नाई ने हजामत बनाने आये युवक के सीने में मारी कैंची
सिलीगुड़ी: हजामत बनाने के लिये आमतौर पर लोग नाइ की दुकान पर जाते हैं,लेकिन एक नाई ने हजामत बनाने आए युवक को अस्पताल पहुंचा दिया है. दाड़ी बनाने के लिये दुकान पर पहुंचे एक युवक की छाती मे नाइ ने कैंची घुसेड़ दिया. कैंची का नुकीला अगला भाग युवक की छाती में ही टूट कर […]
सिलीगुड़ी: हजामत बनाने के लिये आमतौर पर लोग नाइ की दुकान पर जाते हैं,लेकिन एक नाई ने हजामत बनाने आए युवक को अस्पताल पहुंचा दिया है. दाड़ी बनाने के लिये दुकान पर पहुंचे एक युवक की छाती मे नाइ ने कैंची घुसेड़ दिया. कैंची का नुकीला अगला भाग युवक की छाती में ही टूट कर अटक गया है.
यह घटना सिलीगुड़ी नगर निगम के वार्ड नंबर 46 के अधीन प्रधान नगर थाना अंतर्गत चंपासारी इलाके के आनंदमयी कॉलोनी की है. घटना के बाद ही स्थानीय लोगों ने पीड़ित को सिलीगुड़ी जिला अस्पताल मे भरती कराया. प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल रेफर कर दिया है. पीड़ित युवक की स्थिति नाजुक है. परिवार उसकी चिकित्सा के लिये मारा-मारा फिर रहा है.
मंगलवार की सुबह चंपासारी के आनंदमयी कॉलोनी निवासी मदन शर्मा का 22 वर्षीय पुत्र नीतेश शर्मा निकटवर्ती एक नाइ दुकान पर हजामत बनाने के लिये पहुंचा. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नीतेश के दुकान पर पहुंचने के बाद दोनों के बीच नोक-झोंक शुरू हो गयी. समय के साथ विवाद बढ़ता चला गया. उसके बाद दोनों के बीच हाथापाइ होने लगी.नाइ ने नीतेश पर कैंची से हमला कर दिया. जिसमें वह बुरी तरह से घायल हो गया. नीतेश के पिता मदन शर्मा ने बताया कि बेटा सुबह दाढ़ी बनाने के लिये नाइ की दुकान पर गया था. दुकान पर नाइ के साथ उसकी किसी बात को लेकर बकझक हो गयी. नाइ ने उस पर कैंची से हमला कर दिया. कैंची का नुकीला भाग नीतेश के सीने में टूट कर अटक गया है. घटना की जानकारी मिलने के साथ उसे सिलीगुड़ी जिला अस्पताल में भरती कराया गया. प्राथमिक उपचार के बाद वहां के चिकित्सकों ने उसे उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. इसके बाद उसे माटिगाड़ा के एक निजी नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया है.
ऑपरेशन के लिये अस्पताल ने ढ़ाई लाख रूपए का खर्च बताया है. उन्होंने बताया कि परिवार काफी आर्थिक तंगी से गुजर रहा है. इतनी बड़ी रकम का इंतजाम करना उनके लिए मुश्किल है. फिर भी बेटे को बचाने के लिये रकम का इंतजाम करना जरूरी है और वे पूरा प्रयास कर रहे हैं. खबर लिखे जाने तक पीड़ित परिवार ने प्रधान नगर थाने में नाइ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी है. इस संबंध में मदन शर्मा ने कहा कि बेटे को बचाना एफआइआर से ज्यादा जरूरी है.