जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों के तृणमूल अध्यक्ष सौरभ चक्रवर्ती के विषय में हाल ही में पार्टी की सर्वोच्च नेता ममता बनर्जी द्वारा बुलायी गयी एक समीक्षा बैठक में चर्चा हुई. उल्लेखनीय है कि तृणमूल के जलपाईगुड़ी जिले के दो पूर्व अध्यक्षों कल्याण चक्रवर्ती व किशन कुमार कल्याणी तथा जलपाईगुड़ी के सांसद के विजय चंद्र वर्मन ने एक आलोचना बैठक में सौरभ चक्रवर्ती को जलपाईगुड़ी जिले के अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की थी. पिछले दिनों लाटागुड़ी में वोमकेश सिनेमा की शूटिंग के दौरान फिल्म निर्देशक अरिंदम शील से एक स्थानीय क्लब के कुछ लोगों ने जोर-जबरदस्ती चंदा मांगा था. चंदा मांगनेवालों को सौरभ चक्रवर्ती का करीबी बताते हुए अरिंदम शील ने इसकी शिकायत ममता बनर्जी से की थी. सौरभ चक्रवर्ती के चाय निदेशालय का चेयरमैन रहते हुए जिस तरह कई चाय बागान बंद हुए हैं और बोनस समझौता होने में काफी समय लगा है, उससे भी नाराजगी बतायी जा रही है.
इसके अलावा डंकन समूह के सात चाय बागानों की स्वाभाविक अवस्था बनाये रखने के लिए भी सौरभ का कोई प्रयास नजर नहीं आया. बोनस समझौता होने के बाद भी कई बागानों के श्रमिकों का असंतोष सामने आया. इससे यह संदेश गया कि सौरभ चक्रवर्ती चाय उद्योग को संभालने में सक्षम नहीं है. प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि इसके बाद चाय उद्योग में अनुभव रखनेवाले और राज्य के उद्योग-वाणिज्य मंत्री रहे वर्तमान शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को चाय निदेशालय के चेयरमैन पद की जिम्मेदारी दी गयी.
