सिलीगुड़ी. उत्तर बंगाल की सबसे बड़ी गल्ला मंडी, सिलीगुड़ी के नयाबाजार के नेहरू रोड में नगर निगम द्वारा ड्रेन निर्माण कार्य में बाधा डालने के मामले ने अब तूल पकड़ना शुरू कर दिया है. विदित हो कि मंगलवार की सुबह निगम कर्मचारियों ने आठ नंबर वार्ड के नेहरू रोड स्थित अंबे स्टोर के सामने सड़क के दोनों ओर के खस्ताहाल ड्रेन को तोड़ने का काम जैसे ही शुरू किया गया, वैसे ही व्यापारिक संगठन सिलीगुड़ी मर्चेंट एसोसिएशन (एसएमए) के अध्यक्ष गोपाल खोरिया, अध्यक्ष गौरी शंकर गोयल व अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौके पर पहुंचे और सरकारी काम को बंद करवा दिया. इसे लेकर एसएमए के सदस्यों और वार्ड पार्षद खुशबू मित्तल व वार्ड कमेटी के सदस्यों के बीच खूब नोक-झोंक हुई. बाद में पार्षद ने विवाद को एक मीटिंग के जरिये सुलझाने का प्रस्ताव दिया. बाद में निगम कर्मचारियों को बैरंग ही लौटना पड़ा.
मंगलवार शाम को पार्षद के दफ्तर में मर्चेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ देर तक हुई मीटिंग में भी ड्रेन निर्माण के मुद्दे पर कोई बात नहीं बनी. इस मुद्दे पर आज रात को पार्षद वार्ड कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ मीटिंग करेंगी. इसी मीटिंग में भावी रणनीति का खाका तैयार होगा. निगम के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, नेहरू रोड के अंबे स्टोर से संजय गुप्ता की गद्दी के सामने सड़क के दोनों ओर तकरीबन 400 मीटर खस्ताहाल ड्रेन के पुनर्निर्माण का काम किया जाना है. वजह बारिश के मौसम में यह इलाका जल जमाव की समस्या से काफी जुझता रहा है. जल निकासी न होने की वजह से कारोबारियों को प्रत्येक साल काफी नुकसान भी उठाना पड़ता है. वहीं, सरकारी काम में बाधा डालनेवालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की भी संभावना है.
ड्रेन का काम रुकवाने वालों पर मेयर का तल्ख तेवर ः मेयर अशोक भट्टाचार्य ने ड्रेन का काम रूकवाने वालों पर तल्ख तेवर दिखाते हुए बोले, ‘सरकारी काम में अड़चन कदापी बर्दाश्त नहीं की जा सकती’. जरूरत पड़ने पर इस मामले की जांच कमेटी बैठायी जायेगी और रिपोर्ट के अनुसार काम रुकवानेवालों के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है. श्री भट्टाचार्य का कहना है कि ड्रेन बनाने का काम मेरे या अन्य किसी के अपने घर का पर्सनल काम नहीं है. यह एक सरकारी काम है. ड्रेन बनाने से कुछ दिनों की ही लोगों को परेशानी होगी. बाद में वार्ड वासियों को ही फायदा पहुंचेगा.
क्या कहना है पार्षद का ः वार्ड पार्षद खुशबू मित्तल का कहना है कि दार्जिलिंग सांसदिय क्षेत्र के भाजपा सांसद एसएस अहलूवालिया के सांसद फंड 23 लाख रुपये की लागत से यह ड्रेन बनाने का काम निगम के सहयोग से किया जा रहा है. दो महीने पहले ही नेहरू रोड के कारोबारियों एवं वहीं रहनेवालों को ड्रेन बनाये जाने की सूचना दे दी गयी थी. साथ ही कारोबारियों को अपनी गद्दी के सामने ड्रेन पर पक्के स्लैब को तोड़ने का भी निर्देश दिया गया था. श्रीमती मित्तल का कहना है कि ड्रेन बनाने का काम एक सरकारी काम है. इस काम से नेहरू रोड के कारोबारियों और इलाकेवासियों को कोई समस्या नहीं है. तो मर्चेंट एसोसिएशन को क्या समस्या है? उन्होंने कहा कि नया बाजार में मर्चेंट एसोसिएशन के अलावा और तीन व्यापारिक संगठन हैं. ड्रेन बनाने के सरकारी काम से और किसी को कोई असुविधा नहीं है, लेकिन मर्चेंट एसोसिएशन के पदाधिकारी वार्ड के विकास में रोड़ा डाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि ड्रेन का काम व्यापारिक हितों के लिए ही किया जा रहा है.
