पूजा में नये ट्रैफिक नियम से चढ़ा आम लोगों का पारा

सिलीगुड़ी. प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी सिलीगुड़ी शहर में काफी आकर्षक दुर्गा पूजा आयोजित किया गया है. शहर के विभिन्न इलाके में एक से एक आकर्षक पूजा मंडप तैयार किये गये हैं. सिलीगुड़ी के रेलवे इंस्टीच्यूट मैदान में आयोजित सेंट्रल कॉलोनी दुर्गा पूजा कमिटी का नाम पूरे उत्तर बंगाल के सर्वश्रेष्ट पूजा आयोजकों […]

सिलीगुड़ी. प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी सिलीगुड़ी शहर में काफी आकर्षक दुर्गा पूजा आयोजित किया गया है. शहर के विभिन्न इलाके में एक से एक आकर्षक पूजा मंडप तैयार किये गये हैं. सिलीगुड़ी के रेलवे इंस्टीच्यूट मैदान में आयोजित सेंट्रल कॉलोनी दुर्गा पूजा कमिटी का नाम पूरे उत्तर बंगाल के सर्वश्रेष्ट पूजा आयोजकों में रहा है.

इस बार सेंट्रल कॉलोनी, रथखोला स्पोर्टिंग क्लब सहित शहर के कई बड़े बजट वाले पूजा कमिटी को मात देने के लिये चंपासारी स्थित जातीय शक्ति संघ ने पूरे 45 लाख के बजट से पूजा का आयोजन किया है. अब समस्या यह है कि सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के फरमान से एक पर एक पूजा को देख पाना संभव नहीं होगा. सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने के लिये जो रणनीति तैयार की गयी है वह इन पूजा आयोजक कमिटियों की मेहनत पर पानी फेरने के लिये काफी है. पूजा आयोजक कमिटी के एक सदस्य ने बताया कि यदि दर्शक मंडप पर पहुंच ही नहीं पायेंगे तो इतनी मेहनत का क्या फायदा.

सिलीगुड़ी में दुर्गा पूजा अब काफी आकर्षक होने लगा. सिलीगुड़ी से सटे उत्तर बंगाल के अन्य इलाकों के साथ पड़ोसी राज्यों से भी दर्शक यहां पूजा देखने आते हैं. उल्लेखनीय सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नर ने अधिकांश दर्शनार्थियों की पूजा घूमने की तैयारी पर पानी फेर दिया है. पुलिस कमिश्नर सी.एस. लेप्चा के अनुसार शहर के सभी छोटे बड़े सड़कों पर दुपहिया व कार आदि के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है. उनके अनुसार पूजा के इन चार दिनों में शाम के चार बजे से सुबह के चार बजे तक बड़ी बसें तो दूर, साईकिल, रिक्शा, मोटर साइकिल आदि पर भी रोक लगा दी गयी है.

शहर को छू कर निकलने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग-31 और वर्द्धमान रोड को खुला छोड़ दिया गया है. भीड़ पर नियंत्रण, रफ ड्राइविंग से राहत और शांतिपूर्ण पूजा समापन के लिये सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट ने शहर के एक छोर पर परिवहन नगर और दूसरे छोर पर नौकाघाट में ही वाहनों को रोक देने का फैसला किया है. इसके अतिरिक्त शहर के भीतर चंपासारी से प्रधान नगर होते हुए गुरूंग बस्ती मोड़ पर निकलने वाली निवेदिता रोड, दार्जिलिंग मोड़ से हिलकर्ट रोड होकर एयरभ्यू मोड़, सेवक रोड स्थित अमर गैरेज से सेवक मोड़, पानीटंकी मोड़ से विधान रोड होकर हाशमी चौक, एयरभ्यू मोड़ से चर्च रोड होते हुए सेवक रोड, एयरभ्यू मोड़ से हाशमी चौक, हाशमी चौक से फ्लाईओवर ब्रिज होते हुए टिकियापाड़ा, आलू चौधरी मोड़ से बाबू पाड़ा, हॉस्पिटल मोड़ से हरेन मुखर्जी रोड होकर पाकुड़तला मोड़, हरेन मुखर्जी रोड से विधान रोड निकलने वाले सभी कनेक्टिंग सड़कों, हाथीमोड़ से रथखोला मोड़ आदि सड़कों को भी बंद रखा गया है. प्रशासन के इस फैसले को सिलीगुड़ी के नागरिको के साथ पूजा आयोजक कमिटियों के मन में भी उबाल है़ आमलोगों का कहना है कि कम से कम दोपहिया वाहनों के मामले में थोड़ी ढ़ील देनी चाहिए.चंपासारी निवासी योगेंद्र यादव का कहना है कि पुलिस प्रशासन ने तो शहर की सभी सड़कों को बंद ही कर दिया है.

