AI Jobs Boom: भारत में एआई नौकरियों की डिमांड तेज, अश्विनी वैष्णव बोले- 20% तक बढ़ रही भर्ती

भारत में एआई सेक्टर तेजी से रोजगार पैदा कर रहा है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एआई आधारित नौकरियों की मांग 15-20% बढ़ रही है, जबकि डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश आ रहा है.

AI Jobs Boom: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है. जहां एक तरफ एआई के कारण नौकरियां खत्म होने की चिंता जताई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार का दावा है कि एआई से जुड़े सेक्टर में रोजगार के नए मौके लगातार बढ़ रहे हैं. केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री Ashwini Vaishnaw ने कहा है कि देश में एआई आधारित नौकरियों की मांग 15 से 20 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ रही है. उन्होंने यह भी माना कि आईटी इंडस्ट्री के कई हिस्सों में बड़े बदलाव की जरूरत पड़ेगी, लेकिन भविष्य एआई टेक्नोलॉजी का ही है.

एआई स्किल्स वाले प्रोफेशनल्स की बढ़ी डिमांड

सीआईआई के वार्षिक बिजनेस समिट में बोलते हुए मंत्री ने कहा कि कंपनियां अब तेजी से ऐसे कर्मचारियों की तलाश कर रही हैं जिन्हें एआई टूल्स, ऑटोमेशन और डेटा आधारित टेक्नोलॉजी की समझ हो. उन्होंने आईटी इंडस्ट्री और NASSCOM से मिलकर देश के युवाओं को नई टेक्नोलॉजी के लिए तैयार करने की अपील की.

सरकार का मानना है कि आने वाले समय में पारंपरिक आईटी जॉब्स की प्रकृति बदल सकती है. हालांकि एआई, मशीन लर्निंग, डेटा इंजीनियरिंग और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में नई नौकरियों की संख्या तेजी से बढ़ेगी.

भारत में तेजी से बढ़ रहा डेटा सेंटर निवेश

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार द्वारा डेटा सेंटर सेक्टर को टैक्स में राहत दिए जाने के बाद इस क्षेत्र में भारी निवेश आना शुरू हो गया है. उनके मुताबिक भारत की डेटा सेंटर अर्थव्यवस्था में करीब 200 अरब डॉलर का निवेश आने की संभावना बन रही है.

डेटा सेंटर को एआई और डिजिटल सेवाओं की रीढ़ माना जाता है. जितना ज्यादा एआई का इस्तेमाल बढ़ेगा, उतनी ही ज्यादा हाई-स्पीड सर्वर और डेटा प्रॉसेसिंग की जरूरत पड़ेगी. यही वजह है कि भारत अब खुद को बड़े डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में तैयार कर रहा है.

समुद्र के रास्ते बनेंगे बड़े डिजिटल नेटवर्क

केंद्रीय मंत्री ने भारत की नई समुद्री केबल परियोजनाओं की भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि देश तीन बड़े अंडरसी केबल नेटवर्क तैयार कर रहा है, जो भारत को ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, पश्चिम एशिया और अमेरिका से जोड़ेंगे.

इन नेटवर्क्स का मकसद इंटरनेट स्पीड, डेटा ट्रांसफर और डिजिटल कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाना है. सरकार का मानना है कि इससे आने वाले वर्षों में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिलेगा और टेक कंपनियों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा.

भारत में बनने लगे एआई सर्वर

मंत्री ने कहा कि HP ने भारत में एआई सर्वर का निर्माण शुरू कर दिया है. इसके अलावा सरकार ने Google और अन्य कंपनियों से भी स्थानीय स्तर पर सर्वर निर्माण शुरू करने का आग्रह किया है.

यदि बड़े स्तर पर सर्वर और एआई हार्डवेयर का निर्माण भारत में होता है, तो इससे टेक सेक्टर में नई मैन्युफैक्चरिंग जॉब्स पैदा होंगी और देश की डिजिटल आत्मनिर्भरता भी मजबूत होगी.

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Published by: Rajeev kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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