क्या कहना है वार्ड कमेटी का
आठ नंबर वार्ड कमेटी के सचिव व वरिष्ठ कारोबारी सीताराम डालमिया का कहना है कि पार्षद पर सरकारी रुपये गबन करने का आरोप एक गंभीर आरोप है. जो लोग एक कर्मठ और ईमानदार पार्षद पर यह घिनौना आरोप लगा रहे हैं, वे पहले खुद अपने गिरेहबान में झांकें. श्री डालमिया ने ड्रेन बनाने का विरोध करनेवालों पर निशाना साधते हुए कहा कि जब कारोबारियों की गद्दी में बारिश का पानी जमा हो जाता है और लाखों रुपये के माल का नुकसान होता है, तब मर्चेंट एसोसिएशन कहां रहता है. कितने पीड़ित कारोबारियों को क्षतिपूर्ति दिलायी है, एक का भी खुलासा करें. आज जब सांसद कोष से कारोबारियों के हित में ही ड्रेन बनाने का काम किया जा रहा है, तो मर्चेंट एसोसिएशन के कुछ पदाधिकारी गंदी राजनीति करने लगे हैं. उन्होंने कहा कि नया बाजार के जल जमाव प्रभावित इलाकों में सही तरीके से ड्रेन बनाने एवं गल्ला मंडी में सुलभ शौचालय की मांग वर्षों से ही मर्चेंट एसोसिएशन करती आयी है. आठ नंबर वार्ड के इतिहास में वर्तमान पार्षद ने पहली बार गल्ला मंडी में एक सुलभ शौचालय बनवायी और अब ड्रेन बनवाने का काम कर रही है. पार्षद निगम में लड़ाई लड़ कर वार्ड का चहुमुखी विकास का काम कर रही है तो मर्चेंट एसोसिएशन के कुछ लोगों को बर्दाश्त नहीं हो रहा. जो आज वार्ड के विकास का विरोध कर रहे हैं ऐसे कुछ कथित पदाधिकारी सत्ताधारी राजनैतिक संगठन से जुड़े हैं और उन्हें केवल राजनैतिक रोटी सेंकनी है. उन्हें व्यापारियों के हितों से कोई लेना-देना नहीं है. श्री डालमिया ने कहा कि वार्ड के विकास के लिए राजनैतिक अड़चन न डालने, बल्कि सबों को एकसाथ मिलकर और सहयोग करने की जरूरत है.
क्या कहना है मर्चेंट एसोसिएशन का: सिलीगुड़ी मर्चेंट एसोसिएशन के महासचिव गौरी शंकर गोयल का कहना है कि संगठन कभी भी किसी तरह की धमकी से नहीं डरता. एसोसिएशन ने सरकारी काम में कोई बाधा नहीं डाला है और न ही एसोसिएशन राजनीति करती है. बल्कि व्यापारियों के हित में आवाज उठाते रही है और भविष्य में भी उठाती रहेगी. ड्रेन तोड़ने से पहले एकबार एसोसिएशन के साथ बातचीत कर राय-मशविरा लेना उचित था. वजह ड्रेन पूरी तरह तोड़ने और वापस नये सिरे से बनाने में कई दिन लग जायेंगे. इससे कारोबारियों का कारोबार प्रभावित होगा. श्री गोयल ने निगम को ड्रेनों को पूरी तरह से तोड़ने के बजाये केवल उनपर पक्के कर दिये गये स्लैबों और सीढ़ियों को हटाने और ड्रेनों को पलास्टर कर देने की नसीहत दी.