चंपासारी और देवीडांगा, मिलनमोड़ का रहनेवाली व्यक्ति सेंट्रल कॉलोनी का पूजा देखने के लिये पूरे सिलीगुड़ी शहर का बाहर से चक्कर लगाना होगा. यहां से एनजेपी पैदल जाना संभव नहीं है. उसे समर नगर के रास्ते सर्किट हाउस के पास एनएच-31 होते हुए शिवमंदिर मेडिकल मोड़ से होकर उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज के रास्ते नौकाघाट, फिर वहां से तिनबत्ती मोड़ से होकर सेंट्रल कॉलोनी पहुंचना होगा. या फिर सर्किट हाउस के सामने एनएच-31 पकड़कर इस्टर्न बाईपास होते हुए एनजेपी के रास्ते जाना होगा. यही आलम रथखोला, हाकिमपाड़ा, आश्रमपाड़ा, बाबूपाड़ा, टिकियापाड़ा, एसएफ रोड आदि स्थानों पर बने पूजा मंडपों पर जाने वालों का होगा. व्यंग करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन ने एयरभ्यू मोड़ से वर्धमान रोड को तो खुला तो रखा है कि लेकिन एयरभ्यू मोड़ तक पहुंचने का कोई रास्ता खुला नहीं है. इधर कॉलेजपाड़ा निवासी रमेश सिंह ने कहा कि चंपासारी में काफी अच्छा पूजा मंडप सजाया गया है. प्रशासन ने इस तरह से सड़को पर पाबंदी लगायी है कि वहां जाना मुश्किल ही है. वे अपने आस-पास के कुछ पूजा मंडप को देखकर ही घर लौट आने की योजना बना रहे हैं.


बड़े बजट के एक पूजा कमिटी के सदस्य ने बताया कि दर्शकों के लिये ही इतनी व्यवस्थायें की जाती है. लेकिन यदि दर्शक ही नहीं आये तो सारे किये कराये पर पानी फिर जायेगा. प्रशासन को अपने फैसले में थोड़ा बदलाव करना चाहिए. कम से कम शहर के बीच का मार्ग हिलकर्ट रोड को वन वे बनाना चाहिए.
सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नर के फैसले पर सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर अशोक भट्टाचार्य ने भी नाराजगी जतायी है. श्री भट्टाचार्य ने सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट पर असहयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन ने निगम की राय लिये बिना ही रूट परिवर्तन, डाइवरसन, विसर्जन आदि का फैसला कर रही है. इस बार भी पूजा के दौरान नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना होगा.इस संबंध में सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नर सी.एस. लेप्चा का कहना है कि पूरे शहर को सीसीटीवी में कैद कर लिया गया है. इसके अतिरिक्त करीब दो हजार से अधिक पुलिस कर्मचारियों को सादी वर्दी में तैनात किया गया है. पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की कोइ कोताही नहीं बरती जा रही है. भीड़ पर नियत्रंण और शांतिपूर्ण पूजा समापन के लिये कुछ अहम फैसले लिये गये है. अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शहर के नागरिक, भगवान के नाम पर यह कष्ट तो उठा ही सकते हैं.

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