामिल कर चुका है. कंपनी के कर्मचारी My Claw और Second Brain जैसे टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो चैट लॉग्स, प्रोजेक्ट डॉक्यूमेंट्स और टीम कम्युनिकेशन को संभालते हैं. इन टूल्स को आंतरिक रूप से AI चीफ ऑफ स्टाफ कहा जा रहा है. जकरबर्ग खुद भी AI टूल्स के साथ कोडिंग में समय दे रहे हैं और मानते हैं कि इससे प्रोडक्टिविटी कई गुना बढ़ सकती है.

वर्कफोर्स पर असर

AI में भारी निवेश के चलते Meta अपने वर्कफोर्स में कटौती की योजना बना रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी लगभग 15,000 कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है.Meta ने हाल ही में Moltbook और ManasAI जैसी कंपनियों का अधिग्रहण किया है, ताकि अपनी Superintelligence Labs को मजबूत किया जा सके. हालांकि, इस लैब का पहला मॉडल Avocado आंतरिक टेस्ट में सफल नहीं हो पाया और लॉन्च में देरी हो रही है.

VR और Metaverse से दूरी

Meta ने अपने VR प्रोजेक्ट Horizon Worlds पर खर्च कम कर दिया है. कंपनी ने साफ किया है कि अब नये गेम्स नहीं बनाये जाएंगे और VR यूजर्स को बड़े अपडेट नहीं मिलेंगे. RealityLabs डिवीजन, जिसने Horizon Worlds विकसित किया था, पिछले पांच सालों में लगभग $80 बिलियन का नुकसान झेल चुका है. अब Meta का फोकस पूरी तरह AI और सुपरइंटेलिजेंस पर है.

भविष्य की दिशा

जकरबर्ग का AI CEO एजेंट एक्सपेरिमेंट इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में कंपनी की लीडरशिप भी AI पर निर्भर हो सकता है. OpenAI के सैमऑल्टमैन पहले ही कह चुके हैं कि भविष्य में AI किसी भी बड़े संगठन का सीईओ इंसानों से बेहतर तरीके से निभा सकता है. ऐसे में यह बदलाव सिर्फ मैनपावर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि टॉप मैनेजमेंट तक पहुंच जाएगा.

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By Rajeev Kumar

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