हाथियों ने मनायी एक दिन की छुट्टी
जलपाईगुड़ी. एक दिन की छुट्टी मनाने के बाद वन विभाग के पालतू हाथी काम पर लौट गये हैं. शनिवार की सुबह से ही सभी पालतू हाथी अपने-अपने काम में जुट गये. इससे पहले कल शुक्रवार को विश्व हाथी दिवस के अवसर पर गोरूमारा वन्य प्राणी विभाग के अधीन धूपझोड़ा एलिफेंट कैंप के सभी पालतू हाथियों […]
जलपाईगुड़ी. एक दिन की छुट्टी मनाने के बाद वन विभाग के पालतू हाथी काम पर लौट गये हैं. शनिवार की सुबह से ही सभी पालतू हाथी अपने-अपने काम में जुट गये. इससे पहले कल शुक्रवार को विश्व हाथी दिवस के अवसर पर गोरूमारा वन्य प्राणी विभाग के अधीन धूपझोड़ा एलिफेंट कैंप के सभी पालतू हाथियों को विश्व हाथी दिवस के अवसर पर एक दिन की छुट्टी दी गई थी. छुट्टी के क्रम में वन विभाग के कर्मचारी इन हाथियों की आवभगत में जुटे रहे.
प्रतिदिन से अलग इस दिन हाथियों के खाने-पीने की विशेष व्यवस्था की गई थी. वन्य क्षेत्र में घुमने आने वाले पर्यटकों ने भी इन हाथियों को जमकर दुलार-प्यार किया. सूर्या, मतीरानी, अमन, तीस्ता, राजा एवं बसंत नाम के ये हाथी पर्यटकों से मिले दुलार-प्यार की पूरा आनंद लिया. कई पर्यटक इन हाथियों को नहवाने में जुटे थे.
हालांकि इस दौरान हाथियों का गुस्सा न भड़के, इसके लिए भी वन विभाग के कर्मचारियों ने विशेष व्यवस्था कर रखी थी. जलपाईगुड़ी के गोरूमारा राष्ट्रीय उद्यान, चप्रामारी अभयारण्य तथा कूचबिहार के जलदापाड़ा राष्ट्रीय उद्यान के सभी हाथियों को विश्व हाथ दिवस के मौके पर सरकारी छुट्टी दी गई थी. अभी यहां के वन क्षेत्र बंद हैं. 15 सितंबर से जंगलों को खोल दिया जायेगा. इसलिए अभी जो पर्यटक यहां आते हैं वह धूपझोड़ा कैंप में ही हाथियों को देख सकते हैं.
आम तौर पर पालतू हाथियों को पर्यटक को पीठ पर बैठा कर घुमाना, जंगल से खाद्य पदार्थों का संग्रह करना तथा जंगली हाथियों को खदेड़ने आदि का काम करना पड़ता है. शुक्रवार को इन हाथियों को ऐसा कोई काम नहीं करना पड़ा. सुबह से ही सभी हाथी पिलखाना में आराम करते रहे. बाद में इन हाथियों को स्नान करने के लिए नदी में ले जाया गया. नदी किनारे काफी संख्या में पर्यटक भी पहुंचे हुए थे. महावतों के साथ-साथ कई पर्यटकों ने भी मूर्ति नदी में इन हाथियों को स्नान करवाया.
क्या कहते हैं पर्यटक
पर्यटक सुष्मिता एवं सुमिता भट्टाचार्य का कहना है कि विश्व हाथी दिवस के अवसर पर हाथियों को प्यार-दुलार कर उन्हें काफी खुशी हो रही है. जानवर भी तो प्राणी ही होते हैं. इन्हें भी तो छुट्टी चाहिए.
क्या-क्या मिला खाना
आम तौर पर पालतू हाथियों को चावल, दाल एवं काला नमक खाने के लिए दिया जाता है. छुट्टी के दिन इन हाथियों के खाने के विशेष व्यवस्था की गई थी. इसके अलावा हाथी जितनी मर्जी खा सकते थे. चावल,दाल के अलावा सेव तथा केले की भी व्यवस्था की गई थी.
क्या कहती हैं वन अधिकारी
वन अधिकारी सुनिता घटक एवं गोरूमारा वन्य प्राणी विभाग के डीएफओ निशा गोस्वामी का कहना है कि विश्व हाथी दिवस के अवसर पर छुट्टी देने के साथ ही हाथियों को विशेष सुविधाएं दी गई है. हाथी संरक्षण की दिशा में इस तरह के कदम उठाये जा रहे हैं.