मालदा. मालदा जिला परिषद के बाद मानिकचक पंचायत समिति पर भी तृणमूल कांग्रेस ने कब्जा करने की तैयारी कर ली है. शुक्रवार को दिन के एक बजे मालदा के सदर महकमा शासक संदीप नाग को तृणमूल के 13 तथा माकपा के एक पंचायत समिति सदस्य ने चिट्ठी दी है. फिलहाल मानिकचक पंचायत समिति पर माकपा का कब्जा है. अध्यक्ष माकपा की राखी मंडल हैं. इस पंचायत समिति में सदस्यों की कुल संख्या 31 है.
जिनमें से वाम मोरचा के 15, कांग्रेस के 3 तथा तृणमूल के 13 सदस्य हैं. कुल 18 सदस्यों के समर्थन के साथ वाम मोरचा का इस पंचायत समिति पर कब्जा है. कांग्रेस के तीनों सदस्य वाम मोरचा का समर्थन कर रहे हैं. इसी के विरोध में तृणमूल ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है. इसमें माकपा के एक सदस्य के भी हस्ताक्षर होने से राजनीतिक खलबली मची हुई है. तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि माकपा के एक सदस्य के उनके पाले में आने से पंचायत समिति में वर्तमान बोर्ड अल्पमत में है. इसी को लेकर उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है. मानिकचक के तृणमूल ब्लॉक अध्यक्ष सुनंद मजूमदार का कहना है कि पंचायत समिति पर तृणमूल का कब्जा तय है. अविश्वास प्रस्ताव पर शीघ्र ही मतदान की तिथि निर्धारित करने का आश्वासन महकमा शासक ने दिया है.
दूसरी तरफ माकपा के जिला सचिव अंबर मित्र का कहना है कि मानिकचक पंचायत समिति में तृणमूल कांग्रेस द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोई जानकारी नहीं है. उनकी पार्टी के किसी सदस्य के तृणमूल में जाने की भी खबर उन्हें नहीं है. पूरे राज्य में तृणमूल कांग्रेस विरोधियों सदस्यों को अपनी पार्टी में शामिल करने में लगी है. मालदा भी राज्य से बाहर नहीं है. डर एवं लोभ देकर पंचायत सदस्यों को तोड़ा जा रहा है. लोकतंत्र के लिए यह सही नहीं है और आम लोग भी इसका जवाब देंगे. मानिकचक ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अभिजीत मिश्र को हालांकि तृणमूल द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाने की जानकारी है. उन्होंने कहा कि जिला परिषद की तरह ही मानिकचक पंचायत समिति पर भी तृणमूल कब्जा करना चाहती है.
भारी भरकम रुपये देकर विरोधी पार्षदों को खरीदा जा रहा है. इससे लोकतंत्र को नुकसान हो रहा है. पंचायत समिति में विरोधी दल के नेता तृणमूल कांग्रेस के राजकुमार मंडल का कहना है कि गठबंधन के सत्ता में आने के बाद से ही मानिकचक में विकास का काम रूक गया है. उन्होंने वाम मोरचा तथा कांग्रेस गठबंधन के बोर्ड पर भाई-भतीजावाद करने के साथ ही घोटाले का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उन्हीं के सदस्य इस बात को नहीं मान पा रहे थे और कई लोग अपनी पार्टी छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं. माकपा के एक पंचायत सदस्य गोपाल मंडल तृणमूल में आ चुके हैं. और भी कई सदस्य आने की तैयारी में हैं.
क्या कहती हैं सावित्री मित्रा
इस मुद्दे पर मानिकचक की पूर्व तृणमूल विधायक सावित्री मित्रा का कहना है कि गठबंधन के कब्जे में पंचायत समिति होने की वजह से यहां कोई काम नहीं हो रहा है. सरकारी रुपये की हेराफेरी हो रही है. गठबंधन के पंचायत सदस्य ही अपनी पार्टी छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं.
एसडीओ को मिली चिट्ठी
मालदा के एसडीओ संदीप नाग ने बताया है कि उन्हें पंचायत समिति के अविश्वास प्रस्ताव लाने संबंधी चिट्ठी मिल गई है. पंचायत कानून के तहत वह शीघ्र ही इस पर निर्णय करेंगे.
