सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी में मकान किराये पर लगाने वाले मकान मालिकों को सावधान रहने की आवश्यकता है. किसी को भी किराया देने से पहले उसकी पूरी जानकारी हासिल करने और इसकी सूचना पुलिस में भी देने की हिदायत कइ बार दिये जाने के बाद भी मकान मालिक इसका पालन नहीं कर रहे हैं. सिलीगुड़ी की पुलिस कमिश्नर सीएस लेप्चा ने पहले ही इस प्रकार की हिदायत दी थी. उसके बाद भी इसका कोई खास असर नहीं हुआ है.
उल्लेखनीय है कि सिलीगुड़ी में कई आपराधिक वारदातों की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि अपराधी बाहर से आया और अपराध को अंजाम देकर गायब हो गया. ऐसे अपराधी सिलीगुड़ी में कोई किराये का मकान लेते हैं और वहीं से आपराधिक गतिविधियों को संचालित करते हैं. पुलिस कमिश्नर सीएस लेप्चा का कहना है कि किसी को भी मकान किराये पर देने से पहले पूरी सावधानी बरतनी चाहिए.ऐसा मकान मालिकों के हित में भी है, क्योंकि अगर कोई किरायेदार किसी वारदात को अंजाम देता है तो मकान मालिकों को भी कानूनी पचड़े में फंसना पड़ता है.
इस बीच, सिलीगुड़ी पुलिस ने मकान मालिकों को जागरूक करने के लिए एक विशेष पहल की शुरुआत की है. इसके तहत किराये पर मकान देने वाले मकान मालिकों के लिए विशेष जागरूकता शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया गया है. इसकी शुरूआत इस महीने की 19 तारीख से हो जायेगी. इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए स्थानीय क्लबों से सहयोग लेने का भी निर्णय लिया गया है.
इस महीन की 19 तारीख को सिलीगुड़ी नगर निगम के पांच नंबर वार्ड के संतोषी नगर में पहला जागरूकता शिविर का आयोजन स्थानीय नव युवक वृंद क्लब के सहयोग से किया जा रहा है. इस शिविर में सिलीगुड़ी थाने के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहेंगे. नवयुवक वृंद क्लब के सचिव राजेश कुमार राय का कहना है कि गलत लोगों को किराया देकर मकान मालिक अंजाने में किसी बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं, इसीलिए मकान किराये पर देने से पहले मकान मालिकों को सतर्क रहने की जरूरत है. वरना वह भी किसी बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं. इसी बात को ध्यान में रखते हुए नवयुवक वृंद क्लब ने पुलिस प्रशासन को सहयोग करने का निर्णय लिया है.
सिलीगुड़ी थाना के सहयोग से रविवार को मां संतोषी मंदिर प्रांगण में मकान मालिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस शिविर में भारी संख्या में मकान मालिक उपस्थित रहेंगे. इधर, सिलीगुड़ी थाना के अधिकारियों का कहना है कि किसी भी मकान किराये पर देने से पहले उसकी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए. वह कहां से आया है, कहां का रहने वाला, उसका स्थायी पता आदि की जानकारी प्राप्त कर लेनी बेहद जरूरी है. पुलिस अधिकारियों ने आगे कहा कि कई बार हम किसी ऐसे व्यक्ति को जाने-अनजाने में घर किराये पर देते हैं, जो कहीं से कोई अपराध कर आया है. ऐसे अपराधी मकान मालिक के साथ भी किसी घटना को अंजाम दे सकते हैं. कई बार ऐसे अपराधी वारदातों को अंजाम देकर किराये का मकान छोड़ फरार हो जाते हैं.
नये कानून के अनुसार, जांच-पड़ताल में मकान मालिक के खिलाफ भी आपराधिक मामला दर्ज हो सकता है. उस पुलिस अधिकारी ने आगे कहा कि पुलिस की ओर से एक फार्म भी जारी किया गया है, जिसमें किरायेदार की पूरी जानकारी के साथ ही मकान मालिक की विस्तृत जानकारी भी देनी जरूरी है. इस फार्म में किरायेदार के नाम-पता के साथ ही वह पहले कहां रहता था और अब क्यों उस मकान को खाली कर नया मकान किराये पर ले रहा है, इसकी भी जानकारी देनी होती है. किरायेदार के पास कोई वाहन हो या हथियार का लाइसेंस हो तो उसकी भी जानकारी फार्म में देनी होगी. मकान मालिकों को यह फार्म भर कर संबंधित थाने में जमा करना होगा.
