तृणमूल ने किया इपीएफ घोटाले का पर्दाफाश
सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी नगर निगम में कर्मचारी भविष्यनिधि (इपीएफ) घोटाले का पर्दाफाश तणमूल कांग्रेस (तृकां) ने किया है. निगम में तृकां के प्रतिपक्ष नेता रंजन सरकार उर्फ राणा दा ने 20 महीने की वाम बोर्ड पर इपीएफ के 42 लाख रूपये की गड़बड़ी करने का दावा किया है. इस आर्थिक घोटाले के मद्देनजर शनिवार को राणा […]
सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी नगर निगम में कर्मचारी भविष्यनिधि (इपीएफ) घोटाले का पर्दाफाश तणमूल कांग्रेस (तृकां) ने किया है. निगम में तृकां के प्रतिपक्ष नेता रंजन सरकार उर्फ राणा दा ने 20 महीने की वाम बोर्ड पर इपीएफ के 42 लाख रूपये की गड़बड़ी करने का दावा किया है. इस आर्थिक घोटाले के मद्देनजर शनिवार को राणा दा के नेतृत्व में तृकां के पार्षदों ने निगम के आयुक्त सोनम वांग्दी भुटिया को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर इपीएफ कमिश्नर या फिर अन्य किसी सरकारी एजेंसी के मार्फत उच्चस्तरीय जांच की अपील की है.
साथ ही पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की गुहार लगायी. ज्ञापन सौंपने के बाद राणा दा ने मीडिया के सामने वाम बोर्ड पर हर स्तर के आठ सौ निगम कर्मचारियों का इपीएफ 2012 से ही जमा नहीं करने का आरोप लगाया है. साथ ही तीन सौ कर्मचारियों का अबतक इपीएफ के लिए रजिस्ट्रेशन ही नहीं किया है. वहीं, 10 मृत कर्मचारियों के इपीएफ न होने की वजह से पीड़ित परिवारों को पेंशन ही नहीं मिल रहा.
यह परिवार भूखे पेट जीने को मजबूर हैं. उन्होंन वाम बोर्ड पर इपीएफ घोटाले के जरिये गरीबों का हक और मुंह का निवाला छीनने का आरोप लगाया. राणा दा ने कहा कि राज्य सरकार से निगम को मिले 10 करोड़ रूपये का भी कोई हिसाब-किताब नहीं है. साथ ही पार्षद फंड का भी गरीब कर्मचारियों को कोई फायदा नहीं मिल रहा. जबकि प्रत्येक पार्षदों के कोष से 4800 रूपये सलाना के हिसाब से काट लिया जाता है.
उन्होंने वाम बोर्ड पर बीते एक वर्ष से गरीब कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा और अन्नपूर्णा योजना के तहत चावल भी बंद कर दिये जाने का आरोप लगाया है. उन्होंने आयुक्त को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवायी नहीं होती है और गरीब कर्मचारियों को उनका हक ब्याज सहित नहीं मिलता है तो तृकां वृहत्तर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी. आज राणा दा के साथ पार्षद नांटू पाल, कृष्ण चंद्र पाल, निखिल साहनी, प्रदीप गोयल उर्फ कालू व अन्य तृकां पार्षदों के अलावा तृकां नेता अमरनाथ सिंह भी मौजूद थे.
मेयर ने तृकां को उल्टे घेरा
राणा दा के आरोपों पर वाम बोर्ड के मेयर अशोक भट्टाचार्य ने तृकां को ही उल्टा घेर दिया. श्री भट्टाचार्य का कहना है कि विरोधी 2012 से कर्मचारियों का इपीएफ जमा नहीं होने का आरोप लगा रहे हैं. उन्होंने राणा दा से ही उल्टा सवाल करते हुए कहा कि 2012 से 2015 तक निगम पर किस का आधिपत्य था. निगम पर तृकां की ही बोर्ड थी. श्री भट्टाचार्य ने अपनी सफाई में कहा कि वाम बोर्ड में किसी भी तरह की न तो आर्थिक घोटाला हुआ है और न ही कर्मचारियों का हक छीना गया है. उन्होंने विरोधियों को किसी पर मिथ्या आरोप लगाने से पहले उस मुद्दे की विस्तृत अध्ययन करने की नसीहत दी. उनका कहना है कि 20 महीने की वाम बोर्ड ने 13 किश्तों में कर्मचारियों का इपीएफ जमा कर दिया है. केवल नवंबर-दिसंबर दो महीने के पैसे जमा नहीं हो सके. सर्वर में खराबी के वजह से अंतिम दो महीने का पैसा जमा नहीं हुआ. जबकि कर्मचारियों का इन दो महीने का भी पूरा अपडेट तैयार है.