नौ महीने पहले उड़ी स्कूल की छत, आज तक नहीं बनी

कालिम्पोंग. स्कूल भवन की छत आंधी में उड़ गयी थी. घटना के नौ महीने बाद भी सामदुंग प्राथमिक पाठशाला की मरम्मत का काम नहीं हुआ है. कुल पांच कमरों वाले इस स्कूल के तीन कमरों की छत उड़ गयी थी. बीते नौ महीनों से बाकी के दो कमरों में ही सभी बच्चों की पढ़ाई हो […]

कालिम्पोंग. स्कूल भवन की छत आंधी में उड़ गयी थी. घटना के नौ महीने बाद भी सामदुंग प्राथमिक पाठशाला की मरम्मत का काम नहीं हुआ है. कुल पांच कमरों वाले इस स्कूल के तीन कमरों की छत उड़ गयी थी. बीते नौ महीनों से बाकी के दो कमरों में ही सभी बच्चों की पढ़ाई हो रही है. यहां कुल 50 बच्चे पढ़ाई करते हैं. बच्चों के मध्याह्न भोजन बनाने का कमरा व दो शौचालय पक्का बने हुए हैं. तीन कक्षाओं के छतविहीन अवस्था में होने के कारण किसी भी समय दुर्घटना होने की आशंका है.

जिन कक्षाओं में पढ़ाई हो रही है, उनकी भी सीलिंग लगभग गिरने की अवस्था में है. उक्त पाठशाला को आज तक आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला है. समस्या को लेकर पाठशाला पक्ष द्वारा शिक्षा विभाग, जीटीए, सभासद, पंचायत, प्रशासन को 24 अप्रैल, 2016 को ही अवगत करा दिया गया था और सहयोग की अपील की गयी थी. लेकिन आज तक इसका सकारात्मक परिणाम नहीं मिला है. पाठशाला के प्रधान अध्यापक प्रेम छीरिंग तमलोंग ने कहा है कि विभागीय अधिकारी से लेकर सभासद, अभियन्ता आदि ने स????्कूल का निरीक्षण किया है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है.

इस विद्यालय में तीन शिक्षक और 50 विद्यार्थी हैं. रेसी खोला के समीप से विद्यार्थी यहां पढ़ने के लिए आते हैं. पाठशाला की दयनीय अवस्था को देखते हुए पंचायत समिति के सभापति सिन्तारोन तामलोंग ने जल्द से जल्द भवन निर्माण करने की अपील संबंधित विभाग से की है.

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