Bengal Election 2021: पहले TMC से कटा सोनाली गुहा का टिकट, लाइव TV पर बहाए आंसू, 24 घंटे बाद दिल में जागा ‘कमल’ प्रेम

West bengal chunav 2021, deprived tmc mla sonali guha contact to mukul roy and wants to join bjp : टिकट के नहीं मिलने पर सोनाली गुहा ने लाइव टीवी के सामने ही आंसू बहाना शुरू कर दिया था. करीब 24 घंटे बाद ही सोनाली गुहा ने भाजपा नेता मुकुल राय को फोन कर बीजेपी में शामिल होने की इच्छा जतायी.

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 6, 2021 6:37 PM

Bengal Election 2021 : टीएमसी की तरफ से कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी होने के साथ ही पार्टी में घमासान शुरू हो गया है. दरअसल, इस बार नये चेहरे को मौका देने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन सभी नेताओं का पत्ता काट दिया जो पार्टी में सालों से बने हुए थे. 80 साल से ज्यादा उम्र के नेता को टिकट नहीं मिला है. टिकट नहीं मिलने पर कुछ पूर्व विधायकों का गुस्सा फूटा तो कुछ आंसू बहाते भी दिखे.

Also Read: TMC का ‘खेला होबे’ तो BJP का ‘ब्रिगेड चलो’, कुछ घंटे बाद PM मोदी की कोलकाता में मेगा रैली, ‘जुबां पर रहेंगी ममता, निशाने पर सत्ता’

इनमें एक नाम पूर्व डिप्टी स्पीकर और सातगाछिया की विधायक सोनाली गुहा का भी है. टिकट के नहीं मिलने पर सोनाली गुहा ने लाइव टीवी पर ही फूट -फूटकर आंसू बहाना शुरू कर दिया था. लिस्ट जारी करने के करीब 24 घंटे बाद ही सोनाली गुहा ने भाजपा नेता मुकुल राय को फोन किया और बीजेपी में शामिल होने की इच्छा जतायी.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोनाली गुहा ने मुकुल राय को फोन कर कहा है कि उन्हें टिकट नहीं चाहिए. वो सिर्फ बीजेपी में शामिल होकर पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करना चाहती है. सूत्रों की मानें तो शनिवार की शाम सोनाली गुहा भाजपा नेता मुकुल राय से मुलाकात करेंगी और संभवत: वो बीजेपी में शामिल हो सकती हैं.

Also Read: Bengal Chunav 2021: BJP में TMC वाले दिनेश ‘त्रिवेदी’, क्या सब ‘खेला’ कर जाएंगे, सिर्फ ममता बनर्जी बची रहेगी?

मुकुल राय की तरफ से भी बताया गया कि सोनाली ने फोन किया था. मुकुल राय का कहना है कि वो बीजेपी में शामिल होना चाहती हैं. उनके बारे में पार्टी में सोच विचार चल रही है. मालूम हो कि उम्मीदवार की लिस्ट में खुद का नाम ना पाकर सोनाली गुहा रोने लगी थीं. उन्होंने कहा था कि उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा है कि दीदी उनके साथ ऐसा करेंगी. वो तो दीदी के परिवार की तरह ही हैं. अगर दीदी खुद बुलाकर कहती कि इस बार उसे टिकट नहीं मिलेगा तब भी उसे इतना दु:ख नहीं होता.

Posted by : Babita Mali

Next Article

Exit mobile version