उस रेल कर्मचारी मलिन राय की मौत कल ही मयनागुड़ी स्टेशन पर हुयी थी.सीढ़ी से गिरने के बाद से अस्पताल में भरती कराने तक और रेलवे कर्मचारी की मौत तक का कोइ रिकार्ड रेलवे के पास नहीं है. इस मामले की शिकायत आरपीएफ और जीआरपी तक में दर्ज नहीं करायी गयी है.लिखित कोइ भी रिकार्ड नहीं है.
एक रेलवे कर्मचारी की मौत होने और इसकी लिखित जानकारी किसी को नहीं देने के मामले को लेकर मयनागुड़ी के सीनियर सेक्शन इंजीनियर(बिजली) अरिंदम दास सबके निशाने पर हैं.दूसरी और अलीपुरद्वार के डिवीजनल मैनेजर संजीव किशोर का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है.रेलवे कर्मचारी की मौत की घटना के 19 घंटे बाद जलपाईगुड़ी रोड स्टेशन के आरपीएफ कर्मचारी मौके पर जांच के लिए पहुचे.मौके पर पहुंचे आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर आदित्य मिना ने बताया कि एक रेलवे कर्मचारी की मौत हुयी उसके बाद भी आरपीएफ को कइ जानकारी विभागीय अधिकारियों की ओर से नहीं दी गयी.आज जब इस बात की जानकारी मिली तो वहलोग जांच के लिए आये हैं.वह अपनी जांच रिपोर्ट डिवीजनल सिक्युरिटी कमिश्नर को सौंपेंगे.उस दिन मलिन राय के साथ ही दिलीप राय एवं नारायण राय नामक दो अन्य कर्मचारी भी काम कर रहे थे. इनदोनों से भी पूछताछ की जा रही है.यहां उल्लेखनीय है कि कल गुरूवार को सीढ़ी लगाकर स्टेशन पर बिजली के एक खंबे पर काम कर रहे थे. अचानक वह गिर गए .बुरी तरह से घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल में भरती कराया गया,जहां उनकी मौत हो गयी.दूसरी तरफ जीआरपी के ओसी सुभजीत झा ने भी कहा है कि वभागीय अधिकारियों द्वारा उन्हें इस मामले की शिकायत नहीं दी गयी. इसलिए वहलोग मौके पर नहीं पहुंचे हैं.दूसरी तरफ सीनियर सेक्शन इंजीनियर (बिजली) अरिंदम दास ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया.
