जांच कमिटी पहुंची मेडिकल कॉलेज, जब्त किया रिकॉर्ड
सिलीगुड़ी. उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसके ही एक कर्मचारी की मौत की जांच शुरू हो गयी है. जिला अधिकारी द्वारा गठित चार सदस्यीय जांच टीम ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज के मेल मेडिसिन वार्ड का रजिस्टर अपने कब्जे में लिया. साथ ही बीते रविवार या उससे पहले से उस वार्ड में […]
सिलीगुड़ी. उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसके ही एक कर्मचारी की मौत की जांच शुरू हो गयी है. जिला अधिकारी द्वारा गठित चार सदस्यीय जांच टीम ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज के मेल मेडिसिन वार्ड का रजिस्टर अपने कब्जे में लिया. साथ ही बीते रविवार या उससे पहले से उस वार्ड में भर्ती रोगियों से भी पूछताछ की. जांच टीम ने यह कार्रवाई मेडिकल कॉलेज अधीक्षक को सूचित किये बिना की. जांच में मेडिकल प्रबंधन व डॉक्टर दोषी पाये जाते हैं या नहीं, इस पर लोगों की निगाह लगी है.
उल्लेखनीय है कि गत सोमवार को उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उसके ही ग्रुप डी कर्मचारी उमेश मल्लिक की मौत इलाज के दौरान हो गयी थी. मृत उमेश के परिजनों ने मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. घटना के बाद परिजनों व मेडिकल कॉलेज के अन्य कर्मचारियों ने मेडिकल कॉलेज अधीक्षक निर्मल बेरा का घेराव कर आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.
मृतक की पत्नी बेबी मल्लिक का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से उनके पति की मौत हुई है. रविवार को अचानक पेट में दर्द होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. एक दिन के इलाज से ही काफी सुधार हुआ था. सोमवार की सुबह उमेश ने अच्छे से नाश्ता भी किया. इसके बाद मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग स्टॉफ ने जांच के लिये उमेश के पेट से खून लिया. इसी के बाद से उमेश की स्थिति बिगड़ने लगी और थोड़ी ही देर में उन्होंने दम तोड़ दिया.
जबकि डॉक्टरों ने रक्त जांच के बारे में कुछ बताया ही नहीं. परिजनों व कर्मचारियों के दवाब में अधीक्षक निर्मल बेरा ने मेडिकल कॉलेज के ही छह डॉक्टरों को लेकर एक जांच कमिटी गठित की और 72 घंटे में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया. लेकिन दूसरे ही दिन जांच कमिटी पर पक्षपात करने का आरोप लगाकर मृतक के परिजनों व कर्मचारियों ने फिर से श्री बेरा का घेराव किया. मामले की जानकारी उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज की रोगी कल्याण समिति के चेयरमैन व दार्जिलिंग के जिला अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव तक पहुंची. उन्होंने तुरंत अधीक्षक द्वारा गठित जांच कमिटी भंग कर जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी के नेतृत्व में अन्य दो सरकारी डॉक्टरों व डिप्टी मजिस्ट्रेट को लेकर चार लोगों की एक जांच कमिटी गठित कर दी.
बुधवार को जिला अधिकारी कार्यालय से कमिटी गठन की आधिकारिक घोषणा के साथ इस कमिटी ने जांच शुरू कर दिया. कमिटी के सदस्यों ने सर्वप्रथम मेडिकल कॉलेज पहुंचकर मेल मेडिसिन वार्ड की यूनिट दो में रविवार या उससे पहले से इलाजरत मरीजों व उनके परिजनों से बात की और वार्ड का रजिस्टर अपने कब्जे में लिया. मृत उमेश मल्लिक मेल मेडिसिन वार्ड की दो नंबर यूनिट के बेड नंबर 47 पर भर्ती थे. जांच को लेकर डॉक्टर और नर्सिंग स्टॉफ सकते में हैं.
इस संबंध में श्री बेरा ने कहा कि जांच की निष्पक्षता पर हुए विवाद के कारण जिला अधिकारी ने स्वयं एक कमिटी तैयार किया है. कमिटी ने बुधवार से जांच शुरू की है. जांच के संबंध में कुछ भी कह पाना मुश्किल है. इधर जिला अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि उनके द्वारा गठित जांच कमिटी पूरी निष्पक्षता से काम कर रही है. निष्पक्षता को बनाये रखने के लिए मेडिकल कॉलेज के किसी भी सदस्य को कमिटी में शामिल नहीं किया गया है. जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है. जांच कमिटी की रिपोर्ट आने के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जायेगा.