इधर एसएफआइ ने 12 सीटों पर प्रतिद्वंदिता करने के लिये नामांकन पत्र लिया था. नामांकन पत्र जमा करने के अंतिम दिन मंगलवार को एसएफआइ के जिलाध्यक्ष सौरभ दास ने बताया कि केवल पांच उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र जमा किया है. दूसरी तरफ, छात्र परिषद ने कुल 15 सीटों पर अपना उम्मीदवार खड़ा किया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सिलीगुड़ी कॉलेज के छात्र संसद की सत्ता में बने रहने के लिये कांग्रेस छात्र परिषद ने तृणमूल के साथ हाथ मिला लिया है. सिलीगुड़ी कॉलेज में टीएमसीपी का मुकाबला माकपा समर्थित छात्र संगठन एसएफआइ के साथ ही है. इसी वजह से तृणमूल सिर्फ एसएफआइ को रोकने का प्रयास कर रही है. जबकि बागडोगरा स्थित कालीपद घोष तराइ महाविद्यालय व नक्सलबाड़ी कॉलेज में एसएफआइ के साथ छाप भी टीएमसीपी की प्रतिद्वंदी है. इस संबंध में छात्र परिषद के जिलाध्यक्ष रोनाल्ड दे ने बताया कि तृणमूल के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं हुआ है. सभी कॉलेज के छात्र संघ चुनाव में टीएमसीपी और एसएफआइ दोनों ही कांग्रेस छात्र परिषद के लिए विरोधी है. श्री दे ने बताया कि कांग्रेस छात्र परिषद सिलीगुड़ी कॉलेज के 15, बागडोगरा के 8 और नकस्लबाड़ी कॉलेज की 1 सीट पर लड़ाइ कर रही है. इसके अतिरिक्त सिलीगुड़ी कॉलेज ऑफ कॉमर्स के छात्र संसद चुनाव में भी छात्र परिषद अकेले ही विरोधियों का सामना करेगी. तृणमूल छात्र परिषद के जिलाध्यक्ष निर्णय राय ने बताया कि टीएमसीपी अपने बलबूते पर छात्र संघ का चुनाव लड़ रही है. टीएमसीपी को किसी अन्य पार्टी के साथ समझौता करने की जरूरत नहीं है. अधिकांश कॉलेज के छात्र संघ पर टीएमसीपी का परचम लहरा चुका है.
सिलीगुड़ी कॉलेज: नामांकन पत्र लेने की तिथि खत्म, दूसरे दिन भी जमकर हुआ बवाल, छाप और टीएमसीपी में भीतरी समझौता
सिलीगुड़ी. राज्य स्तर माकपा के साथ गंठबंधन करने वाली कांग्रेस के छात्र संगठन छात्र परिषद (छाप) यहां विभिन्न कॉलेजों में हो रहे छात्र संघ चुनाव में अंदर ही अंदर ने तृणमूल छात्र संगठन टीएमसीपी से हाथ मिला लिया है. सिलीगुड़ी कॉलेज में छाप और टीएमसीपी के बीच एक समझौता दिख रहा है. यहां एसएफआइ अकेले […]

सिलीगुड़ी. राज्य स्तर माकपा के साथ गंठबंधन करने वाली कांग्रेस के छात्र संगठन छात्र परिषद (छाप) यहां विभिन्न कॉलेजों में हो रहे छात्र संघ चुनाव में अंदर ही अंदर ने तृणमूल छात्र संगठन टीएमसीपी से हाथ मिला लिया है. सिलीगुड़ी कॉलेज में छाप और टीएमसीपी के बीच एक समझौता दिख रहा है. यहां एसएफआइ अकेले तृणमूल के खिलाफ मैदान में है. इस गुप्त समझौते से जिला कांग्रेस और जिला माकपा के साथ एसएफआइ भी अनजान है. हांलाकि छात्र परिषद के जिला अध्यक्ष रोनाल्ड दे ने इस बात को खारिज किया है. सिलीगुड़ी कॉलेज के छात्र संसद में कुल 54 सीटे हैं. तृणमूल छात्र परिषद ने सभी सीटों पर उम्मीदवार खड़ा किया है.
उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय के अंतर्गत सिलीगुड़ी व आसपास स्थित कॉलेज छात्र संसद चुनाव की नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गयी है. नामांकन पत्रों की जांच के बाद उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी जायेगी. जनवरी के अंत तक सभी कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव की पूरी प्रक्रिया समाप्त हो जायेगी. नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन भी राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस समर्थित छात्र परिषद के सदस्यों का जलवा दिखा. आरोप है कि विरोधियों को डरा-धमका कर नामांकन जमा नहीं करने दिया गया. इसके अतिरिक्त अपना नामांकन पत्र जमा करने पहुंचे विरोधी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र फाड़ने का भी आरोप तृणमूल छात्र परिषद पर लगाया गया है.
पिछले कुछ दिनों से कॉलेज छात्र संसद चुनाव को लेकर शहर का राजनीतिक माहौल गरम है. चुनाव प्रक्रिया के प्रथम चरण में तृणमूल छात्र परिषद विरोधियों पर हावी दिख रही है. शहर के तमाम कॉलेजों के छात्र संसद की अधिकांश सीटों पर तृणमूल छात्र परिषद ने निर्विरोध कब्जा जमा लिया है. टीएमसीपी का जलवा इस कदर परवान चढ़ा है कि सूर्यसेन कॉलेज के छात्र संघ के सभी सीटों पर निर्विरोध जीत हुयी है. जहां एक तरफ विरोधी इसे गणतांत्रिक पद्धति के हनन का आरोप लगा रहे है वहीं टीएमसीपी जनसमर्थन बता रही है. नेताओं का कहना है टीएमसीपी का सामना करने के लिये विरोधियों के पास उम्मीदवार ही नहीं है.