श्री भट्टाचार्य ने यह वादा सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में योगदान कार्यक्रम के दौरान मीडिया के सामने किया. इस मौके पर उन्होंने सोनामोली को उसके पिता महादेव राय की मौजूदगी में 10वीं के सभी पाठ्य पुस्तकें, कॉपी-कलम, बैग, स्कूल ड्रेस व अन्य जरूरी सामानों के अलावा दो हजार रूपये नगद देकर आर्थिक सहयोग भी किया. इस दौरान उन्होंने सोनामोली को केवल 10वीं तक ही पढ़ायी करने का नहीं बल्कि जब-तक वह अपने मुकाम तक नहीं पहुंच जाती तब-तक उसे पढ़ाने की जिम्मेदारी ली. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि सोनामोली की पढ़ायी में गरीबी को कभी भी वह रोड़ा नहीं बनने देंगे.
इस दौरान सोनामोली ने श्री भट्टाचार्य का चरणस्पर्श कर जहां आशीर्वाद लिया वहीं, उसके पिता महादेव राय ने उनका आभार प्रकट किया. महादेव का कहना है कि सोनामोली बचपन से मेधावी छात्रा रही है. लेकिन उसके पढ़ायी में आर्थिक कमजोरी बाधा बन रही थी. दिन भर चाय बिक्री कर बड़ी मुश्किल से अपने परिवार का पेट भर पाते हैं. ऐसे में अपनी लाडली को उच्च शिक्षा दिलाने का सपना पूरा नहीं हो पा रहा था.
बेटी की पढ़ायी के लिए वह काफी जगहों पर दर-दर भटके लेकिन उन्हें ठुकरा दिया गया. जब मदन दा को इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने सोना की पूरी पढ़ायी कराने की जिम्मेदारी अपने उपर ले ली. इस सहयोग के लिए वह और उनका पूरा परिवार मदन दा को तहेदिल से शुक्रिया अदा करता है. विदित हो कि सिलीगुड़ी के लेकटाउन इलाके के रहनेवाले महादेव राय पेशे से चाय विक्रेता हैं और घूम-घूम कर चाय बिक्री कर किसी तरह अपना परिवार चलाते हैं. सोनामोली देशबंधु विद्यापीठ की 10वीं की छात्रा है. वह 2018 में माध्यमिक की परीक्षा देगी.
