पहाड़ पर फिर शुरू हुआ बवाल

युवा मोरचा ने निकाली रैली प्राण देकर भी अलग राज्य लेकर रहेंगे दूसरे दिन सात नये लोग हुए शामिल दार्जिलिंग : अलग गोरखालैंड राज्य बनाने की मांग को लेकर दार्जिलिंग पहाड़ पर एक बार फिर से बवाल शुरू हो गया है. इसबार गोजमुमोन ने अपने आंदोलन में थोड़ा बदलाव किया है. इसबार केंद्र सरकार के […]

युवा मोरचा ने निकाली रैली
प्राण देकर भी अलग राज्य लेकर रहेंगे
दूसरे दिन सात नये लोग हुए शामिल
दार्जिलिंग : अलग गोरखालैंड राज्य बनाने की मांग को लेकर दार्जिलिंग पहाड़ पर एक बार फिर से बवाल शुरू हो गया है. इसबार गोजमुमोन ने अपने आंदोलन में थोड़ा बदलाव किया है. इसबार केंद्र सरकार के खिलाफ भी आंदोलन हो रहा है.गोरखा जनमुक्ति युवा मोरचा ने गुरूवार को शहर में विराट रैली निकाली.शहर के रेलवे स्टेशन और सिंहमारी से निकाली रैली ने शहर की परिक्रमा की और चौक बाजार पहुंची.यहां एक जनसभा का अयोजन किया गया.
इस जनसभा को सम्बोधित करते हुये युवा मोरचा के केन्द्रीय प्रवक्ता अमृत योन्जन ने कहा कि भारतीय गोरखा सौ साल से भी अधिक समय से अलग गोरखालैंड राज्य बनाने की मांग करते आ रहे हैं.उसके बाद भी न्याय नहीं मिला है.अलग राज्य की मांग को लेकर उन्होंने राज्य सरकार के साथ ही केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा.उन्होंने कहा गोरखालैंड बनाने का भरोसा देने के बाद गोजमुमो ने वर्ष 2009 और 2014 में भाजपा को दो -दो बार सांसद की सीट दी. इस वक्त केन्द्र में भाजपा के पूर्ण बहुमत की सरकार है.
अब भाजपा को अलग राज्य बनाने के लिए एक कमेटी का गठन करना चाहिए. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार ऐसा नहीं करती तो पहाड़ पर आग लगेगी. भारतीय गोरखाओ ने देश की आजादी के आन्दोलन से लेकर आज तक देश की सुरक्षा में अपने प्राणों की बलि दी है. गोरखा अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा तथा पहचान के लिए गोरखालैंड की मांग कर रहे हैं. गोरखाओं की कोइ राजनीतिक सुरक्षा नहीं है. उन्हें विदेशी कहा जाता है.
वह लोग कोइ अलग देश नहीं मांग रहे हैं. देश के अंदर राज्य मांगना उनका हक और अधिकार है.उन्होंने आगे कहा कि गोरखालैंड की मांग को दबाने के लिए साजिश की जा रही है.कोइ भी साजिश वह लोग सफल नहीं होने देंगे. जान देकर भी अलग राज्य लेकर रहेंगे.उन्होंने पहाड़ पर विपक्ष को भी कड़ी चेतावनी दी और कहा कि यदि कोइ मांग में बाधक होता है तो उसके खिलाफ वहलोग कड़ा आंदोलन करेंगे आज की जनसभा को निचल राइ,अवनिश राइ आदि ने भी संबोधित किया. इसबीच,अलग राज्य की मांग को लेकर गोरखा जनमुक्ति विद्धार्थी मोरचा के क्रमिक अनशन के दूसरे दिन सात लोग शामिल हुए.
केन्द्रीय उपाध्यक्ष भाष्कर राइ, प्रवक्ता सन्दीप छेत्री,प्रवेश राइ,सागर तामांग,नवीन छेत्री,राजू छेत्री और दीपेश बराइली अनशन पर बैठ गए. इनलोगों का मोरचा के सह सचिव विनय तामांग ने खादा पहनाकर स्वागत किया. इससे पहले कल बुधवार से अनशन पर बैठे लोगों को श्री तामांग ने फल का रस पिलाकर अनशन खत्म कराया. इस दौरान पत्रकारों को सम्बोधित करते हुये श्री तामांग ने कहा कि अभी 24 घंटे का रिले अनशन है. इसके बाद भी केन्द्र की भाजपा सरकार गोरखालैंड बनाने की पहल शुरू नहीं करती है तो आमरण अनशन किया जायेगा. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि गोजमुमो नेताओं को तोड़ने की कोशिश हो रही है,लेकिन इससे कोइ फायदा नहीं होगा.
गोजमुमो की ताकत कम नहीं होगी. उन्होंने कहा कि गोजमुमो के लिय नगरपालिका या अन्य चुनाव कोई मायने नहीं रखता. मोरचा का मुख्य लक्ष्य अलग गोरखालैंड राज्य है. गोरखालैंड को लेकर वह सभी प्राण देने को भी तैयार हैं. दार्जिलिंग के बाद गोरखालैंड की मांग को लेकर कर्सियांग में विमो ने क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है. जबकि कालिम्पोंग में पहले से ही अनशन जारी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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