कुछ दिन पहले ही अर्चना देवी की मां मीरा देवी (75) इनके घर घूमने आयी थीं. इस परिवार को इलाके के रसूखदारों में जाना जाता है. साहा परिवार के पास काफी जमीन-जायदाद है. इसके अलावा निर्यात और जमीन-जायदाद खरीदने-बेचने का कारोबार भी है. कुछ दिन पहले ही अर्चना देवी अपने एक रिश्तेदार के साथ तीर्थ करने मध्यप्रदेश गयी हुई थीं. पति के निधन के बाद अर्चना देवी और उनका बेटा शुभजीत ही सारा कामकाज संभालते हैं. पूर्वपाड़ा गांव में घुसने के साथ ही इनका बड़ा दो मंजिला घर है.
राधा-कृष्ण की प्रतिमा गहने और रुपये लूटे
मालदा. बुर्का पहनकर हथियारबंद बदमाश घर में घुसे और 15 लाख रुपये से अधिक के जेवर और एक लाख रुपये नकद लूटकर चले गये. गुरुवार रात करीब एक बजे यह घटना मालदा शहर से 20 किलोमीटर दूर हबीबपुर थाने की बुलबुलचंडी ग्राम पंचायत के पूर्वपाड़ा इलाके में घटी. बताया जाता है कि डकैती के समय […]

मालदा. बुर्का पहनकर हथियारबंद बदमाश घर में घुसे और 15 लाख रुपये से अधिक के जेवर और एक लाख रुपये नकद लूटकर चले गये. गुरुवार रात करीब एक बजे यह घटना मालदा शहर से 20 किलोमीटर दूर हबीबपुर थाने की बुलबुलचंडी ग्राम पंचायत के पूर्वपाड़ा इलाके में घटी. बताया जाता है कि डकैती के समय बदमाशों ने घर के एक पुरुष सदस्य और तीन महिला सदस्यों को खाट से बांध दिया था. उनके साथ मारपीट भी की गयी.
डकैती के बाद बदमाशों के भाग जाने के करीब पौन घंटे बाद पड़ोसियों ने खाट से बंधे साहा परिवार के लोगों को मुक्त कराया. इसके बाद हबीबपुर थाने की पुलिस खबर पाकर घटनास्थल पर पहुंची. घर के इकलौते पुरुष सदस्य शुभजीत साहा ने पुलिस के पास लिखित शिकायत दर्ज करायी है.
शुभजीत ने कहा कि उनके ठाकुरघर (पूजाघर) से बदमाश चांदी की पांच किलो की राधा-कृष्ण की मूर्ति, गोपाल ठाकुर की प्रतिमा पर सजे तीन भरी सोने के गहने, तीन भरी की सोने की बांसुरी लूट ले गये. डकैतों ने आलमारी तोड़कर सोने-चांदी के अन्य गहने और नकदी ले गये. पुलिस ने बताया कि पूर्वपाड़ा इलाके के निवासी स्वर्गीय विजन साहा के परिवार में उनकी पत्नी अर्चना देवी, दो बेटियां ताम्पी साहा (26) व माम्पी साहा (24) और एक बेटा शुभजीत साहा (23) है.
पुलिस ने बताया कि गुरुवार रात को 10-12 हथियारबंद डकैत घर के पीछे की चहारदीवारी से लगे बाथरूम की छत से होते हुए भीतर घुसे. नीचे के कमरे में मौजूद मीरा देवी और उनकी नातिन ताम्पी साहा के कमरे का दरवाजा डकैतों ने तोड़ दिया. इसके बाद चीख-पुकार सुन शुभजीत और उसकी बहन माम्पी साहा नीचे भागकर आये. बदमाशों ने इन्हें एक कमरे में करके गमछा, कपड़ा आदि की मदद से इनके हाथ पीछे करके खाट से बांध दिया. इसके बाद उन्होंने लूटपाट शुरू कर दी.
शुभजीत साहा ने बताया कि घर के भीतर पांच-छह डकैत घुसे थे, जबकि छह-सात डकैत बाहर थे. घर के अंदर जो डकैत घुसे, सभी बुर्का पहने हुए थे. इसलिए उनका चेहरा हम लोग ठीक से नहीं देख पाये. वे कुछ बोल नहीं रहे थे. उनके पास इस बात की पूरी जानकारी थी कि कमरे की चाबी कहां है, ठाकुरघर कहां है. दो बदमाश हमारी तरफ बंदूक ताने हुए थे. गुहार लगाने पर गोली मार देने की धमकी दे रहे थे. 20-25 मिनट में लूटपाट करके घर को बाहर से बंद करके डकैत भाग गये. जाते समय वे हमारे चार मोबाइल भी लिये गये. जिस कमरे में पूरे परिवार को बंद करके रखा गया था, उसी कमरे के बेड के तकिये के नीचे शुभजीत का एक मोबाइल रखा हुआ था. शुभजीत ने किसी तरह से खुद को खाट से छुड़ाया और मोबाइल से अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को फोन किया. इसके बाद इलाके के लोग वहां पहुंचे और रात करीब ढाई बजे दरवाजा तोड़कर परिवार को बाहर निकाला.
साहा परिवार के एक पड़ोसी व मालदा जिला परिषद के तृणमूल सदस्य प्रभात चौधरी ने कहा कि मैंने अपने 50 साल के जीवन में ऐसी डकैती नहीं देखी. शुभजीत के परिवार को डकैत निशाना बनायेंगे, हमने कभी ऐसा सोचा नहीं था. संतोष की बात है कि परिवार के किसी सदस्य को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा है.
पुलिस ने कहा कि डकैती की इस घटना से घर का कोई परिचित जुड़ा लगता है. आखिर बदमाशों को आलमारी की चाबी, ठाकुरघर के वगैरह के बारे में पहले से जानकारी कैसे थी? इस घटना के स्थानीय बदमाशों के संलिप्त होने पर संदेह किया जा रहा है.