‘सभी के लिए घर’ योजना का हाल

जलपाईगुड़ी: केन्द्र सरकार की योजना हाउस फॉर ऑल (सभी के लिए घर) के तहत खाता खोले जाने के बाद भी लाभार्थियों के बैंक खाते में एक रुपया भी जमा नहीं हुआ है. जिसकी वजह से गरीब लोग अपना घर नहीं बना पा रहे हैं. पहले चरण में सभी लाभार्थियों के बैंक खाते में 40-40 हजार […]

जलपाईगुड़ी: केन्द्र सरकार की योजना हाउस फॉर ऑल (सभी के लिए घर) के तहत खाता खोले जाने के बाद भी लाभार्थियों के बैंक खाते में एक रुपया भी जमा नहीं हुआ है. जिसकी वजह से गरीब लोग अपना घर नहीं बना पा रहे हैं. पहले चरण में सभी लाभार्थियों के बैंक खाते में 40-40 हजार रुपये दिये जाने की बात थी. 10 दिन पहले इसके लिए लाभार्थियों का खाता खोला गया. लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी एक रुपया जमा नहीं हुआ है. इसको लेकर तृणमूल संचालित जलपाईगुड़ी नगरपालिका विरोधियों के निशाने पर है.

विरोधी पार्षदों का आरोप है कि इस योजना के तहत जलपाईगुड़ी नगरपालिका को केन्द्र सरकार की ओर से नौ करोड़ रुपये दिये गये हैं. इसके बाद भी लाभार्थियों को प्रथम किस्त की रकम नहीं दी गयी है. यहां उल्लेखनीय है कि जलपाईगुड़ी नगरपालिका के सभी 25 वार्डों में गरीब लोगों को घर देने के लिए नगरपालिका ने इस अभियान की शुरुआत की थी. वर्ष 2022 तक केन्द्र सरकार की इस योजना के तहत सात हजार परिवारों को घर दिये जाने का लक्ष्य है. हरेक परिवार को तीन लाख 65 हजार रुपये से अपना घर बनाना होगा. इसमें से 25 हजार रुपये लाभार्थियों को खुद लगाना होगा. बाकी पैसे सरकार की ओर से दिये जायेंगे.

इस योजना के तहत लाभार्थियों की एक सूची भी बना ली गयी है. इन लोगों के बैंक एकाउंट भी खोल दिये गये हैं. लाभार्थियों ने अपने हिस्से की रकम 25 हजार रुपये इस खाते में जमा करा दी है. नगरपालिका को पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये इस बैंक खाते में जमा करने हैं. आरोप है कि केन्द्र सरकार से पैसे मिलने के बाद भी जलपाईगुड़ी नगरपालिका इस दिशा में कोई पहल नहीं कर रही है.

मोहम्मद अब्दुल, बासुदेव राय, सरला बानो सहित कई लाभार्थियों का कहना है कि सोमवार को भी उन्होंने अपने बैंक खाते की जांच की थी, जिसमें पैसे जमा नहीं हुए हैं. इधर, नगरपालिका सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हाउस फॉर ऑल योजना के तहत केन्द्र सरकार ने दो किस्तों में नौ करोड़ रुपये जलपाईगुड़ी नगरपालिका को दे दिया है. नगरपालिका अध्यक्ष की ओर से इसको लेकर 12 अगस्त को अधिसूचना भी जारी कर दी है. उसमें कहा गया है कि इस योजना के तहत घर बनाने के लिए पहले चरण में 25 लाभार्थियों की पहचान की गयी है. इन लोगों के खाते में पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये जमा कराये जायेंगे. उसके बाद भी खाताधारकों के बैंक एकाउंट में पैसे नहीं जमा कराये गये हैं.
माकपा पार्षद प्रमोद मंडल का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए जिन लाभार्थियों की सूची तैयार की गयी थी, उन्हें ही पैसे नहीं मिले हैं तो वर्ष 2016-17 के लाभार्थियों को कहां से पैसा मिलेगा. केन्द्र सरकार द्वारा पैसे दिये जाने के बाद भी नगरपालिका ने इसे क्यों रोक रखा है, इसकी जांच होनी चाहिए. कांग्रेस पार्षद अमलान मुंशी ने बताया है कि उन्होंने जब इस संबंध में खोज-खबर ली तो नगरपालिका की ओर से बताया गया है कि बालू-पत्थर मिलना बंद होने की वजह से ही लाभार्थियों के बैंक खाते में पैसे जमा नहीं कराये जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि यह बहानेबाजी के सिवा कुछ नहीं है. दूसरी ओर नगरपालिका के चेयरमैन इन काउंसिल पीडब्ल्यूडी विभाग के संदीप महतो ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि 25 वार्डों में 625 लोगों की सूची बनायी गयी है. इन सभी को 40-40 हजार रुपये दिये जायेंगे. इस मद में कुल ढाई करोड़ रुपये खर्च होंगे. तकनीकी कारणों की वजह से पैसे जमा कराने में देरी हो रही है. शुक्रवार तक सभी लाभार्थियों को पैसे दे दिये जायेंगे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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