पत्र सौंप कर मेयर को दी जानकारी, अब कांग्रेस के शीर्ष नेता करेंगे फैसला इस्तीफा वापस नहीं लेंगे सुजय घटक

सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी नगर निगम के तीन नंबर बोरो कमिटी चेयरमैन सुजय घटक अपने इस्तीफे के फैसले पर अडिग हैं. मेयर की सलाह के बाद भी वह अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए तैयार नहीं है. उन्होंने एक पत्र देकर सोमवार को इसकी जानकारी मेयर अशोक भट्टाचार्य को दे दी है. उन्होंने इस पर फैसला लेने […]

सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी नगर निगम के तीन नंबर बोरो कमिटी चेयरमैन सुजय घटक अपने इस्तीफे के फैसले पर अडिग हैं. मेयर की सलाह के बाद भी वह अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए तैयार नहीं है. उन्होंने एक पत्र देकर सोमवार को इसकी जानकारी मेयर अशोक भट्टाचार्य को दे दी है. उन्होंने इस पर फैसला लेने का अधिकारी कांग्रेस और माकपा के प्रदेश नेतृत्व पर छोड़ दिया है. उनका कहना है कि पार्टी निर्णय के अनुसार ही अगला कदम उठायेंगे.

गौरतलब है कि तीन जनवरी को सिलीगुड़ी नगर निगम के तीन नंबर बोरो कमिटी के चेयरमैन सुजय घटक ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इस घटना ने सिलीगुड़ी की राजनीति को एक नया मोड़ दे दिया. सिलीगुड़ी नगर निगम की सत्ताधारी पार्टी माकपा के समर्थन से बोरो कमिटी के चेयरमैन बने कांग्रेस के सुजय घटक ने इस्तीफे के लिये निगम की माकपा बोर्ड को ही जिम्मेदार ठहराया है. उनका आरोप है कि निगम की माकपा बोर्ड कांग्रेस पार्षदों के वार्डों के विकास पर ध्यान नहीं दे रही है. माकपा, भाजपा और तृणमूल पार्षदों के वार्डों की अपेक्षा काफी कम आर्थिक आवंटन किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त कांग्रेस पार्षदों की मांग व सलाह पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जाता है. इन्ही आरोपों के साथ सुजय घटक ने तीन नंबर बोरो कमिटी के चेयरमैन पद से अपना इस्तीफा निगम के मेयर अशोक भट्टाचार्य को सौंपा. इसके बाद बीते 5 जनवरी को मेयर अशोक भट्टाचार्य ने इस्तीफे के निर्णय पर पुर्नविचार करने के लिए उन्हें एक चिट्ठी लिखी थी. उसी के जवाब में सुजय घटक ने सोमवार को एक पत्र उन्हें सौंपा है. पत्र में श्री घटक ने अपने निर्णय पर कायम रहने का दावा किया है.

इस बीच,सुजय घटक ने माकपा बोर्ड के खिलाफ जो राग छेड़ा है उससे शहर की राजनीति में एक नया मोड़ दिख रहा है. बोरो कमिटी के चेयरमैन पद से इस्तीफा देने के बाद भी मेयर अशोक भट्टाचार्य ने उसे स्वीकार नहीं किया. इस संबंध में मेयर अशोक भट्टाचार्य ने बार-बार कहा है कि माकपा और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से विचार-विमर्श के बाद कोइ फैसला होगा.

दोनों पक्षों के शीर्ष नेतृत्वों द्वारा लिया गया निर्णय ही सर्वमान्य होगा. सोमवार को सिलीगुड़ी नगर निगम में पत्रकारों को संबोधित करते हुए श्री घटक ने कहा कि इस्तीफा वापस लेने का सवाल ही नहीं उठता. हांलाकि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिया निर्णय उन्हें स्वीकार होगा. उन्होंने कहा कि वे पार्टी से बढ़कर नहीं हैं. कांग्रेस पार्षदों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ जिलाध्यक्ष शंकर मालाकार ने भी विरोध के लिए कहा है. नेतृत्व के निर्देशानुसार ही उन्होंने कदम बढ़ाया. इस्तीफा देने को लेकर उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी और अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सदस्य सी.पी. जोशी के साथ भी विचार-विमर्श किया है.

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