बैंक कर्मियों ने खुद बागान पहुंचकर दिया वेतन

राहत. चाय श्रमिकों को पैसा निकालने में थी परेशानी जलपाईगुड़ी : चाय श्रमिकों का बैंक खाता होने और उसमें मजदूरी का पैसा जमा होने के बावजूद वे अपना पैसा नहीं निकाल पा रहे हैं. इस समस्या के समाधान के लिए बैंक खुद चाय बागान पहुंचा. शनिवार को जलपाईगुड़ी शहर से लगे गुडरिक समूह के डेंगुआझोड़ […]

राहत. चाय श्रमिकों को पैसा निकालने में थी परेशानी
जलपाईगुड़ी : चाय श्रमिकों का बैंक खाता होने और उसमें मजदूरी का पैसा जमा होने के बावजूद वे अपना पैसा नहीं निकाल पा रहे हैं. इस समस्या के समाधान के लिए बैंक खुद चाय बागान पहुंचा. शनिवार को जलपाईगुड़ी शहर से लगे गुडरिक समूह के डेंगुआझोड़ चाय बागान में भारतीय स्टेट बैंक की तरफ से आधार कार्ड के जरिये श्रमिकों को नकद मजदूरी दी गयी. सोमवार को फिर इसी तरीके से नकद मजदूरी का भुगतान किया जायेगा.
जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिले में कुल 150 चाय बागान हैं. ज्यादातर बागानों के श्रमिकों का बैंक खाता खुल गया है. बैंक खाते में मजदूरी जाने के बावजूद इसे एटीएम से निकालने में श्रमिकों को काफी मुसीबत झेलनी पड़ रही थी. डेंगुआझोड़ चाय बागान के डिप्टी मैनेजर दिग्विजय शर्मा ने बताया कि उनके बागान में स्थायी और अस्थायी श्रमिकों की कुल संख्या करीब 4 हजार है. इनमें से 98 फीसद श्रमिकों का बैंक खाता खुल गया है.
नोटबंदी के बाद श्रमिकों के खाते खुलवाये गये. सभी के अपने-अपने खाते में मजदूरी जा रही है, लेकिन उसे निकालने में श्रमिकों को समस्या हो रही थी. क्योंकि सुबह काम करके जब श्रमिक बैंक पहुंचते थे, तो बैंक में लेन-देन बंद हो चुका होता था. इसके अलावा एक साथ 200-250 श्रमिकों के बैंक पहुंचने पर बैंकवालों को भी समस्या होती थी. पैसा निकालने के लिए स्लिप भरने में भी श्रमिकों को समस्या आती थी. इस समस्या के हल के लिए एसबीआइ से श्रमिकों को नकद मजदूरी देने का अनुरोध किया गया. इसके बाद शनिवार को बैंक कर्मी बागान पहुंचे और कुछ श्रमिकों को भुगतान किया. बैंक कर्मियों ने सोमवार को फिर आकर इसी तरह भुगतान करने की बात कही है.
एसबीआइ की डेंगुआझोड़ शाखा के मैनेजर देवाशीष दास ने बताया कि बागान श्रमिक एक साथ पहुंचकर बैंक में भीड़ लगा रहे थे. इससे बैंक का स्वाभाविक कामकाज बाधित हो रहा था. इसलिए बैंक की कस्टमर केयर यूनिट शनिवार को खुद बागान गयी और जिन श्रमिकों के पास आधार कार्ड है उनकी अंगुली का छाप लेकर उन्हें भुगतान किया. शनिवार को 200 श्रमिकों को भुगतान किया गया. सोमवार से इसी तर्ज पर भुगतान जारी रखा जायेगा. बागान जाकर भुगतान करने से बैंक पर दबाव घटेगा और श्रमिकों को भी सहूलियत होगी.
उल्लेखनीय है कि डेंगुआझोड़ बागान के श्रमिकों की तरह डुवार्स के अन्य चाय बागानों के श्रमिक भी समस्या झेल रहे हैं. खाता होने के बावजूद पैसे निकालने के लिए उन्हें बैंक व एटीएम में भीड़ लगानी पड़ती है. आखिर बैंक कितने बागानों में अपने कर्मियों को भेजकर नकद पैसा देंगे, इसे लेकर संशय है. क्योंकि पिछले महीने डेंगुआझोड़ बागान में एसबीआइ की मोबाइल एटीएम गाड़ी भेजी गयी थी, लेकिन नेटवर्क की समस्या की वजह से वह काम नहीं कर पायी.

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