विरोधी पार्षदों का आरोप है कि इस योजना के तहत जलपाईगुड़ी नगरपालिका को केन्द्र सरकार की ओर से नौ करोड़ रुपये दिये गये हैं. इसके बाद भी लाभार्थियों को प्रथम किस्त की रकम नहीं दी गयी है. यहां उल्लेखनीय है कि जलपाईगुड़ी नगरपालिका के सभी 25 वार्डों में गरीब लोगों को घर देने के लिए नगरपालिका ने इस अभियान की शुरुआत की थी. वर्ष 2022 तक केन्द्र सरकार की इस योजना के तहत सात हजार परिवारों को घर दिये जाने का लक्ष्य है. हरेक परिवार को तीन लाख 65 हजार रुपये से अपना घर बनाना होगा. इसमें से 25 हजार रुपये लाभार्थियों को खुद लगाना होगा. बाकी पैसे सरकार की ओर से दिये जायेंगे.
इस योजना के तहत लाभार्थियों की एक सूची भी बना ली गयी है. इन लोगों के बैंक एकाउंट भी खोल दिये गये हैं. लाभार्थियों ने अपने हिस्से की रकम 25 हजार रुपये इस खाते में जमा करा दी है. नगरपालिका को पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये इस बैंक खाते में जमा करने हैं. आरोप है कि केन्द्र सरकार से पैसे मिलने के बाद भी जलपाईगुड़ी नगरपालिका इस दिशा में कोई पहल नहीं कर रही है.
मोहम्मद अब्दुल, बासुदेव राय, सरला बानो सहित कई लाभार्थियों का कहना है कि सोमवार को भी उन्होंने अपने बैंक खाते की जांच की थी, जिसमें पैसे जमा नहीं हुए हैं. इधर, नगरपालिका सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हाउस फॉर ऑल योजना के तहत केन्द्र सरकार ने दो किस्तों में नौ करोड़ रुपये जलपाईगुड़ी नगरपालिका को दे दिया है. नगरपालिका अध्यक्ष की ओर से इसको लेकर 12 अगस्त को अधिसूचना भी जारी कर दी है. उसमें कहा गया है कि इस योजना के तहत घर बनाने के लिए पहले चरण में 25 लाभार्थियों की पहचान की गयी है. इन लोगों के खाते में पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये जमा कराये जायेंगे. उसके बाद भी खाताधारकों के बैंक एकाउंट में पैसे नहीं जमा कराये गये हैं.
उन्होंने कहा कि यह बहानेबाजी के सिवा कुछ नहीं है. दूसरी ओर नगरपालिका के चेयरमैन इन काउंसिल पीडब्ल्यूडी विभाग के संदीप महतो ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि 25 वार्डों में 625 लोगों की सूची बनायी गयी है. इन सभी को 40-40 हजार रुपये दिये जायेंगे. इस मद में कुल ढाई करोड़ रुपये खर्च होंगे. तकनीकी कारणों की वजह से पैसे जमा कराने में देरी हो रही है. शुक्रवार तक सभी लाभार्थियों को पैसे दे दिये जायेंगे.
