एसी खरीदने में हो रही है कन्फ्यूजन? 1.5 टन मॉडल के लिए ये गाइड आएगी आपके काम

1.5 Ton AC Buying Guide: गर्मी के मौसम में सही AC चुनना सिर्फ आराम नहीं, बल्कि समझदारी भी है. रूम साइज, इन्वर्टर टेक्नोलॉजी, स्टार रेटिंग और कूलिंग फीचर्स जैसे पहलू खरीद से पहले देखना जरूरी है. आइए इसे डिटेल में समझते हैं.

AC Buying Guide: भारत के कई शहरों में टेम्परेचर 44°C के पार पहुंच चुका है. ऐसे में AC लग्जरी नहीं, बल्कि जरूरत बन जाती है. अगर आप भी 1.5 टन का नया AC खरीदने की सोच रहे हैं, तो आप अकेले नहीं हैं. भारतीय घरों में, खासकर मीडियम साइज के बेडरूम और लिविंग रूम के लिए, यही सबसे बेस्ट ऑप्शन होता है.

लेकिन थोड़ा ठहर जाइए. AC खरीदना सिर्फ ऑनलाइन ‘Best Seller’ देखकर ऑर्डर करने जितना आसान नहीं है. गलत मॉडल चुन लिया, तो एक तरफ गर्मी परेशान करेगी और दूसरी तरफ बिजली का बिल भी. इसलिए, Buy Now बटन दबाने से पहले उन 7 जरूरी बातों को जरूर जान लें, जो आपके लिए सही AC चुनने में मदद करेंगी. आइए जानते हैं.

सबसे पहले अपने रूम का साइज जरूर चेक करें 

अगर आपका रूम लगभग 120 से 180 वर्ग फुट के बीच है, तो 1.5 टन AC आपके लिए एकदम सही रहेगा. लेकिन अगर कमरा इससे छोटा है, तो बिजली का बिल बेवजह बढ़ सकता है. वहीं, अगर कमरा बड़ा है, तो AC को कमरे को ठंडा करने में काफी मेहनत करनी पड़ेगी.

तय कर लें इन्वर्टर AC लेना है या नॉन-इन्वर्टर AC

इन्वर्टर AC रूम के टेम्परेचर के हिसाब से अपने कंप्रेसर की स्पीड खुद एडजस्ट करता है. इससे बिजली की खपत कम होती है और कमरे का टेम्परेचर भी लगातार आरामदायक बना रहता है. अगर आपका AC रोजाना कई घंटों तक चलता है, तो इन्वर्टर AC पर पैसे खर्च करना बेस्ट रहेगा.

वहीं, नॉन-इन्वर्टर AC का तरीका थोड़ा अलग है. इसका कंप्रेसर या तो पूरी स्पीड पर चलता है या फिर पूरी तरह बंद हो जाता है. यानी यह बार-बार ऑन-ऑफ होता रहता है. इससे बिजली की खपत थोड़ी ज्यादा हो सकती है. 

सही स्टार रेटिंग चुनें  

AC खरीदते समय BEE Star Rating पर जरूर नजर डालें. आसान भाषा में कहें तो 5-Star AC शुरुआत में थोड़ा महंगा जरूर लगता है, लेकिन बिजली की खपत काफी कम करता है. वहीं, 3-Star AC खरीदते वक्त जेब को राहत मिल सकती है, पर बाद में बिजली का बिल देखकर माथा ठनक सकता है.

कॉपर कंडेंसर कॉइल वाला मॉडल ही चुनें

एसी खरीदते समय हमेशा 100% कॉपर कंडेंसर कॉइल वाला मॉडल चुनें. वजह बिल्कुल साफ है. कॉपर, एल्युमिनियम के मुकाबले तेजी से कूलिंग करता है, ज्यादा टिकाऊ होता है और अगर कभी रिपेयर की जरूरत पड़े, तो उसे ठीक करवाना भी आसान रहता है. 

कूलिंग फीचर्स पर भी ध्यान दें

  • टर्बो कूलिंग – कमरा जल्दी ठंडा करने के लिए.
  • स्लीप मोड – रात में आरामदायक कूलिंग और बिजली की बचत के लिए.
  • ऑटो रीस्टार्ट – बिजली जाने के बाद एसी अपने आप फिर से चालू हो जाता है.
  • डीह्यूमिडिफायर मोड – बारिश के मौसम में हवा की नमी कम करने के लिए.
  • एयर फिल्टर / PM 2.5 फिल्टर – धूल, मिट्टी और छोटे-छोटे प्रदूषण कणों को हटाकर साफ हवा देने के लिए.

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By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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