धूमकेतु के असर से अंतिम हिम युग में विलुप्त हुईं ज्यादातर प्रजातियां?

वाशिंगटन: अनुसंधानकर्ताओं ने एक नये अध्ययन में पाया है कि क्षुद्रग्रह या धूमकेतु के प्रभाव के चलते ज्यादातर बड़े जानवर विलुप्त हुए थे और शुरुआती इंसानी आबादी कम हुई थी. इस अध्ययन ने पूर्व के सिद्धांत को समर्थन दिया है कि किसी परग्रही पिंड के करीब 13,000 वर्ष पहले धरती से टकराने की वजह से […]

वाशिंगटन: अनुसंधानकर्ताओं ने एक नये अध्ययन में पाया है कि क्षुद्रग्रह या धूमकेतु के प्रभाव के चलते ज्यादातर बड़े जानवर विलुप्त हुए थे और शुरुआती इंसानी आबादी कम हुई थी.

इस अध्ययन ने पूर्व के सिद्धांत को समर्थन दिया है कि किसी परग्रही पिंड के करीब 13,000 वर्ष पहले धरती से टकराने की वजह से यह विलोपन हुआ.

इस अध्ययन में पाया गया कि क्षुद्रग्रह या धूमकेतु 12,800 साल पहले धरती से टकराया या वातावरण में विस्फोटित हुआ जिससे कुछ समय तक अत्यधिक ठंड रही और मुमकिन है कि विशालकाय स्लोथ, लंबे-घुमावदार दांतों वाली बिल्लियां और मैमथ समेत 35 से अधिक प्रजातियां विलुप्त हो गईं हों.

इसे यंगर ड्रयास जलवायु घटना भी कहा जाता है. यह अध्ययन ‘साइंटिफिक रिपोर्ट्स’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.

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