शिक्षा के मंदिर में हिंसक राजनीति बरदाश्त नहीं: रथींद्र बोस

सिलीगुड़ी: शिक्षा के मंदिर में हिंसक राजनीति बरदाश्त नहीं की जायेगी. राज्य के कॉलेजों में इन दिनों हो रहे छात्र संघ चुनाव की प्रक्रिया के दौरान तणमूल छात्र संगठन टीएमसीपी खून-खराबा के जरिये छात्रों में आतंक फैलाने का प्रयास कर रही है. साथ ही लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है. यह कहना है भाजपा […]

सिलीगुड़ी: शिक्षा के मंदिर में हिंसक राजनीति बरदाश्त नहीं की जायेगी. राज्य के कॉलेजों में इन दिनों हो रहे छात्र संघ चुनाव की प्रक्रिया के दौरान तणमूल छात्र संगठन टीएमसीपी खून-खराबा के जरिये छात्रों में आतंक फैलाने का प्रयास कर रही है. साथ ही लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है. यह कहना है भाजपा के बंगाल प्रांत के सचिव रथींद्र बोस का.

वह बुधवार को सिलीगुड़ी में मीडिया से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने मां-माटी-मानुष की ममता सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि तणमूल कांग्रेस (तृकां) की धांधली और पुलिस की ज्यादतियों का बंगाल की जनता ही करारा जवाब देगी. कॉलेजों में होनेवाले छात्र संघ चुनाव से टीएमसीपी आतंकित है और लोकतांत्रिक तरिके से चुनाव लड़ने से कतरा रही है. श्री बोस का कहना है कि तृकां यह अच्छी तरह जानती है कि अगर कॉलेजों में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव होता है तो टीएमसीपी चुनाव नहीं जीत पायेगी. कॉलेजों पर उनका दबदबा नहीं रहेगा.

इसी वजह से तृकां के हाइकमान के निर्देशों पर ही चुनाव प्रक्रिया के दौरान टीएमसीपी समर्थक शिक्षा के मंदिर को खून से सींच रहे हैं. सोची-समझी साजिश के तहत विरोधियों पर जानलेवा हमला कर न तो नामांकन-पत्र लेने दिया जा रहा है और न ही जमा करने दिया जा रहा है. अगर विरोधी सदस्य किसी तरह नामांकन-पत्र लेने में सफल भी हो जाते हैं तो टीएमसीपी के लोग पुलिस के सामने ही काउंटर पर जबरन पहुंचकर विरोधियों को मारते-पीटते हैं और नामांकन-पत्र लेकर फाड़ देते हैं. पुलिस केवल मूकदर्शक बनी रहती है. श्री बोस ने पुलिस की भूमिका पर भी अंगुली उठाते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन तृकां की कठपुतली बनी हुई है. तृकां के नुमाइंदे अपने पावर का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं.

अगर विरोधी तृकां या टीएमसीपी के अन्यायों का विरोध करते हैं तो पुलिस उल्टा विरोधियों को ही मौके से खदेड़ती है और टीएमसीपी के गुंडों को कुछ बोलने से भी कतराती है. श्री बोस ने कहा कि बंगाल में तृकां और टीएमसीपी की आतंक-अराजकता-अन्याय की राजनीति का भाजपा व छात्र विंग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) एक साथ मिलकर मुंह तोड़ जवाब देगी. इसके लिए भाजपा नेतृत्व एबीवीपी के साथ संपर्क में है और एक साथ लड़ने के लिए भावी आंदोलन की रणनीति बनाने का प्रयास कर रही है.

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