सिलीगुड़ी. देश की सुरक्षा में लगे सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के वोलेंटियरों ने केंद्र व राज्य सरकार को कठोर चेतावनी दी है. मंगलवार को एक पत्रकार सम्मेलन के माध्यम से दार्जिलिंग जिला एसएसबी वोलेंटियरों ने कहा कि यदि उन्हें रोजगार नहीं मिला, तो वे हथियार उठायेंगे. पत्रकारों को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया एसएसबी वोलेंटियर के दार्जिलिंग जिला अध्यक्ष समीर रंजन शील ने कहा कि पेट की भूख ना मिटने पर मनुष्य किसी भी हद को पार करने में सक्षम हो जाता है. कुछ ऐसी ही स्थिति उन लोगों की भी है.
उन्होंने बताया कि सीमा सुरक्षा बलों के साथ मिलकर काम करने के लिये एसएसबी वोलेंटियरों को तैयार किया जाता है. ये वोलेंटियर मुखबिरी से लेकर सरहद पर मर मिटने के लिये एक जवान की भांती तैयार रहते हैं. लेकिन वर्तमान में देश के तमाम एसएसबी वेलेंटियर बेरोजगार हैं. श्री शील के अनुसार, एसएसबी, बीएसएफ आदि वोलेंटियरों को एक सशस्त्र जवान की तरह ही तैयार करते हैं. मुखबिरी से लेकर कमांडो ट्रेनिंग तक दी जाती है. ताकि किसी भी परिस्थिति में ये वोलेंटियर सीमा सुरक्षा में लगी वाहिनी के साथ काम कर सकें.
वर्ष 1962 से लेकर 2002 तक पूरे देश में हजारों की संख्या में सिविक वोलेंटियरों को तैयार किया गया. लेकिन वर्तमान में तमाम वोलेंटियर बेरोजगार हैं. पेट की ज्वाला मनुष्य से कुछ भी करवा सकती है. ऐसी ही परिस्थिति में मणिपुर के एसएसबी वेलेंटियरों ने रोजगार ना देने पर हथियार उठाने की धमकी दी थी. उस समय अनेकों को उनकी सार्मथ्य के मुताबिक नौकरी मुहैया करायी गयी. अभी सिर्फ दार्जिलिंग जिले में एसएसबी वोलेंटियरों की संख्या छह हजार से अधिक है, जबकि पूरे देश में चालीस हजार के करीब एसएसबी वोलेंटियर हैं. भारत के अंतराष्ट्रीय सीमांत से सटे कई राज्यों में एसएसबी वोलेंटियर मौजूद हैं.
श्री शील ने कहा कि बेरोजगारी के इन हालातों में परिवार और अपना पेट भरना मुश्किल हो रहा है. केंद्र व राज्य सरकार अविलंब हमारी मांग पूरी नहीं करेगी को उग्रपंथ को अपना कर हथियार उठाने के अलावा अन्य कोई चारा नहीं है. मंगलवार को प्रेस क्लब ऑफ नॉर्थ बंगाल में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में जिला एसएसबी वोलेंटियर के पदाधिकारी सहित काफी सदस्य उपस्थित थे.
